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फिर से गैस के दाम बढ़ने पर कांग्रेस प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद का बयान

  • बढ़ती महंगाई और घटती आय के बीच कहर ढा रही है मोदी सरकार

रांचीः फिर से गैस के दाम बढ़ाये जाने पर कांग्रेस प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने इसे

जनता के साथ भद्दा मजाक करार दिया है। प्रेस वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि ईंधन में

लगातार हो रही इन कमरतोड़ बढ़ोत्तरी से स्पष्ट है की मोदी सरकार को लोगों की

लगातार घटती आय और बढ़ रही महंगाई से उत्पन्न होने वाली समस्याओं से पीड़ित

आम लोगों के लिए कोई फिक्र और सरोकार नहीं है। राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि एक

महीने से कम समय में सब्सिडी, गैर सब्सिडी और उज्जवला योजना वाले घरेलु गैस

सिलेंडरों के दामों में फिर से 125 रुपये प्रति सिलिंडर की भारी बढ़ोतरी और रसोई गैस

सब्सिडी बंद करने के बाद आज सीएनजी- पीएनजी गैस की कीमतों में एक बार फिर

बढ़ोतरी से मोदी सरकार का गरीब और मध्यम वर्गीय विरोधी चेहरा सामने आ गया है, जो

मोदी सरकार के अहंकार का जीता-जागता उदाहरण है। लोग कोरोना की मार से अभी

पीड़ित हैं, अर्थ व्यवस्था नकारात्मक है, गरीब लोग ज्यादा गरीब हो गए लेकिन इसके

बावजूद इस घमंडी सरकार ने देश के गरीबों, मध्यमवर्गीय और गैर आयकरदाताओं और

उज्जवला योजना लाभार्थियों को भी महंगाई से कोई राहत नहीं दी और अब उन्हें एक

रसोई गैस सिलेंडर के लिए देश में कम से कम 819 रुपए जरुपये र देने होंगे। पेट्रोल-डीजल

और रसोई गैस के बाद आज वाहनों में इस्तेमाल होने वाले सीएनजी में 70 पैसे प्रति

किलोग्राम के इजाफे से परिवहन भाड़े मंहगे हो जाएंगे, जिससे महंगाई और बढ़ेगी।

फिर से रसोई गैस के अलावा पीएनजी के भी दाम बढ़ाये गये हैं

पाइप के जरिए घरों की रसोई तक पहुंचने वाली पीएनजी गैस की कीमत में 91 पैसे की

बढ़ोत्तरी होने से घरों का बजट बिगड़ेगा। पेट्रोल, डीजल और सब्सिडी वाले रसोई गैस

सिलेंडर का भाव पहले से रिकॉर्ड स्तर पर है। पिछले 26 दिनों के भीतर इस जन विरोधी

सरकार ने रसोई गैस के सिलिंडर में चार बढ़ोतरियों के माध्यम से 125 रुपये की बढ़ोतरी

की है। सब्सिडी, गैर सब्सिडी और उज्जवला योजना के लाभार्थियों के लिए, 1 मार्च को 25

रुपए प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की, उससे पहले 25 फरवरी को 25 रुपये, 15 फरवरी को 50

रुपये, 4 फरवरी को 25 रुपये बढ़ाए गए थे। इस प्रकार पिछले एक महीने के भीतर सभी

श्रेणियों के लिए सिलिंडर की कीमत में 125 रुपये की वृद्धि की जा चुकी है।

सऊदी आराम्को से दाम तय होते थे रसोई गैस के

रसोई गैस के दाम सऊदी आराम्को के एलपीजी मूल्यों के आधार पर तय होते हैं, जो अब

587.21 अमरीकी डॉलर प्रति मीट्रिक टन हैं, जिस पर आज के डॉलर- भारतीय रुपए की

73.04 विनिमय दर से 42,889.81 रुपए प्रति मीट्रिक टन, यानि 42.88 रुपए एलपीजी गैस

प्रति किलो का अन्तर्राष्ट्रीय मूल्य बनता है। एक घरेलू रसोई गैस सिलेंडर में 14.2 किलो

गैस आती है, यदि उस गैस का आधार मूल्य की गणना की जाए, तो वह 609 रुपए 3 पैसे

प्रति सिलेंडर बनता है। इस मूल्य पर मोदी सरकार द्वारा 5 प्रतिशत की दर से जीएसटी,

बोटलिंग चार्जेज, एजेंसी कमीशन, ट्रांस्पोर्टेशन और मुनाफे को जोड़कर देश के गरीबों से

819 रुपए वसूला जा रहा है, जो मोदी सरकार की गरीब और मध्यम विरोधी सोच को

बेनकाब करता है। यूपीए की सरकार में एलपीजी का अंतर्राष्ट्रीय मूल्य 2012-2013 और

2013-2014 में 885.2 और 880.5 यूएस डॉलर था, लेकिन यूपीए की सरकार महंगे भाव से

एलपीजी को खरीदकर आम जनता को भारी सब्सिडी देकर केवल 399- 414 रुपए प्रति

सिलिंडर के भाव में देती थी। यूपीए की सरकार अब से 50 प्रतिशत से ज्यादा महंगे

अंतर्राष्ट्रीय मूल्य पर एलपीजी खरीदकर देश की ग्राहकों को आज से आधे दामों पर

सब्सिडी पर देती थी। 

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