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चीनी जासूस के मददगारों की तलाश रही है पुलिस और एजेंसियां

चीनी जासूस के मददगारों की तलाश रही है पुलिस और एजेंसियां
  • समझने के लिए घटनास्थल पर उसे ले गयी थी पुलिस

  • उसके लिए नदी पार करना बिना मदद के संभव नहीं था

  • चिप जांचने के लिए शरीर का भी स्कैन कराने की तैयारी

राष्ट्रीय खबर

मालदाः चीनी जासूस के मददगारों की अब तलाश हो रही है। सीमा सुरक्षा बल द्वारा

भारत में प्रवेश करते गिरफ्तार किये गये इस चीनी नागरिक को आज पुलिस उस स्थान

पर भी ले गयी थी, जहां से उसने भारत में प्रवेश करने की बात कही थी। वहां पूरे घटनाक्रम

को दोबारा से जांचा गया। इसके आधार पर ही यह माना गया है कि बिना दूसरे लोगों की

मदद से नदी के इस हिस्से को पार करना संभव नहीं था। नदी में कई जगह पर पानी गहरा

है। इसलिए अनुमान है कि बांग्लादेश की तरफ एक और भारत की तरफ एक दो मददगार

उसे नदी पार कर आने में निर्देश दे रहे होंगे। वे कौन थे, उसकी भी तलाश हो रही है। इस

बीच इस मामले को जिला पुलिस ने एसटीएफ के सुपुर्द कर दिया है। अदालत में पेश किये

जाने के बाद उसका पुलिस रिमांड लिया गया है। कालियाचक थाना के मिलिक

सुलतानपुर इलाका से सुबह को भारत में प्रवेश करने वाले इस चीनी जासूस के पास से

बरामद लैप टॉप और अन्य उपकरणों की भी जांच हो रही है। साथ ही उसके शरीर के अंदर

कोई चिप लगा हुआ है अथवा नहीं, उसकी जांच के लिए उसका स्कैन भी कराया जाएगा।

चीनी जासूस जिस रास्ते से आया है वहां नदी में पानी है

चीनी जासूस हान जूनवे जिस रास्ते से भारत में आने की बात कर रहा है, वह मरा

भागीरथी नदी है। आम तौर पर इस नदी में पानी कम रहता है। अभी बारिश के मौसम में

नदी में पानी का प्रवाह है। इसलिए कई गहरे इलाकों को किसी अनजान व्यक्ति के द्वारा

पार करना संभव नहीं है। ऐसे में पानी में डूब जाने का खतरा है। इसलिए चीनी जासूस के

मददगार जो थे, वे शायद बीएसएफ के पहुंच जाने की वजह से चुपचाप भाग निकले हैं।

चीनी जासूस के पास से मिले उपकरणों में चीन, ताइवान और सिंगापुर में इस्तेमाल होने

वाली मैडरीन भाषा के दस्तावेज हैं। उसी भाषा में उसके लैपटॉप को भी लॉक किया गया

है। अब विशेषज्ञों की मदद से इस पासवर्ड को खोलने की कोशिश हो रही है। चीनी जासूस

के मददगारों में भारती सीमा की तरफ कौन था, उसकी जांच तेज कर दी गयी है।

मददगार की तलाश में जांच तेज कर दी गयी

इधर पहले से मामला दर्ज होने की वजह से उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी इस व्यक्ति की मांग

की है। यहां की अदालत से अनुमति मिलने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस उसे अपने साथ ले

जाएगी। जांच अधिकारियों का मानना है कि चीनी जासूस के मददगारों में से भारतीय पक्ष

का व्यक्ति इसी इलाके का तथा बांग्लादेश की तरफ का व्यक्ति चांदपाड़ा गांव का हो

सकता है। इस बारे में पुलिस अधीक्षक आलोक राजोरिया ने कहा कि पूरे मामले की जांच

जारी है। इसलिए इस पर कोई औपचारिक जानकारी दे पाना अभी संभव नहीं होगा।

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