कथारा कोलियरी से हो रहे अवैध कोयले के कारोबार से पर्दा उठते उठते रह गया

कथारा कोलियरी से हो रहे अवैध कोयले के कारोबार से पर्दा उठते उठते रह गया
Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  • सुरक्षा कर्मियों ने हाइवा चालक से मांगा चालान

  • चालक लोड हाइवा लेकर हुआ फरार

  • बीच रास्ते कोयला डंप कर गाड़ी ले भागा

बेरमो /कथाराः कथारा वाशरी के सुरक्षाकर्मियों द्वारा पकड़े जाने के डर से मंगलवार की रात लगभग 3 बजे अवैध कोयला लदा एक डम्फर ने वाशरी के पोंड नंबर दो के समीप कोयला डंप करते भाग निकला।

घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार कथारा वासरी के मुख्य द्वार के समीप चेक नाके पर रिजेक्ट कोयला लदे डम्फरो के बीच संदिग्ध अवस्था में एक डम्फर गाड़ी आगे पीछे कर रहा था।

इसी बीच चेक नाके पर कार्यरत सीसीएल के सुरक्षाकर्मी देवनारायण यादव, रामशंकर होमगार्ड जवान करण कपादार, महेश कुमार ने चेक नाके के पास खड़े उक्त संदिग्ध गाड़ी के चालक से चालान मांगा।

चालक थोड़ी देर बाद चालान देने की बात कहते हुए गाड़ी में जाकर बैठ गया।

संदिग्ध गाड़ी के आगे और पीछे की हाइवा गाड़ियां जब चालान देकर आगे निकल गयी तब तक भी चालक चालान लेकर नही आया।

इस दौरान सुरक्षाकर्मियों को शक हुआ और वे लोग गाड़ी की ओर बढ़ने लगे।

अपनी ओर सुरक्षाकर्मियों को बढ़ते देख तुरंत हाईवा चालक ने अपनी गाड़ी पीछे की और कथारा वाशरी के सेलरी पोंड की ओर तेज़ रफ़्तार से भागने लगा।

पीछा कर रही सुरक्षा कर्मियों की टीम जब तक डम्फर तक पहुँचती तब तक अवैध कोयला गिराकर हाइवा झिरकी बस्ती की ओर से गाड़ी तेज़ रफ़्तार में भगाते हुए फरार हो गया।

पेट्रोलिंग पार्टी ने इसकी जानकारी अपने सुरक्षा पदाधिकारी रामनाथ राय को दी। इसके बाद अवैध कोयला डंप किए गए स्थल पर पहुंचकर रामनाथ राय ने वस्तुस्थिति से अपने परियोजना के वरीय पदाधिकारियों को अवगत कराया।

इधर मामले की जानकारी मिलते ही कथारा ओपी प्रभारी युधिष्ठिर महतो भी अपने दल बल के साथ वहां पहुंच गए।

उन्होंने मामले की छानबीन करते हुए आरओएम कोयले को जप्त कर तथा उठवाकर कांटा कराते हुए उक्त लगभग 20 टन कोयले को वाशरी परिसर में गिरवाकर प्रबंधन को सौंप दिया।

ओपी प्रभारी युधिष्ठिर महतो ने इस संबंध में बताया कि अभी तक वाशरी प्रबंधन की ओर से लिखित आवेदन नहीं मिला है। अगर लिखित दिया जाता है तो इस मामले की गंभीरता से जांच पड़ताल की जाएगी।

अवैध कोयला ढोने वाले हाइवा की हो चुकी है पहचान – संदिग्ध हाईवा गाड़ी की पहचान होने के बावजूद भी लोग कुछ भी बताने से परहेज कर रहे हैं।

सवाल उठता है कि परियोजना में कंपनी की विधि व्यवस्था के बीच सेंध लगाकर कोई हाईवा गाड़ी से इतने बड़े पैमाने पर अवैध कोयला तस्कर का कार्य कैसे कर सकता है कहीं ना कहीं प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सीसीएल के कुछ अधिकारियों, सुरक्षा प्रहरीयों एवं ट्रांसपोर्ट कंपनी के प्रतिनिधियों की बड़ी सांठगांठ साफ प्रतीत होती है।

