fbpx Press "Enter" to skip to content

शीत काल के पहले बांग्लादेश में कोरोना का असर घट जाएगाः डॉ बिजन शील

अमीनुल हक

ढाकाः शीत काल के पहले ही देश में कोरोना का संकट बहुत कम हो जाएगा। यह जानकारी

दी है बांग्लादेश के स्थापित अणुविज्ञानी डॉ बिजन कुमार शील ने ।अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर

भी डॉ शील को अपने काम और ज्ञान की वजह से अलग ख्यातिप्राप्त है। उन्होंने

बांग्लादेश के मौसम और यहां के खान पान का हवाला देते हुए इस संकट के घट जाने का

यह अनुमान व्यक्त किया है। डॉ शील ने कहा कि जैसे जैसे तापमान घटेगा, हवा में इसके

कणों के फैसले की गति भी धीमी हो जाएगी। साथ ही बांग्लादेश के खान पान में जिन

मसालों का व्यवहार होता है, उनमें हल्दी का भी इस्तेमाल होता है। इस वजह से सामान्य

भोजन करने वाले स्थानीय लोगों के शरीर में जो प्रतिरोधक शक्ति पहले से विकसित होती

है, वह यूरोप के इलाकों में नहीं है। यूरोप के लोग ऐसे मसालों का इस्तेमाल नहीं करते।

डॉ शील ने कहा कि बांग्लादेश में कोरोना संक्रमण के साथ साथ अनेक लोगों के शरीर में

स्वाभाविक तौर पर एंटीबॉडी का निर्माण हो चुका है। इसलिए जैसे जैसे मौसम बदलेगा,

कोरोना का असर भी कम होता चला जाएगा। बांग्लादेश में कोरोना का पहला मामला 8

मार्च को पकड़ में आया था। इसके दस दिनों के भीतर एक व्यक्ति की कोरोना से मौत हुई

थी। उसके बाद देश में तेजी से कोरोना फैलता चला गया था। डॉ शील ने कहा कि उस

दौरान यहां का मौसम काफी गर्म था। साथ ही बांग्लादेश की भौगोलिक परिस्थितियों की

वजह से वातावरण में नमी बहुत अधिक थी। इस अवस्था में इंसान की प्रतिरोधक क्षमता

वैसे ही कम हो जाती है।

शीत काल के पहले मौसम भी बहुत बदल जाएगा

इसके अलावा अनेक लोगों ने बचाव के प्रावधानों को गंभीरता से नहीं लिया था। यहां तक

कि बकरीद में भी लोगों ने कोरोना से बचाव के नियमों को ताक पर रख दिया था। इससे

वायरस को फैलने में मदद मिली है। इसी लापरवाही का नतीजा है कि 168 दिनों के बाद

देश में एक दिन में 2265 लोग संक्रमित पाये गये हैं। इस एक दिन के आंकड़ों के मिलाकर

बांग्लादेश में कुल संक्रमितों की संख्या 2 लाख 92 हजार 625 हो चुकी है। इसमें से तीन

हजार 907 लोगों की मौत हुई है। डॉ शील के मुताबिक कोरोना का संक्रमण फैल अवश्य

रहा है लेकिन समय के साथ साथ इस इलाके में उसकी मारक क्षमता तेजी से कम होती

जा रही है


 

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from HomeMore posts in Home »
More from जेनेटिक्सMore posts in जेनेटिक्स »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from बांग्लादेशMore posts in बांग्लादेश »

Be First to Comment

Leave a Reply