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चीनी सेना ने आम नागरिकों को सेना के भेष में गश्ती करायी

  • भारतीय सेना ने चीनी साजिश को पर्दाफाश कर दिया
  •  मैकमोहन लाइन के पास पांच सौ चीनी सैनिक खदेड़ा
  •  आम नागरिकों से गश्ती के बहाने सूचना लेने का काम
  •  पहाड़ी दर्रों में घूमने वालों नागरिकों ने पहनी है वर्दी
भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: चीनी सेना की एक और साजिश को भारतीय सेना ने विफल कर दिया। सेना के

वरिष्ठ कमांडरों की बैठक के बीच ही यह साजिश पकड़ी गयी है। इस साजिश का पता

चलने के बाद, भारतीय सेना ने तुरंत कार्रवाई की है। भारतीय सेना, गजराज वाहिनी

तेजपुर मुख्यालय के वरिष्ठ सूचना अधिकारी ने आज मीडियाकर्मियों से कहा कैसे

भारतीय सेना ने मैकमोहन लाइन में 500 चीनी सैनिकों को खदेड़ दिया और अतिक्रमण के

प्रयास को विफल कर दिया। इस बीच, चीन की एक और साजिश को उजागर किया गया

है। भारतीय सेना गजराज वाहिनी तेजपुर मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि

लद्दाख में भारतीय जमीन पर कब्जा करने की फिराक में लगा चीन अब पूर्वोत्तर भारत में

नया मोर्चा खोल रहा है। चीन अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर आम

नागरिकों की आवाजाही को बढ़ा दिया है। ये चीनी नागरिक अरुणाचल प्रदेश में पहाड़ी दर्रो

पर अपनी नजर गड़ाए हुए हैं। इन इलाकों में घूम लगा रहे चीनी आम नागरिक हैं लेकिन

सेना की वर्दी पहने हुए हैं।


चीनी सेना इसी तरह की हरकत लद्दाख में खासतौर पर देमचोक इलाके में कर चुका है l

अधिकारी की रिपोर्ट के मुताबिक अरुणाचल में आम नागरिकों की मदद से एलएसी पर

दर्रो की रेकी करने की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। कूटनीतिक कारण से भारतीय सेना के

वरिष्ठ अधिकारी ने इससे अधिक बोलना नहीं चाहते फिर भी उन्होंने ने कहा कि ‘ यहां पर

जासूसी करने वाले चीनी नागरिक सेना की वर्दी पहनकर आ रहे हैं जिससे चीन की चाल

को लेकर भारतीय सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। इनचीनी नागरिकों को वर्दी पहनकर

आने के लिए कहा गया है ताकि वे देखने में चीनी सैनिक या सीमा प्रहरी लगें। चीनी सेना

इस तरह की हरकत लद्दाख में भी कर रही है। इससे पहले चीन भारतीय सेना के अग्रिम

मोर्चों की जासूसी के लिए देमचोक में अपने नागरिकों को भेज चुका है। चीन हर सप्ताह

अलग-अलग टीम भेज रहा है। भारतीय रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अरुणाचल सेक्टर

काफी संवेदनशील है और चीन का मकसद इस तरह की हरकतों के जरिए जमीनी

सूचनाओं को इकट्ठा करना है। इसके अलावा कमजोर कड़ियों को ढूंढना और ऐसे लोगों की

तलाश करना है जो चीन के लिए काम कर सकें। उन्होंने कहा कि भारत को इसको लेकर

सतर्क रहना चाहिए। भारतीय सेना गजराज वाहिनी तेजपुर मुख्यालय के वरिष्ठ सूचना

अधिकारी ने कहा कि पूर्वी सेक्टर में भी भारत और चीन के बीच तनाव बना हुआ है। दोनों

ही देशों के करीब 40 हजार से ज्यादा सैनिक मई महीने के पहले सप्ताह से तैनात हैं। चीन

लगातार भारतीय सीमा में घुसपैठ करने और भारतीय सैनिकों को भड़काने की कोशिश

कर रहा है। लेकिन भारतीय सेना के जवान भी शांतिपूर्ण तरीके और यथास्थिति में स्थिति

को संभालने में माहिर हैं। लेकिन यह फिर से स्पष्ट हो गया है कि चीन दरअसल बोलता

कुछ और है और काम कुछ और करता है।


 

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