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बच्चे की तस्करी करने वाला गिरोह का हुआ बड़ा खुलासा

  • मास्टरमाइंड डॉ विजय चौधरी सहित तीन महिला को पुलिस ने किया गिरफ्तार

  • विजय चौधरी द्वारा बच्चा को अन्यत्र मोटी रकम पर बेच दिया जाता है

  • उसका दूसरा अस्पताल मां लक्ष्मी है

दीपक नौरंगी

भागलपुर : बच्चे की तस्करी करने वाले गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। भागलपुर

जीआरपी थाना के द्वारा बड़ी लापरवाही की गई है। बच्चे चोरी के मामले में प्राथमिकी दर्ज

करने से इंकार किया वहीं दूसरी ओर आरपीएफ पोस्ट में तैनात इस्पेक्टर अनिल कुमार

सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया घटना यह है कि दिनांक 3 दिसंबर 2019 को भागलपुर

रेलवे स्टेशन से लखीसराय की रहने वाली रूबी देवी का ढाई साल के पुत्र प्रिंस की चोरी हो

गई थी। इस संबंध में रूबी देवी जीआरपी भागलपुर में गई थी, लेकिन किसी कारणवश

एफआईआर दर्ज नहीं हुई जीआरपी थाना की बड़ी लापरवाही है। इसकी सूचना आरपीएफ

को मिली तो सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से बच्चे चोरी में शामिल दोनों महिलाओं की

तस्वीर लिया गया एवं आरपीएफ के जवान ने खोजबीन करने लगे।

दोनों महिला भागलपुर स्टेशन के सकुर्लेटिंग एरिया में दिखाई पड़ी जो जो तिलकामांझी

की कल्पना देवी जो अपने बच्चे के साथ आई थी, साथ बातचीत कर रहे थे। आरपीएफ

सिपाही को संदेह हुआ और चाइल्ड लाइन में काम करने वाली महिला कर्मी को बताया कि

आप दोनों औरतों पर नजर रखें में थाने से और स्टाफ लेकर आ रहा हूं। आरपीएफ के

अधिकारी एवं स्टाफ उस तरफ जा ही रहे थे कि एक महिला बच्चे को लेकर तेजी से आ

रही थी और पीछे चाइल्ड लाइन की महिला भी आ रही थी। आरपीएफ वालों ने महिला को

बच्चे के साथ गिरफ्तार किया, फिर दूसरी महिला को भी गिरफ्तार किया एवं आरपीएफ

थाना में लाकर पूछताछ शुरू कर दी गई।

पूछताछ के दौरान दोनों गिरफ्तार महिला यह स्वीकार किया। पहले भी तीन दिसंबर को वे

दोनों एक बच्चे को चुराकर मुजफ्फरपुर जिला के भीखनपुर चौक पर स्थित मां भगवती

हॉस्पिटल के संचालक विजय चौधरी को दिया है।

बच्चे की तस्करी का राज सीसीटीवी से खुला

विजय चौधरी द्वारा बच्चा को अन्यत्र मोटी रकम पर बेच दिया जाता है। आरपीएफ एवं

जीआरपी भागलपुर की संयुक्त टीम के द्वारा रात्रि में मुजफ्फरपुर में छापेमारी की गई

जिसमें फर्जी डॉक्टर विजय चौधरी की गिरफ्तारी हुई। विजय चौधरी के बयान के आधार

पर मोतिहारी जिले के अरेराज थाना के अंतर्गत बहादुरपुर गांव में छापेमारी करके तीन

दिसंबर को भागलपुर स्टेशन से चोरी किए गए ढाई साल के बच्चे प्रिंस को भी बरामद

किया गया। साथ में बच्चे खरीदने वाली औरत शोभा देवी को भी गिरफ्तार किया गया है।

बच्चा चोरी के आरोप में सारिका देवी जो गांव खानपुर थाना तारापुर मुंगेर की रहने वाली

है। दूसरी महिला कल्पना कुमारी गांव कटारिया थाना मुफस्सिल मुंगेर। दोनों महिला

भागलपुर रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म नंबर एक से बच्चा चोरी करते हुए गिरफ्तार हुई है।

इससे पहले भी तीन दिसंबर को एक बच्चे को चोरी कर ले जाकर महिलाओं के द्वारा बेच

दिया गया था। इस ग्रुप का सरगना मुजफ्फरपुर जिला का एक डॉक्टर विजय चौधरी है।

जो मुजफ्फरपुर जिला में मां भगवती हॉस्पिटल के नाम से एक निजी अस्पताल चला रहा

है। उसका दूसरा अस्पताल मां लक्ष्मी है। दोनों भीखनपुर थाना अहिल्यापुर मुजफ्फरपुर

जिला मैं है। सवाल यह उठता है कि फर्जी डॉक्टर के द्वारा दो बड़े निजी अस्पताल जिसमें

करोड़ों रुपए की लागत से यह निजी अस्पताल बने हैं। आरपीएफ पोस्ट में तैनात

इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह की चतुराई के कारण इतने बड़े गैंग का खुलासा हो पाया।

आरपीएफ पोस्ट में तैनात जवान ने इस मामले में बड़ी मेहनत की है।

मेहनत किसी और ने की तो वाहवाही किसी और ने ली

लेकिन मुजफ्फरपुर पुलिस के द्वारा वाहवाही के लिए वहां प्रेस वार्ता तक कर दी गई

सरकार में बैठे बड़े पुलिस आला अधिकारी इस मामले की जांच ईडी विभाग और अपराध

अनुसंधान विभाग से कराना पड़ सकता है। क्योंकि मामला बड़ा है । यह भागलपुर जिला,

मोतिहारी जिला और मुजफ्फरपुर जिला से मामला जुड़ा हुआ है। बिहार का यह बड़ा गैंग

माना जा रहा है।

पुलिस मुख्यालय की डीजी टीम ने मामले को लिया गंभीरता से

भागलपुर में बच्चा चोरी के मामले में गिरफ्तार दो महिला के बारे में पुलिस मुख्यालय की

डीजी टीम ने पूरी जानकारी ली है। सूत्र बताते हैं कि पूरा मामला कहीं ना कहीं अंग बेचने

वाले बड़े गिरोह से जुड़ा हुआ साबित हो सकता है क्योंकि इस मामले में जिस डॉक्टर की

गिरफ्तारी हुई है। फर्जी डॉ ने मुजफ्फरपुर जिला में करोड़ों रुपए की संपत्ति अपने नाम पर

बनाई है। सीआईडी के एडीजीपी विनय कुमार ने जमालपुर एसआरपी आमिर जावेद से

पूरी घटना की जानकारी मोबाइल फोन के द्वारा बार-बार ले रहे थे ।पुलिस विभाग के सूत्र

बताते हैं कि पूरा मामला अंग बेचने वाले गिरोह से जुड़ा हो सकता है। क्योंकि पुलिस के

आला अधिकारी पूरे मामले की जानकारी ले रहे हैं। वहीं इस पूरे मामले में मुजफ्फरपुर

सिटी एसपी के द्वारा प्रेस वार्ता कर स्थानीय पत्रकारों को डॉ की गिरफ्तारी की जानकारी

भी दी गई है गिरफ्तार डॉ विजय चौधरी करीब चार साल से बच्चे चोरी कर के बेचने का

काम कर रहा है। पुलिस विभाग के सीनियर अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं अब

देखना यह है कि आगे इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई की जाती है।

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