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सिक्किम सीमा पर भारतीय सेना ने चीन को पीटकर भगाया




  • गलवान दोहराने की कोशिश में धुलाई हो गयी चीनियों की

  • नाकूला दर्रे पर तीस से अधिक चीनी सैनिक घायल

  • चुपचाप घुसकर चौकी बनाने में पिट गये चीनी

  • मार पीट में छह भारतीय सैनिक भी चोटिल

  • गत बीस जनवरी को हुई थी जोरदार झड़प

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: सिक्किम सीमा पर फिर से भारत और चीन के सैनिकों की मार-पीट हुई है। इस

बार भारतीय सैनिकों ने सतर्कता बरतते हुए चीन के सैनिकों को भागने पर मजबूर कर

दिया है। वहां हुई मार पीट के बारे में देर से मिली सूचना के मुताबिक यह घटना  20

जनवरी की है। सिक्किम सीमा में भारतीय सेना और चीनी सैनिकों के बीच बड़ी झड़प हुई

थी। इसमें दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुई झड़प में 30 चीनी सैनिक और 6 भारतीय

सैनिक घायल हो गए थे। भारतीय सेना के सूत्रों के अनुसार, 20 जनवरी की रात को

अचानक चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में जबरदस्ती घुसपैठ करने की कोशिश की। इस

समय भारतीय सेना ने आपत्ति जताई लेकिन चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों की बात

नहीं मानी। इसी समय, दोनों पक्षों में झगड़े हुए, हो गई भारी मार पीट ।अब भारतीय ने

आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर जारी

गतिरोध के बीच सिक्किम सीमा पर भारत और चीन के बीच झड़प हो गई। भारतीय सेना

ने कहा, ’20 जनवरी को सिक्किम के ना कुला दर्रे पर चीनी सैनिकों के साथ मामूली झड़प

हुई थी। इसे स्थानीय कमांडर स्तर पर निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार सुलझाया गया था।

सूत्रों के मुताबिक नाकू-ला दर्रे पर हुई झड़पों में 30 चीनी सैनिकों और 6 भारतीय सैनिकों

के घायल होने की खबर है। स्थिति अभी तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन स्थिति स्थिर है।

सिक्किम सीमा पर चौकी बना रहे थे चीनी सैनिक

मिली जानकारी के मुताबिक सिक्किम के ना कुला में चीनी सेना ने यथास्थिति बदलने

का प्रयास किया। यह जगह 19000 फीट की ऊंचाई पर है। सूत्रों के मुताबिक कुछ चीनी

सैनिक घुसपैठ के इरादे से भारतीय सीमा की ओर बढ़ रहे थे। इस दौरान भारतीय सेना ने

जवाबी कार्रवाई करते हुए 30 चीनी सैनिकों को घायल कर दिया। खबरों के मुताबिक

सिक्किम के ना-कुला में घुसपैठ की कोशिश ऐसे समय में हुई है जब चीनी सेना ने पूर्वी

लद्दाख से अपने 10,000 सैनिकों को हटा दिया है। सूत्रों के मुताबिक चीनी सेना ने पूर्वी

लद्दाख के अलावा सिक्किम समेत कई इलाकों से अपनी तैनाती कम कर दी है, लेकिन

जवान अभी भी डटे हुए हैं। इससे पहले 8 जनवरी को भारतीय सीमा में घुसने के बाद एक

चीनी सैनिक को हिरासत में लिया गया था। घटना पूर्वी लद्दाख में पौंग त्सो झील के

दक्षिणी हिस्से की है। 2 दिन बाद ही चीनी सैनिक को लौटा दिया था। चीन ने साफ

किया था कि उसका सैनिक गलती से भारतीय क्षेत्र में चला गया है। यहां बता दें कि नकुला

सीमा पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प की घटना नई है। पिछले साल भी मई

महीने में जब दोनों देश कोरोना संकट से जूझ रहे थे, तब चीनी सैनिकों ने अतिक्रमण

करने की कोशिश की थी। भारतीय सैनिकों ने जब चीनी सैनिकों को समझाने की कोशिश

की तो वे धक्कामुक्की पर उतर आए। भारतीय सेना ने भी इसका मुंहतोड़ जवाब दिया।

सात चीनी सैनिकों को अधिक चोटें आईं ।

दोनों तरफ से करीब डेढ़ सौ जवान भिड़ गये थे

संघर्ष के समय दोनों देशों के करीब 150 जवान सीमा पर थे। सिक्किम के ना-कुला में

संघर्ष के करीब एक महीने पहले दोनों सैनिक पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में थे। इसमें

करीब 40 चीनी सैनिक भारतीय सैनिक मारे गए थे, जबकि 20 भारतीय सैनिक शहीद हो

गए थे।  गलवान में हिंसक झड़पों के बाद से भारत और चीन के बीच तनाव बरकरार है ।

नकुला में संघर्ष की खबर ऐसे समय में आई है जब मोल्दोवा में करीब 15 घंटे की बैठक का

नौवां दौर दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए बेनतीजा रहा। ताजा घटना चीनी

नीयत पर बड़ा सवाल उठाती है।



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