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भारत के खिलाफ चीन आक्रामक अरुणाचल और सिक्किम के पास चीन ने तैनात की मिसाइलें

  • भारत की सीमा से नागरिकों को हटाने लगा चीन

  • भारतीय सेना पहले से ही पूर्ण सतर्क अवस्था में

  • लद्दाख से आगे तक है दोनो पक्षों की तैयारी

  • हवाई हमले के बचाव की तैयारियां दोनों तरफ

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: भारत के खिलाफ चीन की आक्रामकता लद्दाख तक सीमित नहीं है, बल्कि वह

हर तरफ से भारत को घेरने की नापाक कोशिश में जुटा है। ओपन सोर्स सैटेलाइट तस्वीरों

से खुलासा हुआ है कि पीपल्स लिबरेशन आर्मी अब भारत-भूटान और चीन के ट्राइ जंक्शन

पर एक स्ट्रक्चर बना रही है। असम तेजपुर स्थित 4 कोर भारतीय सेना मुख्यालय से

आज यह जानकारी दी है । उन्होंने कहा कि चीन ने भारत के अरुणाचल प्रदेश से सटे अपने

इलाके से तिब्बतियों को हटाना शुरू कर दिया है। तवांग के पास स्थित इसे सीमाई

इलाकों को सुदृढ़ बनाने की योजना के तहत ऐसा कर रहा है। चीन भारत के हवाई हमले से

निपटने के लिए सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें तैनात कर रहा।

असम तेजपुर स्थित 4 कोर मुख्यालय में एक वरिष्ठ लेफ्टिनेंट कर्नल आधिकारिक सूत्रों

ने आज कहा कि चीन ने सीमा पर चल रहे तनाव के बीच भूटान और भारत के अरुणाचल

प्रदेश से सटे अपने इलाके से तिब्बसतियों को हटाना शुरू कर दिया है। भारतीय सीमा पर

चीन अपने वायुसेना के एयर डिफेंस सिस्टम को न केवल अपग्रेड कर रहा है, बल्कि

विस्तार भी कर रहा है। इसी कड़ी में उसने भारत के खिलाफ दो नई एयर डिफेंस पोजिशन

तैयार करनी शुरू कर दी हैं जिनके मिसाइल साइट्स होने की आशंका है। चीन डोकलाम के

पास सिक्किम से सटे अपने इलाके में अर्ली वॉर्निंग रेडार साइट्स के पास ये मिसाइलें

तैनात कर रहा है।

भारत के खिलाफ चीन की तैयारियों पर कड़ी नजर

सूत्रों ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में चीन की भारत के खिलाफ होने वाली इन तैयारियों और

सीमा पर तनाव को देखते हुए आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि भारतीय सेना ने लगभग सभी

संवेदनशील क्षेत्रों में सैनिकों की तैनाती में उल्लेखनीय बदलाव किया है। सूत्रों ने बताया

कि भारतीय वायु सेना ने अरुणाचल क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ हवाई क्षेत्र

की देख रेख के लिए अतिरिक्त लड़ाकू जेट विमानों और हमलावर हेलीकॉप्टरों को तैनात

किया है। दूसरी ओर,भारत-भूटाना सीमा से तिब्ब ती लोगों को हटाने का काम शुरू हो गया

है। गांव के 24 घरों के 72 लोगों को नए घरों से शिफ्ट किया गया है। ये नए घर उनके मूल

घरों से काफी दूर बनाए गए हैं। इस तरह ये ग्रामीण सैकड़ों साल से जिस इलाके में रह रहे

थे, उसे छोड़कर दूर भेजे जा रहे हैं। चीन ने दावा किया है कि इससे तिब्बती लोगों की

आमदनी बेहतर हो रही है।चीन ने लक्ष्यर रखा है कि 30 सितंबर तक सभी 96 गांवों के

लोगों के निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए। अरुणाचल प्रदेश के तवांग को चीन अपना

हिस्सा बताता है। उसका कहना है कि यह क्षेत्र दक्षिणी तिब्बत का भाग है। बता दें कि

तवांग बौद्ध धर्म के पवित्र स्थलों में से एक है। नाकू ला और डोका ला पास से 50 किमी दूर

सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की साइट मौजूदा एयर डिफेंस गैप के नजदीक

हैं जहां पहले विवाद की स्थिति थी। भारत भी लगातार इंटेलिजेंसी सर्विलांस और रेकी

मिशन कर रहा है।

भारतीय वायुसेना के विमान भी इलाके में तैयार

इस सेक्टर में तनावपूर्ण स्थिति के चलते भारत ने यहां बोईंग पी 8 जैसे जेट तैनात कर

रखे हैं। हालांकि, चिंता की बात यह है कि चीन द्वारा बुनियादी ढांचे का तेजी से निर्माण

किया जा रहा है, जो अरुणाचल प्रदेश में 1126 किलोमीटर लंबी एलएसी के पूरे खंड के

साथ-साथ पूर्व में अंजाव जिले से लेकर पश्चिम में तवांग तक फैला हुआ है।इस बीच,

भारतीय सेना के आधिकारिक सूत्रों के वरिष्ठ लेफ्टिनेंट कर्नल ने कहा कि भारत ने पहले

आकाश मिसाइल प्रणाली सहित त्वरित प्रतिक्रिया वायु रक्षा मिसाइलें तैनात की थीं। ये

हथियार लड़ाकू जेट और सशस्त्र ड्रोन ले सकते हैं। रूसी मूल की इगला हवाई रक्षा प्रणाली

से लैस भारतीय सैनिक दुश्मन के फाइटर जेट्स या हेलिकॉप्टर उतार सकते हैं जो

भारतीय स्थानों के करीब आते हैं।


 

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