fbpx Press "Enter" to skip to content

इंटरनेट डाटा पर टेलीकॉम कंपनियों की मार, 80 प्रतिशत तक महंगे हो सकते है प्लान

नई दिल्ली : इंटरनेट का उपयोग लॉकडाउन में घर पर वक़्त बिताने का एकमात्र विकल्प

रह गया है। बिना इंटरनेट तो वैसे ही दुनिया अधूरी बन चुकी है और कोरोना के कारण

लॉकडाउन का यह समय अत्याधिक महत्वपूर्ण श्रेणी में आ चुका है। प्रतिदिन मोबाइल

डेटा की खपत में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी जा रही है। जो औसतन खपत से कहीं

ज्यादा है। चूंकि सभी लोग अपने घरों में मौजूद हैं, नतीजतन सोशल नेटवर्किंग पर लोग

ज्यादा वक़्त बीता रहे है और अन्य कई एप्लिकेशन का उपयोग भी इंटरनेट के माध्यम से

कर रहे है। जिसमें घर से कार्य करने वाले भी शामिल है जो दिनभर इंटरनेट के उपयोग से

अपने कार्य कर पा रहे है और वक़्त बिताने के लिए भी ज्यादा उपयोग की जा रही है।

आईसीआईसीआई सिक्यॉरिटीज के रिपोर्ट में हुई पुष्टि

इन बातों की पुष्टि करते हुए आईसीआईसीआई सिक्यॉरिटीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है

कि एक यूजर का औसत मासिक डेटा यूसेज काफी ज्यादा है, जबकि उसकी वास्तविक

आवश्यकता काफी कम है। जिससे संबंधित टेलीकॉम कोंपनियों पर डाटा का खर्च ज्यादा

आ रहा है। इस मामले पर टेलिकॉम कंपनियों ने भी अपना स्टैंड रखा है और टेलीकॉम

रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) से डेटा प्राइस में 5 गुना बढ़ोतरी की मांग की है।

साथ ही मिनिमम सब्सक्रिप्शन चार्जेस और वॉइस कॉल के लिए एक निश्चित दर तय

करने की भी मांग रखी गई है। रिलायंस जियो ने विडियो ऑन डिमांड और अन्य ऐप्स के

लिए अलग चार्जेस की मांग की है।

सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अनुसार डाटा का खपत

वहीं तीनों प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों, भारती एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन

आइडिया के प्रतिनिधित्वकर्ता सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के डायरेक्टर

जनरल राजन मैथ्यूज ने डाटा उपयोगिता के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वीडियो

स्ट्रीमिंग के एचडी से एसडी फॉर्मेट में शिफ्ट होने के बाद भी मोबाइल डाटा की खपत में 20

प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई हैं, हालांकि यह पहले की तुलना में 10 प्रतिशत कम ही है।

मोबाइल नेटवर्क पर इन दिनों बढ़े दबाव को कम करने के लिए सेल्युलर ऑपरेटर्स

एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने दूरसंचार विभाग से अधिक स्पेक्ट्रम की मांग की है।

रिलायंस जियो की अलग से मांग

डाटा संबंधित टेलिकॉम कंपनियाँ अपनी-अपनी रिपोर्ट तैयार कर प्रस्ताव पेश कर रही है।

बता दें कि रिलायंस जियो की जारी रिपोर्ट में मोबाइल डाटा की कीमत 20 रुपये प्रति जीबी

रखने का प्रस्ताव पेश किया गया है तो वहीं वोडाफोन ने यह कीमत 35 रुपये प्रति जीबी

रखने की सलाह दी है। टेलिकॉम कंपनी के अनुसार अगर टेलिकॉम रेग्युलेटर (ट्राई) इन

मांगों को स्वीकार कर लेता है तो 1 जीबी प्रतिदिन और 1.5 जीबी प्रतिदिन जैसे प्रीपेड और

पोस्टपेड प्लान्स की कीमत में 60 से 80% तक बढोत्तरी कर दी जाएगी। रिलायंस जियो

ने वैल्यू एडेड सर्विस के लिए चार्ज प्रस्तावित करने के साथ-साथ ऑपरेटरों को ऐसे सेग्मेंट

से कमाई करने का एक बड़ा अवसर दिखाया है जहां से अभी कोई मुनाफा नहीं हो रहा।

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!
Open chat