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पुलिस अधिकारी और माफिया के गठजोड़ में मारे गये थे बच्चे







मेक्सिको सिटी: पुलिस अधिकारी और माफिया के गठजोड़ में मारे गये थे बच्चे सात साल पहले 43

स्कूली बच्चे रहस्यमय तरीके से लापता हो गये थे। वे स्कूली बच्चे अचानक कहां लापता हो गये,

इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पायी थी। इतने दिनों के बाद इस रहस्य का भेद खुला है। इस

बात का खुलासा हुआ है कि दरअसल एक पुलिस अधिकारी और माफिया के गठजोड़ की वजह से

इन बच्चों का अपहरण हुआ था। जिसमें से 38 की हत्या कर दी गयी थी। मामले का खुलासा होने के

बाद जहां पर इन बच्चों को मारा गया था, उस स्थान की भी पहचान कर ली गयी है। वैसे सात साल

पहले की इस घटना के बारे में अब चर्चा यह भी होने लगी है कि मैक्सिको की सेना को भी इस बात

की भनक थी लेकिन उनलोगों ने अपनी तरफ से पहले इसे उजागर नहीं किया था। दक्षिण पश्चिमी

मैक्सिको के इलाके से यह सभी 43 स्कूली बच्चे एक रात अचानक लापता हो गये थे। अब जो साक्ष्य

सामने आये हैं, उससे वहां के एक पुलिस अधिकारी के साथ वहां से माफिया के बीच हुए संदेशों के

आदान प्रदान का उल्लेख है। इस घटना क पीछ का कारण छात्रों द्वारा मैक्सिको शहर में बस लेकर

प्रदर्शन करने की तैयारी करना था। यही तैयारी उनके लिए जानलेवा साबित हुई। दरअसल इन बसों

पर छात्रों को प्रदर्शन के लिए ले जाने का बहाना भर था जबकि इन बसों में भारी मात्रा में हेरोइन लदा

हुआ था।

पुलिस अधिकारी के मैसेजों को रिकार्ड कर रही थी सेना

एक बस पर सवार स्कूली बच्चों ने इसे न सिर्फ पहचान लिया बल्कि उन्हें चुरा भी लिया था। वहां के

ड्रग माफिया गिलराजो लोपेज आस्टूडिल्लो ही इस माल को अमेरिका भेजना चाहता था। इगुआला

इलाके से नशे का कारोबार उसके जिम्मे था। दूसरी तरफ वहां के फ्रांसिसको सालगाडो वालाडेयर्स

वहां के डिप्टी पुलिस प्रमुख थे। दोनों के बीच अच्छी खासी साठ गांठ थी। 26 सितंबर को सालगानो

ने लोपेज को एक संदेश भेजा,जिसमें बताया गया था कि उनके अधिकारियों ने दो ग्रूपों के सभी छात्रों

को गिरफ्तार कर लिया है, जो उस बस पर सवाल थे। इसके जबाव में लोपेज ने संदेश भेजा कि एक

ग्रामीण सड़क पर उन्हें लाया जाए ताकि उन्हें डराकर माल हासिल किया जा सके। पुलिस अधिकारी

ने दूसरा संदेश भेजा था कि गुफा में 17 और छात्र लाये गये हैं। दूसरी तरफ से लोपेज ने कहा कि वह

चाहता है कि सभी छात्र लाये जाएं। दोनों ने अपनी मुलाकात के लिए एक स्थान निर्धारित किया,

जिसे वूल्फ गैप कहा जाता है। सालगाडो ने लोपेज को कहा कि वहां इतने लोग होने चाहिए तो सारा

काम आसानी से निपटा सके। इस एक संदेश से स्पष्ट हो गया कि दरअसल दोनों की मंशा इन सभी

छात्रों की हत्या कर उन्हें वहीं दफन करने की थी।

घटनास्थल से कुछ अस्थियां और पुराने कपड़े मिले हैं

घटना की कोई जानकारी उस वक्त सामने नहीं आ पायी थी। अब मैक्सिको की सेना के पास

सुरक्षित संदेशों के आदान प्रदान के रिकार्ड से ही इसका खुलासा हुआ है। खुलासा के बाद वहां जो

लोग गये थे, उन्हें चंद अस्थियों के टुकड़ों और लगभग नष्ट हो चुके कपड़ों के अलावा कुछ नहीं

मिला है। वैसे इतने दिनों तक ऐसी  महत्वपूर्ण सूचना सेना के पास बंद क्यों रही, इस पर भी सवाल

उठ चुके हैं। आरोप है कि उस वक्त नशे के कारोबार में सिर्फ पुलिस ही नहीं बल्कि सेना के लोग भी

शामिल हुआ करते थे। अब मामले का खुलासा होने के बाद उस घटना में शामिल सभी लोगों को

दंडित करने के साथ साथ घटनास्थल से और साक्ष्य एकत्रित करने की मांग जोर पकड़ने लगी है।



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