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चीन के वैज्ञानिकों ने जीन आधारित ईलाज की दिशा में एक और सफलता पायी

  • जीन थैरापी की मदद से उम्र बढ़ने को रोकने की कोशिश

  •  अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिकों के बीच संयुक्त शोध का प्रबंध प्रस्तुत

  •  पहले से ही कई जीनों की पहचान हो चुकी हैं इस दिशा में

  •  एक नये जीन की पहचान कर उसे मुख्य जिम्मेदार माना गया

राष्ट्रीय खबर

रांचीः चीन के वैज्ञानिकों पर फिलहाल दुनिया कोरोना की वजह से बहुत कम भरोसा कर

पा रही है। अनेक बहुराष्ट्रीय अनुसंधान टीमों ने भी चीन के वैज्ञानिकों ने अपना रिश्ता

तोड़ लिया है। संयुक्त तौर पर चल रहे कई शोध में अब चीन के विश्वविद्यालयों को

शामिल नहीं किया जा रहा है। इसके बीच ही चीन की तरफ से यह दावा किया गया है कि

उसके वैज्ञानिकों ने उम्र को बढ़ने से रोकने के लिए एक नई विधि आजमायी है, जो सफल

रहा है। यह जीन थैरापी की मदद से हासिल की गयी सफलता है, ऐसा दावा किया गया है।

यह भी दावा किया जा रहा है कि भविष्य में इसी विधि को और विकसित कर उम्रको एक

खास सीमा के बाद आगे बढ़ने से पूरी तरह रोका जा सकेगा। जेनेटिक विज्ञान में इस बात

का पता पहले से ही लग चुका है कि इंसान अथवा किसी अन्य जीवित प्राणी की उम्र बढ़ने

का रिश्ता कुछ खास जीनों के साथ जुड़ा होता है। इन जीनों की पहचान होने के बाद

क्रमवार तरीके से उनके काम करने के तरीकों पर भी शोध हो रहा है। इन जीनों के संशोधन

के बाद भी उम्र को बढ़ने से नहीं रोका जा सका है अथवा कुछेक जीनों में बदलाव की वजह

से दूसरे नकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिले हैं। इसलिए यह समझा गया था कि किसी

भी प्राणी के डीएनए में मौजूद इन जीनों की जिनोम श्रृंखला का अभी और अध्ययन किया

जाना शेष है। ताकि यह पता चल सके कि कौन सा एक अथवा कई जीन मिलकर उम्र के

बढ़ने के काम को जारी रखते हैं। इसी क्रम में ऐसा भी माना गया है कि हो सकता है

जिनोम श्रृंखला में कई और जीन भी हो, जिसकी पहचान अब तक नहीं हो पायी है, जो उम्र

पर असर डाल सकती है।

चीन के वैज्ञानिकों ने अलग अलग टीम में काम किया है

चीन की विज्ञान अकादमी के तहत काम करने वाली संस्था इंस्टिट्यूट ऑफ जूलॉजी,

पीकिंग विश्वविद्यालय और बीजिंग इंस्टिट्यूट ऑफ जिनोमिक्स के वैज्ञानिकों ने इस

बार मं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने शोध से संबंधित एक प्रबंध प्रकाशित किया है। इसमें

उम्र के बढ़ने के कारणों और उसे बढ़ने से रोकने की दिशा में उनके द्वारा किये गये शोध

की वैज्ञानिक जानकारी दी गयी है। इन वैज्ञानिकों ने अपने सामूहिक प्रयास से एक और

मानवीय जीन की पहचान करने का दावा किया है, जो उम्र को बढ़ाने में अपनी भूमिका

निभाता है। जिस जीन को खोजने का चीन के वैज्ञानिक दावा कर रहे हैं, वह पहले से

पहचाने जा चुके जीनों से भिन्न है। इस शोध को आगे बढ़ाने के लिए शोधकर्ताओं ने वैसे

एक सौ लोगों की पहचान की थी, जिनपर उम्र बढ़ने का असर सामान्य से काफी अधिक

पाया गया था। ऐसा होता है कि कई बार इंसानों में उसकी वास्तविक उम्र से अधिक का

प्रभाव दिखने लगता है, जो निश्चित तौर पर जेनेटिक कारणों से होता है। इन एक सौ

लोगों की गहन जांच के बाद वैसे पचास लोगों का चयन किया गया था, जिन्हें इस उम्र को

रोकने के प्रयोग में शामिल किया गया। इसपर पहले से चूंकि उम्र का प्रभाव दिख रहा था,

उसी वजह से उनके एसडीआरएनए को लक्ष्य साधकर यह जीन थैरापी की गयी थी। इसके

तहत पाया गया कि केएटी7 नामक एक खास जीन उम्र पर अपना असर डालता है। इसके

कम होने से प्रक्रिया तेज हो जाती है और उसके ठीक विपरित जब उसकी मात्रा बढ़ा दी

गयी तो यह उम्र को तेजी से रोकने और वास्तविक अवस्था में लौट जाने के लिए मददगार

बना। लिहाजा इसी केएटी7 पर शोधकर्ताओं ने अपना काम किया है।

इंसानों पर किया गया प्रयोग और उसके आंकड़े इसे साबित करते हैं

इंसानों पर किया गया इस प्रयोग का नतीजा रहा है यह हिस्टोन एच 3 में डीएनए की

श्रृंखला में काफी बदलाव करता चला गया। इसी वजह से डीएनए श्रृंखला में मौजूद

पी15आइएनके4बी के रासायनिक संकेतों पर नियंत्रण पाया गया। इतना कुछ होने की

वजह से उम्र का जो असर इंसानों पर पहले नजर आता था,वह पीछे की तरफ लौटता गया।

यानी जो लोग उम्र से अधिक बूढ़े दिख रहे थे, वे इस प्रयोग में फिर से जवान दिखने लगे।

लेकिन वैज्ञानिक सिर्फ दिखने भर की उपलब्धि से संतुष्ट नहीं हैं। यह बताया गया है कि

उम्र का प्रभाव को इंसान के आंतरिक अंगों पर भी पड़ता है। इसलिए उस जेनेटिक रास्ते

की भी तलाश जरूरी है, जो इन आंतरिक अंगों को भी नये सिरे से जवान बना सके। चूहों

पर हुआ जीन थैरापी का अगर चरण इस मामले में भी सफल रहा है। इसके आधार पर

चीन के वैज्ञानिक मानते हैं कि केएटी7 को भी शरीर के अंदर उम्र संबंधी गतिविधियों का

संचालन माना जा सकता है। जिसे सुधारकर उम्र को न सिर्फ बढ़ने से रोका जा सकता है

बल्कि उम्र की घड़ी को विपरित दिशा में भी संचालित किया जा सकता है।

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