सूत्रों की मानें तो बहुत  दिनों से कथारा वाशरी और कथारा कोलियरी परिसर से अवैध कोयला तस्करी का धंधा बड़े ही गुपचुप तरीके से चलाया जा रहा है।

सूत्रों ने बताया कि उक्त गाड़ी एक प्रतिष्ठित ट्रांसपोर्टिंग कंपनी के अधीन रहकर कोयला ढुलाई में कार्य करता था।

उक्त हाइवा गाड़ी 23 फरवरी को कथारा कोलियरी से कोयला लेकर जारंगडीह रेलवे साइडिंग के क्रेसर में पहुँचा और उक्त गाड़ी की कथारा कोलियरी और जारंगडीह कोलियरी के कांटा घर मे एंट्री भी दर्ज है लेकिन जो थर्ड पार्टी का चालान है उसे कथारा कोलियरी के काँटाघर  में आज तक  नही किया गया था।

उस दिन के बाद से उक्त हाइवा का कथारा कोलियरी से चलने का कोई कागजी प्रमाण नही है।

कथारा के कोयला तस्करी पर बड़ा सवाल

लेकिन फिर यह कोयला तस्करी करने उक्त गाड़ी परियोजना कैसे पहुँच गया।

सूत्रों की मानें तो अभी कथारा वाशरी का रिजेक्ट कोयला रेलवे कॉलोनी स्थित न्यू साइडिंग से रैक के माध्यम से

देश के विभिन्न पावर प्लांटों को भेजा जा रहा है ऐसे में शंका यह व्यक्त की जा रही है कि रिजेक्ट की

गुणवत्ता बेहतर करने के उद्देश्य से उक्त कोयला को तस्करी कर रेलवे रेक के माध्यम से टपाने का खेल किया जा रहा है।

इससे सीसीएल  को भले ही लाखों करोड़ों का चूना लग रहा हो पर अवैध धंधेबाजो कि चांदी है।


कैसे हो रही है तस्करी

सूत्रों की माने तो उक्त डम्फर गाड़ी या अन्य डम्फर भी झिरकी बस्ती से सेलरी पोंड पांच नंबर के मुख्य रास्ते से होते हुए कथारा कोलियरी बेस वर्क शॉप और कथारा वाशरी बैंकर के पीछे के रास्ते से होते हुए कथारा कोलियरी के व्यू पॉइंट स्थित कोयला स्टॉक आसानी से आ जा सकता है।

जहाँ पेलोडर के माध्यम से उक्त गाड़ी में आरओएम कोयला लोड किया जा सकता है फिर अवैध कोयला लेकर डम्फर वाशरी के बैंकर और कथारा कोलियरी के वर्कशॉप के पीछे के रास्ते से होते हुए रिजेक्ट कोयला लेकर वाशरी गेट के चेक नाके पर खड़ी दर्जनों डम्फर गाड़ियों की झुंड में घुस जाता है और अन्य गाड़ियों के कागजात के जांच के दौरान व्यस्त रहने पर मौका देखकर गाड़ी आगे निकल जाती है।

लेकिन मंगलवार की रात कम गाड़ियों के रहने की वजह से उक्त संदिग्ध कही जाने वाली गाड़ी मौके का फायदा नहीं उठा सकी और अवैध कोयला तस्करी का मामला से पर्दा उठते उठते रह गया।

समाचार लिखे जाने तक इस मामले में कथारा वाशरी प्रबंधन कुछ भी बोलने से इंकार करते दिखे

कोलियरी परियोजना पदाधिकारी के कही बाहर रहने की वजह से संपर्क स्थापित नही हो सका है।

बहरहाल मामला कुछ भी हो पर आज की घटना ने एक बात तो साफ कर दिया है कि

कथारा कोलियरी, कथारा वाशरी, कोयला तस्करों तथा सुरक्षाकर्मियों व अधिकारियो के बीच कुछ ना कुछ खिचड़ी जरुर पक रही है जो गंभीर जांच का विषय है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.