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पास के गांव के लोगों को लालच दे रहे हैं चीनी सैनिक

  • अरुणाचल के गांव में भारतीय सेना ने दी फोन सुविधा

  • चीन की तरफ से बिजली, पानी और इंटरनेट

  • पूर्वी कामेंग के मागो चूना के इलाके की घटना

  • भारतीय सेना को पीसीओ हो गया लोकप्रिय

  • चीन अपने शन्नान से लोगों को हटा रहा है

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी : पास के गांव के लोगों को चीन अपने सैनिकों के सहारे लालच देने के काम में

जुटा हुआ है। खराब संचार के कारण भारत-चीन सीमा के साथ गाँवों में रहना बहुत

मुश्किल है। भारतीय सेना ने चीन के सीमावर्ती अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी कामेंग जिले के

मागो-चूना के दूरदराज गांव के ग्रामीणों के लिए मुफ्त में मोबाइल टेलीफोन बूथ स्थापित

किया है। रक्षा सूत्रों ने यह जानकारी दी। जीएसएम के (ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल

कम्युनिकेशन) पब्लिक कॉल ऑफिस (पीसीओ) ने स्थापित किया, ताकि लोग अपनी

जरुरतों के हिसाब से दूसरों के साथ बातचीत कर सकें।यहाँ उल्लेख करें कि भारत के सबसे

पूर्वी प्रशासनिक वृत्त किबिथु तक पहुँचने के लिए, ग्रामीण लोगों को अरुणाचल प्रदेश में

लोहित नदी के घुमावदार मार्ग के साथ-साथ एक लंबा और अकेला रास्ता चलाना पड़ता

है। अंजाव जिले में स्थित, किबिथु में एक दर्जन गाँव हैं, जिनमें कहो और मुसाई शामिल

हैं, जो मैकमोहन लाइन के 10 किमी के दायरे में आते हैं जो भारत को पूर्व में चीन से अलग

करती है।1962 के युद्ध के दौरान ये हिस्से चीनी कब्जे में थे। फिर 2016-17 में, मैंने

वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के भारतीय भाग पर जीवन और बुनियादी ढाँचे के

निर्माण पर लिखने के लिए सिक्किम और लद्दाख का दौरा किया।जमीन पर,

सुरक्षाकर्मियों की उपस्थिति और वर्षों से पहाड़ियों, पहाड़ियों और धाराओं के भौतिक

कब्जे के परिणामस्वरूप कई हिस्सों में फैला हुआ है।

पास के गांव के लोगों का सेना से नियमित संपर्क

रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल पी खोंगसई ने कहा कि मैगो-चूना के दूरदराज के क्षेत्रों में

संचार सुविधा नहीं है, वहां टेलीफोन कनेक्टिविटी 28 किलोमीटर दूर है।उन्होंने कहा कि

टेलीफोन कनेक्टिविटी न होने के कारण यहां के समाजिक जीवन को बढ़ावा देने में

समस्या होती थी। इस सुविधा की उपलब्धता से खुशी हुई है, इससे अवसर के कई नए

रास्ते खुलेंगे।उन्होंने कहा कि भारतीय सेना पूर्वी कामेंग में दूरदराज के ग्रामीणों के लिए

मुफ्त जीएसएम आधारित पीसीओ स्थापित की गई है।

दूसरी ओर, भारत-चीन सीमा के साथ गाँवों में चीन ने दक्षिण पश्चिम चीन में शन्ना न

काउंटी से तमाम लोग हटाए जा रहे है। चीन ने भारत और भूटान से लगे अपने 96 गांवों के

लोगों को सीमा से दूर नए घर बनाकर बसा रहा है।इन नए घरों में ग्रामीणों के लिए

बिजली, पानी और इंटरनेट की सुविधा मुहैया कराई गई है। चीन ने 30 सितंबर तक सभी

96 गांवों के लोगों को नई जगह बसाने का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है। उसने भारत-

भूटान सीमा पर स्थित डोकलाम में भी मिसाइलें तैनात की हैं। हाल में भूटान के साथ

उसके विवाद के निशाने पर भी अरुणाचल ही था। हालांकि चीन का दावा है कि सीमा से

तिब्बशती लोगों को हटाने का काम वर्ष 2018 में ही शुरू हो गया था। उस समय ले गांव के

24 घरों के 72 लोगों को नए घरों में शिफ्ट कर दिया गया था।


 

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