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हजारों मरीजों का इलाज कर चुका है कोराना पॉजिटिव झोलाछाप डॉक्टर

बुंडू : हजारों मरिजों का इलाज कर चुका एक कोरोना पॉजिटिव झोलाछाप डॉक्टर ने बुंडू में

लोगों को टेंशन में डाल दिया है। जिसके कारण दहशत में बुंडू प्रशासन अब झोलाछाप

डॉक्टर के द्वारा जांच किए गए मरीजों की तलाश में जुट गयी है। ताकि इन मरीजों का भी

कोरोना जांच हो सके जो फिलहाल की परिस्थिति में अति आवश्यक है। हालांकि

झोलाछाप डॉक्टर के संपर्क में आए कुछ लोगों ने प्रशासन के समक्ष कोरोना जांच कराने के

लिए पहुंच चुके हैं। इसमें अब आशंका जतायी जा रही है कि बुंडू पांच परगना कोरोना

वायरस की चपेट में आ गया है और हॉटस्पॉट बनने में कम ही समय बचा है। हैरान कर

देने वाली बात तो अब यह है कि झोलाछाप डॉक्टर किन-किन मरीजों का इलाज किया है

नही बता रहा है। क्योंकि इलाज के दौरान में मरीजों का नाम एंट्री नहीं होता था। हालांकि

इस बुंडू प्रशासन कोरोनावायरस को चारों ओर से बैरीकेटिंग कर लिया है। आसपास के घरों

में सेनीटाइज भी किया गया। सोमवार 27 तारीख की रात करीब 9:00 बजे कोरोना

पॉजिटिव व्यक्ति को रांची भेजने के बाद मंगलवार के सुबह बुंडू एसडीओ उत्कर्ष गुप्ता,

बुंडू डीएसपी अजय कुमार, बुंडू इंस्पेक्टर रमेश कुमार, बुंडू वीडिओ और सीओ भी ताऊ

ग्राम पहुंचे और लोगों को बताया कि सभी लोग घर में ही रहेंगे कहीं पर नहीं जाना है। वही

इधर प्रशासन ने अपील की है कि पांचपरगना क्षेत्र के सभी लोग लॉकडाउन का पालन

प्रमुखता से करें। क्योंकि बहुत सारे लोग पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आए हैं ऐसे लोगों

की पहचान नहीं हो पाई है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि कोरोना पॉजिटिव के संपर्क

में आए सभी लोग प्रशासन से संपर्क कर कोरोना जांच करा लें। इसमें अपना-अपना

परिवार और क्षेत्र में भी भय की स्थिति नहीं रहेगी मजबूरी में मरीजों को झोलाछाप डॉक्टर

के पास इलाज कराने के लिए पहुंचना पड़ा कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति 15 वर्ष से अधिक

समय से बुंडू स्थित मदन डॉक्टर के क्लिनिक में कंपाउंडर का काम करते आ रहा है।

हजारों मरीज को जान का खतरा

6 मार्च को अपने परिवार के साथ घूमने के लिए गया था 21 मार्च को घर वापस लौटा।

इसके बाद भी क्लीनिक में काम कर रहा था। इधर बुंडू अस्पताल का ओपीडी भी मरीजों

के इलाज के लिए बंद हो गया और इधर बुंडू के जितने भी क्लीनिक है सभी बंद हो गया।

इसी बीच एमबीबीएस डॉक्टर का सहयोग करने वाला कंपाउंडर अब झोलाछाप डॉक्टर

करने लगे। लेकिन झोलाछाप डॉक्टर का तबीयत बिगड़ने लगा। इस बीच वे स्वयं महसूस

भी करने लगा की कहीं गुजरात से घूमकर कोरोना को लेकर तो नहीं आया है। मन में यह

भी भावनाएं थी। संदेह के साथ झोलाछाप डॉक्टर ने अपने पत्नी के साथ 23 अप्रैल को

रांची रिम्स पहुंचे और वहां अपना और पत्नी का सैंपल दे दिया। इसके बाद दंपति बुंडू घर

वापस लौट आए। 23 अप्रैल को अचानक बुंडू में एक कोरोना पॉजिटिव का मामला सामने

आता है और इसी बीच बुंडू प्रशासन हतप्रत हो जाती है। हालांकि इसी बीच बुंडू ताऊ

पहुंचकर कोरोना पॉजिटिव पहचान कर लिया गया और सोमवार कि रात करीब 9 बजे

रांची भेज दिया गया। सैंपल देने के बाद भी दंपति को क्वॉरेंटाइन नहीं किया गया।

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5 Comments

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