fbpx Press "Enter" to skip to content

चौदह दिन बाद भी असर डाल रहा है कोरोना का संक्रमण

  • कोविड 19 वायरस के हमले का तरीका थोड़ा अब बदला है

  • मरीज को पता भी नहीं चल पा रहा कि वह संकट में है

  • वुहान से लौटे लोगों ने दुनिया में संक्रमण फैला दिया

  • बीमारी छिपाने के लिए लोगों ने धोखाधड़ी की थी

प्रतिनिधि

नईदिल्लीः चौदह दिन बाद भी आप और हम अप्रत्याशित रुप से कोरोना पीड़ित हो सकते

हैं। लगातार बदलते घटनाक्रमों के बीच अब वैज्ञानिकों ने इस बात का पता लगाया है।

पहले इसके चार से पांच दिन के भीतर ही हमला करने के लायक समझा गया था। वैसे

समझा जाता है कि कोरोना वायरस के स्वरुपम  अब तक वैसे बदलाव नहीं हुए हैं। इसी

वजह से वैज्ञानिकों को इसकी दवा अथवा वैक्सिन बनाने में मदद मिल रही है। फिर भी

इसके मारक असर की समयसीमा बढ़ने से चिंता अवश्य बढ़ी है। खासकर भारत जैसे घनी

आबादी वाले देशों में इतने दिनों के बाद असर होना ज्यादा खतरनाक है क्योंकि अपनी

दैनिक दिनचर्या के बीच अपने बचाव के तौर तरीकों पर ढील देने वाला इंसान को पता ही

नहीं चल पाता कि वह कब इस जानलेवा वायरस की चपेट में आ गया है। सामान्य किस्म

के लक्षण नजर आने के बाद बी वह अथवा उसके आस पास के लोग यह नहीं समझ पाते हैं

कि यह दरअसल कोरोना वायरस का प्रभाव है, जो इतने दिनों के बाद असरदार हो रहा है।

बचाव के प्रति सावधान नहीं होने की वजह से भी लोगों को इसके प्रभाव में आने का पता

देर से चलता है क्योंकि इतने दिनों बाद भी कोरोना का संक्रमण हो सकता है, यह बात

किसी के जेहन में नहीं रहती।

चौदह दिन तक सावधान रहने से चूक हुई तो खतरा

वैज्ञानिकों ने पता लगाया कोविड 19 वायरस के हमले का तरीका बदला हैजब इस वैश्विक महामारी का प्रकोप फैलना प्रारंभ हुआ था तो प्रारंभिक अवस्था में चार से

पांच दिन से यह बढ़कर आठ दिन तक जा पहुंचा था। यानी संक्रमण के आठ दिन बाद वैसे

घातक लक्षण नजर आते थे, जो कोरोना मरीज होने का संकेत किसी आम आदमी को देते

हैं। अब यह बढ़कर 14.28 दिन तक जा पहुंचा है। वैसे महज दस प्रतिशत मरीजों में ही यह

बात देखी गयी है कि उनमें संक्रमण का स्पष्ट लक्षण चौदह दिन नजर आया है। शेष लोगों

को इससे पहले ही कोरोना होने का पता चल जाता है।

इस बारे में एक लेख जर्नल साइंस एडवांसेज में प्रकाशित किया गया है। इस शोध के पूरा

करने के लिए इस वायरस के विस्तार के मूल केंद्र यानी चीन के वुहान शहर के आंकड़ों को

इसमें शामिल किया गया है। वैसे लोगों की पहचान की गयी है जो वुहान में कोरोना

विस्फोट होने के ठीक पहले वहां से चले आये थे। ऐसे लोगों ने ही बाद में अपने आस पास

के लोगों तक इस संक्रमण को पहुंचाया था। वुहान से आने वाले लोगों को खुद भी यह पता

नहीं था कि वे एक खतरनाक वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। लेकिन उसकी वजह से यह

वायरस दुनिया के अन्य देशों तक फैलता चला गया है। वुहान से लौटने वालों में जब तक

संक्रमण के लक्षण नजर आये तब तक अपने संपर्क में आने वालों के माध्यम से वे अनेक

लोगों तक इस वायरस को पहुंचा चुके थे। आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर ऐसे 1084

लोगों की पहचान हुई है, जिनके माध्यम से कोरोना संक्रमण अन्यत्र जा पहुंचा था।

शोध में वायरस फैलाने वाले 1084 लोग पहचाने गये

भारत की बात करें तो यहां भी यह वायरस विदेश से आने वालों के माध्यम से ही फैला।

इनमें से कई लोगों को हवाई जहाज में बुखार होने तथा हवाई अड्डे पर जांच होने की

सूचना थी। जांच और क्वारेंटीन होने से बचने के लिए इनलोगों ने सामान्य बुखार की दवा

खा ली। इस वजह से वे जांच में नहीं पकड़े गये और भीड़ में जाने के बाद दूसरों तक

संक्रमण फैलाते रहे। वैसे भारत में इस दौरान जो चाटर्ड फ्लाइट से लोग आये थे, उनके

माध्यम से ज्यादा संक्रमण फैला था लेकिन उनकी तो जांच भी नहीं हुई थी। महानगरों में

इसका असर अधिक होने की वजह भी ये सारे हवाई यात्री ही थे। वैसे प्रारंभिक अवस्था में

दिल्ली में तबलीगी जमात के माध्यम से भी कोरोना फैलने की बात आयी थी। यह

संक्रमण मलेशिया से आया था। इस अवधि विस्तार की जानकारी हासिल कर लेने के बाद

अब वैज्ञानिक यह भी जांच रहे हैं कि चौदह दिनों के संक्रमण के दौरान वायरस अपने

स्वरुप में क्या कुछ बदलाव कर रहा है। लेकिन वैज्ञानिक इस बात पर एकमत हैं कि अगर

किसी को संक्रमण की आशंका हो और वह खुद को चौदह दिनों तक दूसरों से दूर रखे तो

संक्रमण को और आगे फैलने से तेजी से रोका जा सकता है


 

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from कोरोनाMore posts in कोरोना »
More from जेनेटिक्सMore posts in जेनेटिक्स »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from पर्यटन और यात्राMore posts in पर्यटन और यात्रा »
More from स्वास्थ्यMore posts in स्वास्थ्य »

2 Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!