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स्वच्छ भारत मिशन एवं वीमेन डॉक्टर्स विंग की देश व्यापी अनूठी पहल

  • अमेरिकी डाक्टर रवि द्वारा तीस हजार जल सहियाओं को दिया गया प्रशिक्षण

  • कोविड अनुरुप व्यवहार और टीकाकरण संबंधी जानकारी प्रदान की

  • प्रजनन सम्बन्धी स्वास्थ्य पर वैक्सीन के सुरक्षित प्रभाव को बताता

रांचीः स्वच्छ भारत मिशन और वीमेन डॉक्टर्स विंग द्वारा कोरोना की दूसरी लहर के

दौरान बढ़ते संक्रमण को देखते हुए यूनिसेफ के द्वारा एक संयुक्त ऑनलाइन कोविड 19

के सन्दर्भ में प्रशिक्षण व जागरूकता अभियान का संचालन किया गया। यह पहल गाँव के

लोगों को कोविड अनुरूप व्यवहार एवं टीकाकरण के बारे में जो भ्रान्तियां है, खास कर

प्रजनन स्वास्थ्य पर इसके असर को लेकर जो भ्रांतियां हैं उसे दूर करने के लिए की गई।

कार्यक्रम में 30 हजार जल सहियाओं को देश की आईएमए की विभिन्न महिला शाखाओं

से जोड़ा गया था। कार्यक्रम के उद्घाटन कर्ता आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जया लाल

ने देश के सभी राज्यों की वीमेन डॉक्टर्स विंग की अध्यक्षाओं को झारखंड के इस अभियान

का अनुसरण अपने – अपने राज्यों में करने के लिए प्रेरित किया। वीमेन डॉक्टर्स विंग

झारखंड की अध्यक्षा डॉ. भारती कश्यप एवं स्वच्छ भारत मिशन झारखंड की डायरेक्टर

नैन्सी सहाय ने पूरे कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन किया। मुख्य वक्ता डॉ. रवि

कश्यप, डॉ. भारती कश्यप एवं डॉ. रुपिंदर सेखों ने वेबिनार के माध्यम से कोविड वैक्सीन

के प्रजनन स्वास्थ्य पर सुरक्षित प्रभाव, कोविड 19 अनुसार व्यवहार, नेत्रदान जागरूकता,

महिलाओं के जननांग सम्बन्धी कैंसर से बचाव के तरीकों से अवगत कराया। इलेनोईस

यूनिवर्सिटी अमेरिका के प्रोफ़ेसर डॉ. रवि कश्यप ने वेबिनार के द्वारा सहियाओं को सरल

हिंदी भाषा में कोविड अनुरूप व्यवहार एवं प्रजनन स्वास्थ्य पर टीके के सुरक्षित प्रभाव को

बताया और कहा कि कोविड 19 टीका गर्भावस्था में यह वैक्सीन दिया जा सकता है।

कोविड 19 टीका दूध पीला रही माँ को दिया जा सकता है। यह टीका महिलाओं और पुरुषों

में बांझपन नहीं करता है।

स्वच्छ भारत मिशन और इस संयुक्त पहल में भ्रांतियां दूर हुई

कोविड टीका से कोविड का संक्रमण नहीं हो सकता है। यह इन्फेक्शन एक बार होने के बाद

दुबारा भी हो सकता है, टीका लगाने के बाद भी इन्फेक्शन हो सकता है इसलिए

सुरक्षात्मक तरीकों को अपनाना न छोड़ें। छोटे बच्चों को भी यह हो सकता है, इसलिए

बच्चों के लिए भी सुरक्षात्मक तरीकों को अपनाएं। राजीव गाँधी कैंसर इंस्टिट्यूट एंड

रिसर्च सेंटर, नई दिल्ली की डायरेक्टर डॉ. रुपिंदर सेखों ने सर्वाइकल कैंसर एवं स्तन कैंसर

से बचाव के लिए सुरुआती लक्षणों जैसे शारीरिक संबंध बनाते वक्त ब्लड आना या तेज़

दर्द होना, वेजाइना से अक्सर व्हाइट बदबूदार डिस्चार्ज होना, पीरियड के वक्त काफी

ज्यादा दर्द हो, पेशाब की थैली में भी दर्द, पेट के निचले भाग में दर्द, अनियमित मासिक

स्राव इत्यादि की पहचान के बारे में सभी सहियाओं को बताया क्योकि शुरूआती दौर में

नहीं पहचान होने की वजह से ही हमारे देश में कई बार महिलाओं की ब्रेस्ट कैंसर एवं

सर्वाइकल कैंसर से बचाया नहीं जा पाता है। डॉ. भारती कश्यप ने नेत्रदान के विषय में एवं

प्रशांता दाश, यूनिसेफ के झारखंड प्रमुख ने हाथ धुलाई के सही तरीकों पर जानकारी दी।

यूनिसेफ की मदद से सहियाओं ने वैक्सीन की प्रजनन शक्ति की सुरक्षा पर ऑनलाइन

माध्यम से कई सवाल पूछे जिसका हिंदी भाषा में डॉ. रवि कश्यप ने जबाब दिया। इस

अभियान को आगे भी ग्रामीण क्षेत्रों से जोड़ा जायेगा ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण

खतरनाक दौर में न पहुंचे। इस ऑनलाइन वेविनार के दौरान इन सहियाओं बोकारो से

सुनीता देवी, गोड्डा से सोनी देवी, रांची से रिंकी केशरी, गढ़वा से अर्यमा कुमारी और

गिरिडीह से सुरंती देवी ने अपने अपने सवाल पूछे।

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