fbpx Press "Enter" to skip to content

किसान कर्जमाफी पर अब कांग्रेस सवालों के घेरे में

  • कई राज्यों में पार्टी को मिली है सफलता

  • मध्यप्रदेश में सरकार का पहला फैसला था यह

  • झारखंड के कांग्रेसी मानते हैं कि शीघ्र ही फैसला होगा

  • चुनाव में कांग्रेस ने इसी मुद्दे पर पायी सफलता

संवाददाता

रांचीः किसान कर्जमाफी पर अब कांग्रेस के नेता हर रोज बयान नहीं देते हैं। सीएए और

अन्य मुद्दों पर कांग्रेस की तरफ से हर रोज बयान जारी होने के बाद भी किसानों का कर्ज

इस राज्य में कब माफ होगा, यह प्रश्न कांग्रेस की चर्चा से गायब हो गया है। उल्लेखनीय है

कि किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे पर ही कांग्रेस ने मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान

के विधानसभा चुनावों में सफलता हासिल की थी। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री बनाये गये

कमलनाथ के शपथ ग्रहण के बाद ही किसानों की कर्जमाफी की फाइल पर आदेश जारी

किये गये थे। शेष दो राज्यों में भी कुछ समय के अंतराल में कांग्रेस सरकारों ने इस पर

फैसला ले लिया था। अब झारखंड में सरकार गठन के इतने दिनों बाद भी कांग्रेस की तरफ

से किसानों की कर्जमाफी का सवाल टाला जा रहा है। यह अलग बात है कि मुख्यमंत्री

हेमंत सोरेन ने खुद भी इस मुद्दे पर चुनाव प्रचार किया था। लेकिन कांग्रेस पर यह सवाल

इसलिए लाजिमी है क्योंकि यह उसका ऐसा मुद्दा है, जिसके बलबूते पर अन्य राज्यों के

साथ साथ झारखंड के विधानसभा चुनावों में भी उसे सफलता मिली है। दूसरे शब्दों में कहें

कि काफी दिनों के बाद कांग्रेस को इस राज्य में फिर से सही ढंग से खड़ा होने का मौका भी

यह विधानसभा चुनाव दे गया है।

किसान कर्जमाफी पर कांग्रेस की चुप्पी जनता को नागवार

इसके बाद भी कांग्रेस की तरफ से अब कर्जमाफी के मुद्दे पर न तो बयान जारी हो रहे हैं

और न ही सरकार से इस बारे में कोई सवाल पूछा जा रहा है। कांग्रेस का यह रुख राज्य की

जनता को खासकर उसे वोट देने वाले मतदाताओं को निश्चित तौर पर हैरान कर रहा है।

सरकार के काम काज की समीक्षा करने से अभी कांग्रेस बच रहे हैं। इस सवाल पर

अनौपचारिक तौर पर कांग्रेस के कई नेताओं का सिर्फ यह कहना रहा कि पार्टी ने इस मुद्दे

को कभी छोड़ा नहीं है। सरकार के अन्य समीकरणों की वजह से निश्चित तौर पर इस

काम में थोड़ी देर हुई है। लेकिन उम्मीद है कि शीघ्र ही सरकार इस मुद्दे पर अपने वायदे के

मुताबिक ही फैसला लेगी

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

One Comment

Leave a Reply