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कांग्रेस नेताओं ने राज्य के बजट की सराहना की

रांचीः कांग्रेस नेताओं ने झारखंड के बजट की सराहना की है। कांग्रेस भवन में आयोजित

संवाददाता सम्मेलन में झारखंड के बजट की प्रशंसा की गयी। संवाददाता सम्मेलन को

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे व लाल किशोर नाथ शाहदेव ने संबोधित किया।

इस अवसर पर निरंजन पासवान, प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक अध्यक्ष शकील अख्तर

अंसारी मौजूद थे। इनलोगों ने वित्तमंत्री डॉ रामेश्वर उरांव द्वारा आज विधानसभा में वर्ष

2021-22 के लिए पेश बजट को जनता से किये गये वायदे के अनुसार सभी वर्गों के लिए

हितकारी बताया है। जीवन और जीविका को साथ लेकर चलने की व्यापक दृष्टिकोण को

दर्शाता है। यह पहला अवसर पर है कि अलग राज्य बनने के बाद जब डॉ रामेश्वर उरांव ने

परिणाम बजट प्रस्तुत किया है। परिणाम बजट एक ऐसा व्यय के पूर्व का अनुमान है

जिससे व्यय के पश्चात लक्षित परिणाम को आमजनों के बीच में लाया जा सके एवं

वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही तय होगी। इसके तहत इन तथ्यों को भी

आंकलन किया जा सकेगा कि बजट में किये गये प्रावधान का लाभ किस तरह से जनता

तक पहुंच रहा है। इस बजट में पार्टी घोषणा पत्र के अनुरूप सामाजिक सुरक्षा योजनाओं

पर विशेष ध्यान दिया गया है।

कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार के रवैये को फिर कोसा

केंद्र सरकार के तमाम असहयोगात्मक रवैये के बावजूद राज्य सरकार ने अपने संसाधनों

की बदौलत मनरेगा मजदूरी दर में बढ़ोत्तरी करने का काम किया और ग्रामीण क्षेत्र में

रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में सार्थक पहल किया है। एक तरफ पूरे कोरोनाकाल के

दौरान केन्द्र सरकार असहयोगात्मक रुख रहा वहीं दूसरी तरफ डीवीसी के द्वारा पैसे काटे

जाने के बावजूद महामारी से लड़ने की प्रतिबद्धता इस बजट में सरकार ने दिखाई।

ग्रामीण क्षेत्र में पलायान को रोकन के लिए विशेष जोर दिया गया है। राज्य सरकार के

बजट में आमजनता को किसी प्रकार का कर (टैक्स) में कोई वृद्धि नहीं कर राज्य की

जनता को राहत देने का काम किया गया है। इसके लिए सरकार बधाई के पात्र है।

आजसू ने बजट को निराशाजनक बताया

रांचीः अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के राँची विश्वविद्यालय अध्यक्ष नीतीश सिंह ने

आज सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को निराशापूर्ण बताते हुए कहा है कि यह बजट

युवाओं के अपेक्षाओं के विपरीत है। उन्होंने कहा कि पूर्व के वर्ष में जिस तरह कोरोना

संक्रमण रूपी महामारी ने करोड़ों युवाओं के शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में गति को

शून्य पर ला दिया है वहीं निजी क्षेत्र में लाखों युवाओं की नौकरी चली गयी है। ऐसे में

युवाओं को उम्मीद थी कि आज पेश होने वाले बजट में युवाओं के लिए विशेष प्रावधान

किए जाएंगे, परंतु सरकार के बजट में युवाओं के साथ सरोकार नजर नही आया। बजट में

युवाओं के रोजगार सृजन हेतु कार्यक्षमता एवं इरादे की कमी साफ झलकती है।

नीतीश सिंह ने आगे कहा कि राज्य के सभी अनुबंध कर्मियों के स्थायीकरण करने हेतु

आवश्यक वित्तीय प्रावधान की नगण्यता भी आज के बजट में साफ साफ झलकती है।

यह साबित करता है कि अनुबंधकर्मियों, पंचायत सचिव के नियोजन एवं पारा शिक्षकों के

प्रति संवेदनहीन सरकार आज राज्य में काबिज है। वर्तमान की हेमंत सरकार ने वर्ष 2021

को रोजगार का वर्ष घोषित कर रखा है परन्तु वर्तमान बजट में उक्त घोषणा जुमले की

तरह प्रतीत हो रहा है।

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