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सृजन घोटालेबाजों का करीबी बन सकता है पटना का सीनियर एसपी




  • बिहार में इस महीने अंत में होंगे बड़े प्रशासनिक फेर- बदल
  • राज्य में नये मुख्य सचिव की भी तलाश हो गयी शुरू
  • 1986, 1987 एवं 1988 बैच के अधिकारी हैं इस रेस में
  • कई अफसरों के नामों की चर्चा अब सार्वजनिक हुई
दीपक नौरंगी

पटनाः सृजन घोटालेबाजों की चर्चा फिर से बिहार के प्रशासनिक महकमा के तबादलों से जुड़ने लगी है। राज्य में इस महीने बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल होने के आसार हैं। राज्य में प्रशासनिक रैंक के सबसे शीर्ष अधिकारी मुख्य सचिव त्रिपुरारी शरण का कार्यकाल दिसंबर महीने के अंत में समाप्त होने जा रहा है। उन्हें इससे पहले दो बार तीन-तीन महीने का सेवा विस्तार मिल चुका है। अब उनके सेवा विस्तार की संभावना भी कम लग रही है।




यदि ऐसा होता है तो महीने के अंत तक राज्य को नये मुख्य सचिव मिल जायेंगे। इस पद के लिए फिलहाल तीन बैच के आईएएस अधिकारी वरीयता के आधार पर इस रेस में हैं। इसमें 1986 बैच के संजीव कुमार सिन्हा (अध्यक्ष, राजस्व पर्षद), 1987 बैच के आमिर सुबहानी (विकास आयुक्त) एवं समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद तथा 1988 बैच के सुधीर कुमार (मुख्य जांच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग) शामिल हैं।

परंतु इन अधिकारियों में संजीव कुमार सिन्हा, अतुल प्रसाद एवं सुधीर कुमार 2022 के शुरुआती पांच महीने में ही रिटायर्ड होने जा रहे हैं। जबकि आमिर सुबहानी अप्रैल, 2024 में रिटायर्ड होंगे। हाल में 11 जिलों के डीएम को भी अपर सचिव रैंक में प्रोन्नति मिली है।

ऐसे में अब इनकी पोस्टिंग नये पद के मुताबिक होना तय है। राज्य में डीजी, एडीजी, आइजी, डीआइजी रैंक में भी आईपीएस अधिकारियों की प्रोन्नति हुई है। साथ ही कई जिलों में एसपी समेत अन्य अधिकारियों का भी एक स्थान पर तीन साल पूरा हो चुका है। ऐसे में पुलिस महकमा में भी बड़े स्तर पर तबादला होना तय माना जा रहा है।

सृजन घोटालेबाजों में कई नाम चर्चित रहे हैं

भागलपुर के सृजन घोटाले में बड़े मास्टरमाइंड के रूप में सुर्खियों में रहने वाले कलिंगा के मालिक राजू जो सीबीआई के हाथों से अभी तक दूर है बिहार के कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों से लेकर भागलपुर के कई सफेदपोश में यह चर्चा है कि कलिंगा के मालिक राजू से करीबी संबंध रहे एक आईपीएस अधिकारी को पटना का सीनियर एसपी बनाया जा सकता है

जब भागलपुर जोन हुआ करता था तो वह आईपीएस अधिकारी भागलपुर के जोन में किसी जिले में एसपी के रूप में पोस्टिंग थी कलिंगा के मालिक राजू आईपीएस अधिकारी को कई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उस जिले में जाता था




राज्य के कई बड़े आला अधिकारी ने उक्त आईपीएस अधिकारी को यह भी कहा यह बड़ा घोटालेबाज है उनसे आप दूरी बनाइए लेकिन उक्त आईपीएस अधिकारी और सृजन घोटाले के घोटालेबाज राजू के संबंध दूर होने के बजाय नजदीक होते रहे

जब घोटाले का पर्दाफाश हुआ तो उक्त आईपीएस अधिकारी ने घोटालेबाज राजू को मदद की थी राजनीतिक सूत्र बताते हैं कि बिहार राज्य के मुखिया का करीबी एक बड़ा नेता उक्त आईपीएस अधिकारी को पटना सीनियर एसपी बनने की बात पर पीठ ठोक दी है

राज्य के मुखिया नीतीश कुमार को इन सब बातों से अनभिज्ञ है पटना एसएसपी बनने की चाहत रखने वाले आईपीएस अधिकारी और राजू के मधुर संबंध सुर्खियां में है लेकिन उक्त आईपीएस अधिकारी चाहते हैं कि वह पटना सीनियर एसपी नहीं बने तो कम से कम भागलपुर सीनियर एसपी ही बन जाए अब इन सब बातों में कितनी सच्चाई है यह कहना कठिन होगा लेकिन बिहार के प्रशासनिक अधिकारियों में इन बातों की चर्चा काफी सुर्खियां पकड़ी हुई है।

राजेश चंद्रा होंगे रिटायर विनय कुमार को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

बिहार कैडर के कुमार राजेश चंद्रा को मिला आरपीएफ के डीजी का अतिरिक्त प्रभारइस वर्ष दिसंबर अंत तक 1985 बैच के आईपीएस कुमार राजेश चंद्रा सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

हाल में एडीजी (विधि-व्यवस्था) विनय कुमार की भी प्रोन्नति डीजी रैंक में हुई है। तेज तरार आईपीएस अधिकारी विनय कुमार को सरकार कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे सकती है

ऐसे में पुलिस महकमा में भी आला से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों का तबादला होना तय माना जा रहा है।

प्रशासन और पुलिस दोनों स्तर पर तबादले के लिए सामान्य प्रशासन विभाग तथा गृह विभाग में कसरत शुरू हो गयी है। 30 और 31 दिसंबर तक फेर बदल होने की संभावना जतायी जा रही है।



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