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कोरोना अचानक राज्य में बड़ी चुनौती बनाकर सामने आयी: ममता

कोलकाताः कोरोना अचानक राज्य में बड़ी चुनौती बनकर आयी है। पश्चिम बंगाल की

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि स्वास्थ्य और सुरक्षा में अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों

के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई), सेनिटाइजर और मास्क की बड़े पैमाने पर

आवश्यकता है। लॉकडाउन के कारण कपड़ा और अन्य उद्योग बंद थे। श्रमिक अपने गृह

प्रदेशों की ओर लौट रहे थे। यह एक बड़ी चुनौती थी। ये देश में निर्मित नहीं हो रहे इसलिए

बहुराष्ट्रीय और विदेशी कंपिनयों को ऑर्डर देने शुरुपये किए गए।’’ सुश्री बनर्जी ने यहां

जारी एक बयान में कहा, ‘‘ बंगाल ने इसके लिए बिल्कुल अलग रास्ता अपनाया है। हम

इस संकट को अवसर की तरह देख रहे है। हमारी प्रथमिकता छोटे उद्योगों और स्व

सहायता समूहों को बढ़ावा देना है। सरकार ने इन इकाइयों के साथ काम करना शुरुपये कर

दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों का पालन किया जा रहा है। एक गुणवत्ता

नियंत्रण तंत्र को सर्वोत्तम गुणवत्ता वाली सामग्रियों की खरीद सुनिश्चित करने के लिए

स्थापित किया गया है।’’ उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरुपयेप दो महीनों में 7.5 लाख

पीपीई, 45 लाख मास्क, 2.6 लाख लीटर सेनिटाइजर का राज्य में उद्योग और स्व

सहायता समूहों ने निर्माण किया। इसके अलावा सेनिटाइज र की पैकेंिजग के लिए 15

लाख प्लास्टिक की बोतलों और ढक्कनों का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि

मास्क बनाने में लगे हुए करीब 2500 स्व सहायता समूहों को प्रशिक्षित किया गया है।

उन्होंने कहा कि हम प्रतिदिन 25000 पीपीई किट तैयार कर रहे है जो पूरे देश की पीपीई

निर्माण क्षमता का लगभग 10 प्रतिशत है।

कोरोना अचानक आयी है लेकिन हमें अब तैयार रहना है

उन्होंने कहा कि अच्छी स्वास्थ्य सुविधा होने के बावजूद हमें इस चुनौती का सामना करने

के लिए तैयार रहने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्तर पर महामारी के प्रसार

की चुनौतियों का सामना करने के लिए बड़े पैमाने पर वैश्विक रणनीति के इस्तेमाल की

जरुरत है। सुश्री बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल देश का ऐसा पहला राज्य है जहां

कोविड-19 के सामुदायिक प्रसार का सर्वेक्षण शुरुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि

समय-समय महामारी के प्रसार को समझने के लिए प्रत्येक जिले में सर्वेक्षण कराया

जाएगा। हर हफ्ते प्रत्येक जिले से 200 नमूने एकत्र किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस

सर्वेक्षण के आंकड़ों से हमें जमीनी स्तर पर कोरोना से त्वरित और बेहतर तरीके से

निपटने में मदद मिलेगी। इसमें लॉकडाउन की प्रकृति, नियंत्रण क्षेत्र, स्वास्थ्य बुनियादी

ढांचे को मजबूत करना, स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती, हमारे अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य

कार्यकर्ताओं के जोखिम आदि के आंकड़ें होंगे। उन्होंने कहा कि पश्चिमी जिलों के गरीब

लोगों की आय के लिए राज्य सरकार ने एक व्यापक परियोजना ‘मैत्री सृष्टि’ शुरुपये की

है। गरीबों की आय के लिए मैत्री सृष्टि परियोजना के तहत परती भूमि पर बागवानी,

मत्स्य पालन, पशुपालन आदि की शुरुआत की गयी है।


 

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