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तिब्बत के मुद्दे पर चीन ने भारत को दी साफ साफ चेतावनी

  • सुधरे नहीं तो सिक्किम को भारत नहीं मानेगा
    भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: तिब्बत के मुद्दे पर गणतंत्र दिवस में चीनी विदेश मंत्रालय ने भारत को उन कार्यों

से परहेज करने के लिए चेतावनी दी है जो सीमा पर स्थिति को जटिल बना सकते हैं। चीन

के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने बताया कि चीनी सीमा सैनिक भारत के

साथ सीमा पर शांति और शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत के सिक्किम में

वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ 20 जनवरी को चीनी और भारतीय सेना के बीच झड़प के

बाद चीन की प्रतिक्रिया आई है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने

कहा कि दोनों देश अपने मतभेदों का प्रबंधन करने के लिए उचित कार्रवाई करेंगे और

सीमा पर शांति और स्थिरता की रक्षा के लिए ठोस कार्रवाई करेंगे। राजनीतिक समझौते

के मुताबिक जहां भारतीय सेना ने सीमा में खुद पर नियंत्रण नहीं किया, वहीं पीपुल्स

लिबरेशन आर्मी पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि अगर भारत ने कई जबरदस्त

गड़बड़ियां करने की कोशिश की तो यह दोनों देश के लिए अच्छा नहीं होगा। कुछ भारतीय

विशेषज्ञों की ओर से भारत सरकार को तिब्बत कार्ड खेलने का सुझाव देते ही चीन इतना

बेचैन हो गया कि उसने युद्ध की धमकी तक दे डाली है। उसने कहा है कि यदि अमेरिका के

साथ मिलकर भारत ने तिब्बत का मुद्दा उठाया तो दोनों देशों के बीच रिश्ता पूरी तरह

खत्म हो जाएगा। चीन ने कहा है कि भारत में ब्रह्मा चेलानी जैसे कुछ भूराजनीतिज्ञों ने

कहा है कि भारत सरकार को अमेरिका के साथ मिलकर तिब्बत कार्ड खेलना चाहिए।

उन्होंने अमेरिका के तिब्बत कानून का लाभ उठाने की भी सलाह दी है। यदि नई दिल्ली

इन विद्वानों की सलाह को मानता है, भारत-चीन के रिश्ते पूरी तरह खत्म हो जाएंगे और

नई दिल्ली युद्ध को भड़काएगी।

तिब्बत का प्रश्न भारत-चीन रिश्तों में अहम मुद्दा है

हालांकि, चीनी एक्सपर्ट ने यह भी स्वीकार किया कि भारत तिब्बत का साथ देता आया है।

लियु ने कहा, ”वास्तव में बारत ने चीन के लिए मुश्किलें खड़ी करने और अपने फायदों के

लिए ‘तिब्बत कार्ड’ खेलना नहीं छोड़ा है। कथित निर्वासित तिब्बत सरकार भारत में ही

चल रही है और तिब्बत का प्रश्न भारत-चीन रिश्तों में अहम मुद्दा है। चीनी एक्सपर्ट ने

कहा कि कुछ लोग इसलिए तिब्बत कार्ड को जोरशोर से उठाने की बात कह रहे हैं क्योंकि

वे कश्मीर को भारत के हिस्से के रूप में मान्यता देने के लिए चीन को मजबूर करना चाहते

हैं। वे असल में नहीं जानते कि तिब्बत का सवाल दोनों देशों के बीच कितना संवेदनशील है

और ये लोग आग से खेल रहे हैं। लद्दाख सेक्टर में हाल ही में भारतीय सैनिकों से टकराव

में बुरी तरह चोट खाने वाले चीन ने अपने मुखपत्र के जरिए यह भी कहा है कि भारत में

चीन के खिलाफत की जंग जीतने की शक्ति नहीं है। आगे चीन ने भारत को सिक्किम

और कश्मीर को लेकर धमकी दी थी । चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने अगर

तिब्बत पर अपनी स्थिति में बदलाव किया तो चीन सिक्किम को भारत का हिस्सा नहीं

मानेगा। चीन कश्मीर मुद्दे पर अपने कथित तटस्थ रवैये में भी बदलाव करेगा।

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