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सीएम हेमंत सोरेन ने कोटा से रांची पहुंचने वाले विद्यार्थियों को घर तक पहुंचाने का दिलाया भरोसा

  • हेमंत सोरेन ने कहा झारखंड का भविष्य हैं सारे विद्यार्थी
  • मजदूर दिवस पर मजदूरों को लाया गया झारखंड
  • जरूरतमंदों की मदद करने के लिये सरकार तत्पर
  • मजदूरों के लिये अधिकाधिक रोजगार सृजन होगा

रांची : सीएम हेमंत सोरेन ने कहा है कि राजस्थान के कोटा से रांची पहुंचने वाले सभी

विद्यार्थियों को उनके घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गयी है। श्री सोरेन ने शनिवार को

कहा कि विद्यार्थियों के स्क्रीनिंग के बाद उनके गृह जिले तक बसों से उन्हें रवाना किया

जायेगा। इसके पहले कोटा से हटिया स्टेशन पर पहुंचने पर सीएम ने विद्यार्थियों पर पुष्प

वर्षा कर खुशी जतायी। इसके बाद विद्यार्थियों को एचइसी के पारस हॉस्टिपल में

स्क्रीनिंग के लिये रवाना किया। कोटा में झारखंड के 28 सौ से अधिक विद्यार्थी फंसे थे।

दो विशेष ट्रेनों से कोटा से हटिया लाया जा रहा है। इसके पहले एक मई को तेलंगाना से

हटिया पहुंचने वाले 13सौ मजदूरों को स्क्रीनिंग के बाद घरों के लिये रवाना कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि सभी मजदूरों को उनके गृह जिले में भी स्क्रीनिंग की सुविधा दी जा रही

है। जिला प्रशासन आवश्यकतानुसार होम क्वॉरेंटाइन और क्वॉरेंटाइन सेंटर का इस्तेमाल

कर रही है। जहां सभी जरूरी सुविधाएं विकसित की गयी है। वापस आने वाले मजदूरों को

मनरेगा के तहत निबंधित कराया जा रहा है एवं उन्हें राशन भी उपलब्ध कराया जायेगा।

दूसरे राज्यों में फंसे हर प्रवासी मजदूर को वापस लायेंगे

सीएम ने कहा है कि शेष मजदूरो को भी दूसरे राज्यों से लाने की प्रक्रिया तेज कर दी गयी

है। इसमें मजदूरों को धैर्य व संयम रखने की जरूरत है। मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने कहा

कि मजदूरों को चरणबद्ध तरीके से लाने के लिए कार्य योजना तैयार कर ली गई है। पहले

चरण में बिहार, पश्चिम बंगाल, ओड़िसा, छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों से

मजदूरों को बस से वापस लाया जायेगा। यहां लगभग 34 हजार झारखंड के मजदूर फंसे

हुए हैं। इसके उपरांत दूर के राज्यों से प्रवासी मजदूरों को विशेष ट्रेन से लाने की प्रक्रिया

शुरू होगी। इसके अलावा जहां कम संख्या में लोग फंसे हैं, उन्हें हवाई जहाज से लाने पर

भी सरकार विचार कर रही है। राज्य के अंदर दूसरे जिलों में फंसे लोग वहां के उपायुक्त से

पास लेकर वापस आ सकेंगे लेकिन यह पास एक निश्चित समय अवधि के लिए ही निर्गत

किया जायेगा जो बाद में अवैध हो जाएगा। इसका उन्हें हर हाल में पालन करना होगा।

सीएम ने कहा “हर चुनौती के लिये राज्य सरकार तैयार”

कैबिनेट के उपसमिति की बैठक में सीएम ने मजदूरों की वापसी के बाद हर चुनौती से

सामना के लिये तैयार रहने को कहा है। उन्होंने कहा कि लौटने वाले प्रवासी मजदूरों और

विद्यार्थियों के चिकित्सीय जांच, भोजन और रहने की व्यवस्था की जा रही है। लौटने के

बाद सभी मजदूरों को भोजन उपलब्ध कराया जायेगा। सभी का चिकित्सीय जांच कराया

जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार देना सबसे बड़ा

चैलेंज होगा। इस वजह से अभी से ही इस दिशा में कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिए अलग-अलग वृहद कार्ययोजना बनाई

जा रही है। राज्य के सभी उद्योग-धंधों का आकलन किया जा रहा है। इन उद्योग धंधों में

लगभग 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार देना सुनिश्चित करने के लिए सरकार

कदम उठाएगी। सरकार की कोशिश है राज्य की आंतरिक क्षमता का पूरा इस्तेमाल हो।

मनरेगा का बढ़ेगा बजट, जॉब कार्ड भी बनेगा

सीएम ने कहा है कि मनरेगा का बजट बढ़ाया जायेगा। इसके साथ ही नया जॉब कार्ड

बनाया जायेगा। प्रवासी मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार देने के लिए विस्तृत

कार्ययोजना बनाई है। इसके तहत मनरेगा का बजट बढ़ाया जाएगा। इसमें नई योजनाओं

को शामिल किया जाएगा और मनरेगा मजदूरी दर बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को पत्र

भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि ई-संजीवनी व्यवस्था शुरू होगी और टेलीमेडिसीन से जल्द

मरीजों को मिलेगा परामर्श। दूसरे बीमारियों से ग्रसित मरीजों के इलाज को लेकर सरकार

गंभीर है। ई-संजीवनी की शुरूआत भी हो चुकी है। साथ ही निजी अस्पताल अविलम्ब

खोलने का आदेश दिया है। जो निजी अस्पताल नहीं खुलेंगे उनका लाइसेंस रद्द किया

जायेगा। दरअसल, निजी अस्पतालों के बंद रहने से दूसरे रोगों के मरीजों का इलाज नहीं

हो पा रहा है। इस बाबत निजी अस्पताल के संचालकों को चेतावनी दी गई है। राज्य में 34

कवारेंटाइन जोन घोषित किये गये हैं। फिलहाल 800 से 900 सैंपलों के टेस्ट हर दिन किए

जा रहे हैं। बैठक में मंत्री रामेश्वर उरांव, चंपई सोरेन, बन्ना गुप्ता, सत्यानंद भोक्ता, मुख्य

सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, स्वास्थ्य विभाग के

प्रधान सचिव डॉ नीतिन मदन कुलकर्णी और प्रधान सचिव अविनाश कुमार मौजूद थे।

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2 Comments

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