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चीन ने 38,000 वर्ग किलोमीटर भारतीय भूमि पर अवैध कब्जा किया




  • अरुणाचल सीमा पर छह विवादित इलाकों हलचल

  • इन इलाकों में चीन ने बढ़ाई अपनी हरकत

  • सर्दी पीएलए पर बहुत भारी पड़ रहा

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: चीन ने 38 हजार वर्ग किलोमीटर भारतीय जमीन पर कब्जा कर रखा है। अब

वह अरुणाचल प्रदेश बॉर्डर के पास अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है। वे पीएलए सेना के

लिए प्रमुख बुनियादी ढांचे का निर्माण भी कर रहा है। भारतीय सेना ने भी दुश्मन पर

नियंत्रण के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।भारतीय सेना उत्तर-पूर्व मुख्यालय की रिपोर्ट के

अनुसार, भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश के तवांग के पास स्थित मैकमोहन

लाइन में, चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) कैंप के उत्तर-पूर्व में लगभग 5.5

किमी की दूरी पर नए परिसर आए हैं।लद्दाख में भारत से मिल रही कड़ी चुनौती के बीच

चीन ने अरुणाचल सीमा  पर चहलकदमी बढ़ा दी है। जवाब में भारतीय सेना भी पूरी तैयार

है और चीन से सटे 1962 के युद्ध के समय के ‘6 विवादित इलाकों’ और ‘4 संवेदनशील

इलाकों’ में सतर्कता बढ़ाई है। एक उच्च पदस्थ भारतीय सेना उत्तर-पूर्व मुख्यालय के

सूत्र ने बताया, ‘इन चार विवादित इलाकों के नाम असापिला, लोंगजू, बीसा और माझा हैं

और ये अपर सुबानसिरी जिले में स्थित हैं। यहां चीन ने एलएसी के पास एक रोड भी बना

ली है।’ उन्होंने आगे बताया, ‘चीन पूरे असापिला सेक्टर पर अपना अधिकार जताता है

और इसलिए इसको लेकर काफी विवाद है।’सूत्र ने बताया, पिछले कुछ महीनों से जारी

तनाव के बीच चीनी सेना ने अरुणाचल प्रदेश से सटे हिस्सों में अपनी मूवमेंट बढ़ाई है।

हालांकि चीन की हर हरकत पर भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियों के अफसर नजर

बनाए हुए हैं।

चीन ने इस बार कुछ भी किया तो सेना तैयार

उधर चीन की किसी भी लद्दाख और गलवान घाटी जैसी किसी भी हरकत से निपटने के

लिए भारतीय सेना भी पूरी तरह तैयार है और चीनी सीमा पर पैट्रोलिंग बढ़ाई गई है।

बेहद ऊंचाई पर स्थित असापिला सेक्टर भारत और चीन दोनों के लिए ही बेहद मुश्किल

पोजिशन है और जाड़ों में चीनी सेना यहां टिकने की हिम्मत नहीं जुटा सकती है। वे यहां से

अगले 3 महीनों के लिए पूरी तरह कट जाएंगे।’ ‘सर्दी’ चीन पर बहुत भारी पड़ रहा है ।

अरुणाचल प्रदेश के तवांग के पास स्थित मैकमोहन लाइन में चीन के साथ तनाव बढ़ने के

साथ ही सेना ने सर्दियों के सीजन में लंबे टकराव की तैयारी शुरू कर दी है। भारतीय सेना

वहां बोफोर्स होवित्जर तोपें तैनात करने की तैयारी कर रही है । हालांकि, ये ‘सर्दी’ चीन

पीएलए पर बहुत भारी  पड़ रहा है ।सूत्रों के  मुताबिक, लद्चु चीन अब अरुणाचल प्रदेश से

लगी सीमा पर किसी नापाक हरकत की साजिश का प्रयास कर रहा है। इसके लिए पीपल्स

लिब्रेशन आर्मी के जवानों को बड़ी संख्या में तैनात करने का काम शुरू किया है। इसके

अलावा इस हिस्से के अंदरूनी इलाके में भी चीनी सेना की मूवमेंट्स देखी गई है। इन सभी

पर भारत की सरकार पूरी नजर बनाए हुए हैं और सेना भी रणनीति के स्तर पर पूरी तरह

से सतर्क है।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जमीन कब्जे पर  बयान दिया

तेजपुर में भारतीय सेना गजराज कोर के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस बीच, केंद्रीय

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि चीन 38,000 वर्ग किलोमीटर भारतीय भूमि पर

अवैध कब्जे में है और वह 90,000 वर्ग किमी को अपना मानता है, यह कहते हुए कि

वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) स्पष्ट रूप से नष्ट नहीं हुई है।उधर, पीएलए सेना के

लिए प्रमुख बुनियादी ढांचे के निर्माण के मुद्दे पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से तेजपुर में

भारतीय सेना मुख्यालय से बात करते हुए, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर चीन

ने पाकिस्तान के साथ सेना में शामिल होकर एक और अधिनियम बनाया, तो यह दोनों

दुश्मन देशों के लिए बहुत महंगा हो जाएगा। अरुणाचल प्रदेश के बारे में बोलते हुए, रक्षा

मंत्री ने कहा कि “अरुणाचल प्रदेश हमेशा भारत में था और भारत में है और भारत में

रहेगा”। इसका कोई और अर्थ नहीं है। उन्होंने चीन को चेतावनी देते हुए कहा कि जहां

अभी चीन की पीएलए सेना है, वहां रहना ठीक रहेगा।


 



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