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असम के बाद पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को घर बचाने की चिंता सताने लगी

  • अपने उम्मीदवारों को बचाने की बना रही योजना
राष्ट्रीय खबर

कोलकाता: असम के बाद पश्चिम बंगाल में अपना घर बचाने की चिंता कांग्रेस को सताने

लगी है। कई राज्यों में बनी सरकार के पतन या किसी दूसरे दल की सरकार बनाने के लिए

पार्टी विधायकों के पतन से बचने के लिए कांग्रेस इस बार पहले से ही अलर्ट पर आ गई है।

पांच राज्यों के चुनाव के नतीजे भले ही दो मई को घोषित होने वाले हों, लेकिन कांग्रेस ने

पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं। अपने संभावित विधायकों के टूटने का खतरा कांग्रेस

पर इस तरह हावी है कि उसने परिणाम आने से पहले ही अपने जीत की संभावना वाले

उम्मीदवारों को इकट्ठा करना शुरू कर दिया है। असम के बाद पश्चिम बंगाल में भी अपने

प्रत्याशियों को तोड़ फोड़ से बचाने के लिए सुरक्षित स्थिति में रखना बेहतर राजनीतिक

समझदारी होगी। वरना इससे पूर्व कई राज्यों में भाजपा ने जिस तरीके से तोड़ फोड़ कर

सरकार बनायी है, उसके रिकार्ड जगजाहिर हैं। हालांकि इसकी शुरुआत असम से हो

सकती है, लेकिन कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि यही प्रयोग अन्य राज्यों में भी दोहराया जा

सकता है। गौरतलब है कि 5 राज्यों में कांग्रेस असम और केरल में सरकार बनाने की

संभावना है। पार्टी सूत्रों का मानना है कि तमिलनाडु में भी गठबंधन की सरकार बन सकती

है जिसका नेतृत्व डीएमके कर रही है। आंतरिक तनाव और जी23 नेताओं के सामने आ

रही चुनौती को देखते हुए कांग्रेस अपने अस्तित्व के लिए कम से कम 5 में से 2 राज्यों में

सरकार बनाना जरूरी समझती है। यही वजह है कि पार्टी ने असम के बाद पश्चिम बंगाल

में पहले ही जीतने वाले विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश शुरू कर दी है, जहां वह

जीतने और सरकार बनाने की उम्मीद कर रही है।

असम के बाद अब बंगाल का किला घेरने की तैयारी 

असम में टूटने से बचाने के लिए कांग्रेस ने जयपुर के फेयर माउंट होटल में अपने

उम्मीदवारों को ठहराया है। केरल में अपने मजबूत संगठन के कारण कांग्रेस को ऐसा कोई

डर नजर नहीं आता और कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि भाजपा वहां सरकार बनाने की दौड़

में नहीं है इसलिए खतरा कम है। तमिलनाडु केरल जैसा ही स्थिति में है। पार्टी ने पुडुचेरी

और पश्चिम बंगाल पर विचार शुरू कर दिया है।

कांग्रेस के लिए यह भी महत्वपूर्ण है कि वह पश्चिम बंगाल में असम प्रयोग को दोहराए

क्योंकि जिस तरह से भाजपा बंगाल में ममता से पुरजोर लड़ाई लड़ रही है, उससे कांग्रेस

के जीतने वाले उम्मीदवारों के टूटने का खतरा बढ़ जाएगा अगर उनमें से किसी को बहुमत

नहीं मिलता है ।

असम के कांग्रेस मीडिया विभाग की अध्यक्ष बबीता शर्मा ने कहा, ‘2018 के बाद

प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की जोड़ी के अभियान के बावजूद भाजपा ने सिर्फ दो

राज्यों में ही सरकार बनाने में सफल रही है, हर जगह जनमत का अपहरण कर उन्हें तोड़-

फोड़ की है, भाजपा ने न केवल कांग्रेस की चुनी हुई सरकारों को गिराया है बल्कि सभी

विधायकों को भी सरकार बनाने के लिए मजबूर किया है।

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