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कांग्रेस ने अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि पर अदालत के फैसले का स्वागत किया

नयी दिल्लीः कांग्रेस ने अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि विवाद को लेकर उच्चतम न्यायालय के फैसले का

स्वागत करते हुए कहा है कि पार्टी राममंदिर के निर्माण की पक्षधर है और न्यायालय ने जो फैसला दिया है

सभी समुदाय के लोगों को देश के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों का सम्मान करते हुए उसको स्वीकार करना चाहिए।

अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगाई की अध्यक्षता

वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ के फैसले के बाद कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला

ने यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पार्टी न्यायालय के फैसले का सम्मान करती है

और सभी समुदाय के लोगों से सौहार्द्र, धर्मनिरपेक्षता तथा सदभाव की भारतीय परंपरा को बनाए रखने का

आग्रह करती है।

उन्होंने कहा कि शनिवार सुबह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में पार्टी की सर्वोच्च नीति

निर्धारक इकाई कार्य समिति की बैठक हुई जिसमें फैसला लिया गया ‘‘न्यायालय ने हमारी आस्था

और विश्वास को बनाए रखने का काम किया है। कांग्रेस राम मंदिर के पक्ष में है। पार्टी ने पहले भी कहा था

कि जो फैसला न्यायालय का होगा उसका सम्मान किया जाएगा।’’

कांग्रेस ने हमेशा से अदालत का सम्मान किया हैः राहुल गांधी

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि अयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय ने अपना फैसला

दे दिया है और अब देशवासियों को इसका सम्मान करते हुए परस्पर सौहार्द और सद्भाव बनाए रखकर

अपनी समृद्ध परंपरा का निर्वहन करना है।

अयोध्या मामले में मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ के

फैसले के बाद श्री गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या मुद्दे पर अपना फैसला सुना दिया है।

न्यायालय के इस फैसले का सम्मान करते हुए हम सब को आपसी सद्भाव बनाए रखना है।

ये वक्त हम सभी भारतीयों के बीच बन्धुत्व, विश्वास और प्रेम का है।’’

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा है कि सभी पक्षों के लोगों को इस फैसले को मानना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘अयोध्या मुद्दे पर भारत की सर्वोच्च अदालत ने फैसला दिया है।

सभी पक्षों, समुदायों और नागरिकों को इस फैसले का सम्मान करते हुए हमारी सदियों से चली

आ रही मेलजोल की संस्कृति को बनाए रखना चाहिए।

हम सबको एक होकर आपसी सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करना होगा।’’

सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा है कि

अयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय का फैसला सबको मानना चाहिए।

कपिल सिब्बल ने कहा आस्था के आधार पर फैसला उचित नहीं

उन्होंने कहा कि न्यायालय का निर्णय सबको स्वीकार होना चाहिए लेकिन यह भी कहा कि आस्था के

आधार पर फैसला नहीं लिया जा सकता। न्यायालय का फैसला देश की एकता को दिखाता है और देश के

सभी नागरिकों को इसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यायालय के फैसले पर कुछ लोग

असहमत हो सकते हैं और लोकतांत्रिक देश में यह स्वाभाविक है लेकिन फैसला सबको स्वीकार

होना चाहिए। मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट सरकार बनाएगी और उसमें किसको रखना है इस बारे में फैसला

अब उसे ही लेना है। यह मामला संसद में भी आएगा और कांग्रेस पार्टी वहां इस पर चर्चा कर

अपनी बात रखेगी।

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