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ड्रोन उड़ाकर हमारी गतिविधियों की लगातार टोह ले रहा है चीन

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  • सेना प्रमुख ने दौरा कर लिया तैयारियों का जायजा

  • सेना प्रमुख को वरीय अधिकारियों ने दी पूरी जानकारी

  • चीन ने अरुणाचल के पास एलएसी पर तैनात किये ड्रोन

  • भारतीय सेना ने भी धीमी गति से मानवरहित ड्रोन लगाये

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: ड्रोन उड़ाकर हमारी सैनिक गतिविधियों को हर पल भांप रहा है चीन। इससे यह




साबित हो जाता है कि गलवान घाटी के खूनी संघर्ष के बाद चीन भी भारत को पहले की

तरह हल्के में नहीं ले रहा है। भारत चीन सीमा पर कई स्थानों पर उसे भारत से भीषण

खतरा नजर आने लगा है। पूर्वी लद्दाख के बाद, चीन अब अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर

अपनी तैनाती बढ़ा रहा है। खुफिया एजेंसियों ने सरकार को सूचित किया है कि चीन की

पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की सेना अरुणाचल प्रदेश के साथ लगती सीमा पर

सैनिकों की संख्या बढ़ा रही है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि, अरुणाचल प्रदेश के सुबांसरी

इलाके के ठीक सामने वाले तिब्बत के लुंग पीएलए में एक नया हैलिपैड तैयारतैयार करने

की बात चल रही है। इसके साथ ही चीन ने अरुणाचल प्रदेश से सटे वास्तविक नियंत्रण

रेखा (एलएसी) की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे भी तैनात किए हैं। बता दें कि इंटेलिजेंस

रिपोर्ट मिलने के बाद सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने गुरुवार को असम के

तेजपुर स्थित चौथी कोर मुख्यालय का दौरा किया। तेजपुर मुख्यालय सेना के एक वरिष्ठ

अधिकारी ने बताया कि इस दौरान उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा

(एलएसी) पर भारत की सैन्य तैयारियों की व्यापक स्तर पर समीक्षा की। उन्होंने कहा कि

सेना और वायु सेना ने चीन सीमा में तैनाती बढ़ाई हैं।

ड्रोन उड़ाने की जानकारी भारतीय सैन्य कमांडरों को है

सेना की पूर्वी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान ने सेना प्रमुख को पूर्वी

सेक्टर में चीन से सटी सीमा पर सैनिकों और हथियारों की तैनाती के बारे में विस्तृत

जानकारी दी। सेना प्रमुख ने पूर्वी कमान के सभी कोर कमांडरों से बातचीत की और

वर्तमान सुरक्षा स्थिति तथा सैन्य अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों ने

बताया कि जनरल नरवणे ने देश की सीमाओं की सुरक्षा और अखंडता की रक्षा कर रहे




सैनिकों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें सदैव सचेत रहने के लिए प्रोत्साहित किया।पूर्वी

लद्दाख में सीमा पर चीन के साथ हुई झड़प के मद्देनजर भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश

और सिक्किम में लगभग 3,500 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर मौजूद

सभी संवेदनशील क्षेत्रों में सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है।सूत्रों ने बताया कि भारतीय वायु

सेना ने भी अरुणाचल सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर वायु सीमा पर निगरानी

रखने के लिए मुख्य ठिकानों पर अतिरिक्त युद्धक विमान और हेलीकाप्टर तैनात किए हैं।

भारत ने भी अपनी तरफ की किलेबंदी और मजबूत की

इसके साथ ही, यह उल्लेखनीय है कि पूर्वी लद्दाख में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प के

बाद दोनों देशों के बीच सीमा पर शांति बहाल करने के लिए कई कमांडर स्तर की बैठकें

हुईं। बैठक के दौरान, चीन शांति बहाल करने के लिए सहमत है, लेकिन इसके शब्दों और

कार्यों के बीच अंतर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।इस बीच, सूत्र ने कहा कि भारतीय सेना

दुश्मन के खतरों का मुकाबला करने के लिए उच्च शक्ति वाले पूर्ण ड्रोन लॉन्च करने की

भी योजना बना रही है। भारतीय सेना की ओर से सभी सीमा क्षेत्रों की निगरानी के लिए

धीमी गति से चलने वाले मानवरहित ड्रोन के योजना बना रही है।

चीन और पाकिस्तान के साथ सीमाओं पर बढ़ते खतरों के बीच, भारतीय सेना ने इस गति

भार को ड्रोन में स्थापित करने की योजना बनाई है। धीमी गति से चलने वाले मानवरहित

ड्रोन हवाई मिसाइलों के रूप में काम करेंगे। भारतीय सेना के सूत्रों ने कहा कि इस ड्रोन को

चीन के साथ सीमाओं पर सभी सीमा क्षेत्रों की निगरानी के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा

नियोजित किया जाएगा।

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