fbpx Press "Enter" to skip to content

कांग्रेस ने कॉर्पोरेट घरानों के चुनाव बॉन्ड को भाजपा का भ्रष्टाचार बताया

नयी दिल्ली: कांग्रेस ने कॉर्पोरेट घरानों की ओर चुनावी बॉन्ड के माध्यम से 95 प्रतिशत

राजनीतिक चंदा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ही दिये जाने का आरोप लगाते हुए

इस पूरे मामले की जाँच कराये जाने की माँग की है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री

कपिल सिब्बल ने गुरुवार को संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि पूर्व वित्त

मंत्री अरुण जेटली ने 2017 में पेश किये गये बजट में कंपनियों द्वारा राजनीतिक दलों

को दिये जाने वाले चुनावी चंदे की सीमा उनके मुनाफे के 15 प्रतिशत से बढ़ा दी थी।

इसका भारतीय रिजर्व बैंक ने विरोध भी किया था लेकिन सरकार ने इस संबंध में प्रपत्र

प्रकाशित हो जाने की दलील देकर उसे खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा कि इस

व्यवस्था को किये जाने से बाद से निजी कंपनियों ने 95 प्रतिशत राजनीतिक चंदा भाजपा

को ही दिया है। ऐसा क्यों और कैसे हुआ, इसकी पूरी जांच की जानी चाहिए। श्री मोदी को

इस मामले को सदन में स्पष्ट करना चाहिए। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि चुनावी

बॉन्ड के माध्यम से राजनीतिक चंदा दिये जाने की व्यवस्था सोची-समझी रणनीति के

माध्यम से की गयी थी। कंपनियों की ओर से एक ही दल को 95 फीसदी चंदा दिये जाने से

यह स्पष्ट भी हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार

इस तरह से भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। इस बात की जाँच होनी चाहिये कि कहीं यह

पैसा हवाला का तो नहीं है।

कांग्रेस ने पैसों के स्रोत पर भी सवाल उठाये

सरकार द्वारा इस प्रावधान को लागू किये जाने के बाद भाजपा को ही सबसे अधिक चंदा

इस चुनावी चंदा से मिलने की वजह से यह विवादों में आ गया है। दरअसल चुनावी चंदे में

पारदर्शिता लाने की दलील पर सरकार ने इसे लागू किया था। अब कॉर्पोरेट घरानों से

चुनावी बॉन्ड के जरिए एक ही दल के इतना चंदा मिलने से लोगों का दिमाग ठनका है।

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

One Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!