Press "Enter" to skip to content

दुबई में चीन का गुप्त जेल उइगर मुसलमानों के लिए




  • भागने वाली युवती ने पहली बार अजीब जानकारी दी

  • सफेद रंग की तीन मंजिला भवन में है जेल

  • इसके अंदर में जेल के जैसी सेल बने हुए हैं

  • उस वक्त भी दो उइगर मुसलमान मौजूद थे

विशेष प्रतिनिधि

दुबईः दुबई में चीन का एक गुप्त जेल है। इस जेल का इस्तेमाल सिर्फ चीन के दक्षिण प्रांत




में बसने वाले उइगर मुसलमानों को कैद में रखने के लिए किया जाता है। पहली बार किसी

व्यक्ति ने इसकी जानकारी दी है। एक चीनी महिला ने पहली बार यह राज खोला है कि

उसे भी दुबई के उस गुप्त जेल में आठ दिन रहना पड़ा था। अपने देश के बाहर इस किस्म

का गुप्त जेल रखने वाला चीन शायद पहला देश है। जिसके बारे में अब तक किसी को

कोई जानकारी नहीं थी। 26 साल की वू हुआन ने चीन से भागकर अमेरिका में शरण ली है।

उसने बताया था कि चीन से भागने के बाद वह दुबई के एक होटल में ठहरी हुई थी। वहीं से

चीन के लोगों ने उसका अपहरण कर लिया था। जबरन वहां से उठा लेने के बाद उसे दुबई

के इसी गुप्त जेल में रखा गया था। उस वक्त वहां पर दो अन्य लोग मौजूद थे, जो उइगर

मुसलमान थे। उस युवती के मुताबिक वहां मौजूद चीनी अधिकारियों ने उससे लंबी

पूछताछ की और बाद में जबरन ढेर सारे दस्तावेजों पर उससे हस्ताक्षर भी लिये। इसमें से

एक दस्तावेज उनके प्रेमिक द्वारा उसे जबरन तंग और प्रताड़ित करने का कागज भी था।

बाद में गत आठ जून के उसे छोड़ दिया गया। जिसके बाद वह नेदरलैंड में नागरिकता

हासिल करने की कोशिश कर रही है।

दुबई में चीन के गुप्त जेल में तीन दिन रही थी

यूं तो चीन में इस किस्म के गुप्त जेल और यातना शिविर को होने की बात आम है।

लेकिन देश के बाहर चीन द्वारा ऐसा कोई गुप्त जेल रखने की सूचना पहली बार सामने

आयी है। उइगर मुसलमानों के दबाने के लिए चीन द्वारा आजमाये जाने वाले हथकंडों में

यह बिल्कुल नई जानकारी है। इस बारे में जानकारी मिलने के बाद अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ




यह मान रहे हैं कि किसी तरह चीन से भाग निकलने वाले लोगों को अन्य देशों से चीन

इसी तरह पकड़कर या तो देश वापस लाता है अथवा उनके नजदीकी लोगों को प्रताड़ित

कर भागने वाले को काबू में कर लेता है। वैसे वह युवती दुबई के इस गुप्त जेल के ठिकाने

के बारे में कुछ नहीं बताया पायी। देश में चीनी शासन के नियमों से तंग आकर भागने वाले

उइगर मुसलमानों के प्रति ही चीन का आक्रामक रवैया अधिक है। उस युवती ने बताया कि

चीन के लोगों द्वारा जबरन होटल से उठा लेने और पूछताछ करने के बाद उसे दुबई के

एक पुलिस थाना में ले जाया गया था।

उसे अपने होटल से जबरन उठा लिया गया था

वहां बाद में ली जुआहांग नामक एक चीनी व्यक्ति भी आया था, जो खुद को चीनी

दूतावास का अधिकारी बता रहा था। उसने खास तौर पर उससे यह सवाल किया था कि

क्या उसने किसी विदेशी एजेंसी से चीन के खिलाफ काम करने के एवज में पैसा लिया है

अथवा नहीं। वैसे जिस व्यक्ति के नाम का उल्लेख इस युवती ने किया है, उस नाम का

व्यक्ति दरअसल दुबई के चीनी दूतावास का कंस्यूलेट जनरल पद पर है। पुलिस थाना से

उसे एक काले रंग की गाड़ी मे आधे घंटे के सफर के बाद एक सफेद रंग के बड़े घर मे ले

जाया गया था। तीन मंजिला इस मकान में अंदर से जेल जैसे सेल बनाये गये थे। सभी

सेलों में मजबूत लोहे के दरवाजे लगे हुए थे। वहां से छोड़े जाने के बाद वह भागकर उक्रेन

चली गयी थी। वहां भी चीन के अधिकारियों की पहुंच होने का संकेत मिलने के बाद वह

और उसका प्रेमिक भागकर नेदरलैंड चले आये हैं। जहां वे अब नागरिकता हासिल करने के

लिए प्रयासरत हैं।



More from एक्सक्लूसिवMore posts in एक्सक्लूसिव »
More from चीनMore posts in चीन »

Be First to Comment

Leave a Reply

Mission News Theme by Compete Themes.
%d bloggers like this: