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राज्य के कुख्यात गैंगस्टर अमन साव की कोरोना पॉजिटिव

रांची: राज्य के चर्चित गैंगस्टर अमन साव की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आया है।

रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद जेल जाने से पूर्व हुई जांच में इसकी पुष्टि हुई हैं। रांची

पुलिस ने न्यायालय को जानकारी दी। जिसमें पुलिस ने इस बात को स्पष्ट किया कि

अगर कोविड वार्ड में अमन साव को रखा गया, तो वहाँ से भाग भी सकता है। न्यायालय ने

सुरक्षा के दृष्टिकोण से अमन साव को जेल के सेल में रखने का आदेश दिया है। आदेश

मिलने के बाद रांची पुलिस ने अमन को सेल में रखा है।

राज्य के चर्चित गैंगस्टर अमन साव का इलाज जेल में होगा

मालूम हो कि रांची पुलिस ने 48 घंटे की रिमांड पर अमन साव को लेकर उससे पूछताछ

की। हालांकि उसने कोई नई बात की जानकारी नही दी है। उसके पास से एके 47 राइफल

बरामद करने में पुलिस फेल रही। धुर्वा थाने के केस में ही उसे रिमांड पर लिया गया। सिटी

एसपी, हटिया एएसपी सहित कई पुलिस अधिकारियों ने अमन से पूछताछ की। अब तक

की पूछताछ में अमन ने बताया की रंगदारी के लिए अमन के निशाने पर रांची के कई

व्यवसाई और बिल्डर थे। इनसे रंगदारी के लिए कॉल किया जा चुका था। जिसने रंगदारी

देने से इनकार किया था, उनकी हत्या की जानी थी। शुरुआती दौर में रांची के चार कोयला

व्यवसायियों की हत्या करना था। इससे पहले वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। अमन साव ने

खुलासा किया है कि वह अपनी पहचान छुपाकर रांची या राज्य से बाहर रहता था। राहुल

कुमार नाम से एक पहचान पत्र बना रखी थी। उसी आईकार्ड का इस्तेमाल वह होटलों में

रुकने के लिए करता था।

विकास दुबे की तरह इनकाउंटर का डर था अमन को

पुलिस पूछताछ में अमन ने यह भी बताया है कि उत्तर प्रदेश के कुख्यात अपराधी विकास

दुबे के पुलिस द्वारा एनकाउंटर किए जाने से दहशत में था। उसे डर था कि पुलिस उसे

पकड़ेगी तो उसका भी एनकाउंटर कर दिया जाएगा। जब पुलिस ने अमन को धुर्वा से

दबोच लिया तब वह पुलिस से काफी डर गया था। उसे लगा था कि पुलिस अब उसका

एनकाउंटर कर देगी। पकड़े जाने के बाद से ही पुलिस को बार-बार कह रहा था की मैं

आपके सामने सरेंडर कर चुका हूं। मैं भागने वाला नही हूं। अमन ने पुलिस को यह भी

बताया कि वह सरेंडर की तैयारी में भी था। इधर, पुलिस अमन साव को एक जगह से

दूसरी जगह ले जाने में पूरी सतर्कता बरती, क्योंकि वह वर्ष 2019 के सितंबर माह में बड़का

गांव थाने से फरार हो चुका था। फरार होने के बाद अमन साव अलग-अलग जगहों पर

शरण लेता था। कभी बिहार चला जाता था, तो कभी रांची में छुपकर रहता था।


 

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