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मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने की मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र में साप्ताहिक समीक्षा







  • पैक्स-लैम्प्स में भुगतान के लंबित मामले जल्द निपटायें:सुनील वर्णवाल
  • झारभूमि की वेबसाइट पर जमीन के ब्योरों की त्रुटियां दूर करें
  • उपायुक्त शिकायत पर देवघर के सदर अंचलाधिकारी को शो-कॉज करने का आदेश

रांची : मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील वर्णवाल ने उपायुक्तों को

बहुद्देश्यीय एवं कृषि सहकारी समितियों (लैम्प्स एवं पैक्स) में जमाकतार्ओं के लंबित भुगतान के मामलों की

समीक्षा कर उनका प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करने का निर्देश दिया है।

डॉ सुनील वर्णवाल कहा कि सहकारी समितियों के प्रति

जमाकतार्ओं का विश्वास कायम रखने के लिए यह जरूरी है कि उन्हें समय पर भुगतान किया जाये।

डॉ वर्णवाल ने यह निर्देश मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र में

साप्ताहिक समीक्षा के दौरान जामताड़ा जिले के फतेहपुर लैम्प्स में

रेकरिंग अकाउंट में राशि जमा कराने वाले अनूप कुमार मेहरिया को

परिपक्वता राशि (मैच्योरिटी मनी) का भुगतान नहीं किये जाने की शिकायत के आलोक में दिया।

मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने जनसंवाद केंद्र में दर्ज डेढ़ दर्जन से ज्यादा मामलों की समीक्षा की।

देवघर जिले के रामेश्वर मोदी द्वारा झारखंड सरकार की वेबसाइट झारभूमि पर

जमीन की ऑनलाइन प्रविष्टि की एक त्रुटि दो साल में भी दूर नहीं किये जाने की

शिकायत पर डॉ वर्णवाल ने गहरी नाराजगी जताते हुए देवघर के सदर अंचलाधिकारी को शो-कॉज करने का आदेश दिया।

उन्होंने सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिया कि वे

झारभूमि की वेबसाइट पर जमीन के विवरण की त्रुटियों की समीक्षा कर

प्राथमिकता केआधार पर दुरुस्त करें।
बोकारो के निर्मल चन्द्र सेन की पिंडराजोरा स्थित

जमीन वर्ष 2007 राजमार्ग-32 के लिए अधिग्रहित की गयी थी,

जिसके एवज में उन्हें अब तक मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया है।

इसपर प्रधान सचिव डॉ वर्णवाल ने जिला के नोडल अधिकारी को

जमीन के कागजातों की जांच कर एक सप्ताह में मामले को निष्पादित करने का निर्देश दिया।

भू-अर्जन से संबन्धित एक अन्य मामला चतरा जिले भी आया था,

जिसमें बताया गया था कि मनोहर यादव की कुंदा मौजा स्थित

जमीन अगस्त 2007 में सी.आर.पी.एफ का कैम्प बनाने के क्रम में अधिग्रहित की गयी थी।

अधिग्रहण के एवज में मुआवजा का भुगतान आवंटन के अभाव में

अब तक नहीं किए जाने की शिकायत पर प्रधान सचिव ने गृह, कारा एवं

आपदा प्रबंधन विभाग के नोडल अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई।

मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ वर्णवाल ने एक सप्ताह में आवंटन उपलब्ध कराने का आदेश दिया

पलामू जिले के नरेंद्र सिंह की मार्च 2017 में मृत्यु के पश्चात इनकी पत्नी रिंकी देवी को

अब तक पारिवारिक हित नहीं दिये जाने की शिकायत पर सरकार के प्रधान सचिव डॉ वर्णवाल काफी सख्त दिखे।

उन्होंने संबन्धित प्रखण्ड पांकी के अंचल अधिकारी एवं एसडीओ को शो-कॉज करने का निर्देश दिया और कहा कि

यदि अगले मंगलवार तक पारिवारिक हित लाभ का भुगतान नहीं किया गया तो

दोषी पदाधिकारी को चिन्हित कर निलंबित किया जाएगा।

जामताड़ा जिले के नारायणपुर प्रखण्ड कार्यालय सेमुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने की मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र में साप्ताहिक समीक्षा




जनवरी 2003 में चौकीदार के पद से सेवानिवृत्त मोहम्म्द शेख कासिम

को अब तक ए.सी.पी. का भुगतान नहीं किया गया है।

इस मामले में लापरवाही बरतने वाले जिला कल्याण पदाधिकारी,

जामताड़ा को प्रधान सचिव डॉ वर्णवाल ने शो-कॉज करने का आदेश दिया।

रामगढ़ जिले के गोला रोड रेलवे स्टेशन के एक छोर पर साईडिंग प्वाइंट

बनाकर छ लोगों द्वारा लाखों टन कोयला का स्टॉक कर विगत कुछ महीनों से

लोडिंग-अनलोडिंग का कार्य धड़ल्ले से करने की शिकायत जनसंवाद में आई थी।

इस मामले की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील वर्णवाल ने

जिला के नोडल अधिकारी को मुख्य एवं जिला खनन अधिकारी के साथ

जाकर स्थल जांच कर अगले मंगलवार तक वहां पड़े कोयले की नीलामी कर हटवाने का निर्देश दिया।

सिंचाई प्रमंडल, बुण्डू, रांची में आदेशपाल के पद पर कार्यरत के

गोलू लोहार की कार्यावधि के दौरान जनवरी 2013 में मृत्यु हो गयी थी।

इनके आश्रित पुत्र अजय कुमार लोहार को अब तक अनुकंपा के

आधार पर नौकरी नहीं दिये जाने की शिकायत जनसंवाद में दर्ज कराई गयी थी।

विभाग द्वारा अजय कुमार की शैक्षणिक योग्यता की जांच का मामला

शिक्षा बोर्ड को रेफर किये जाने पर डॉ वर्णवाल ने विभाग के नोडल अधिकारी की जमकर फटकार लगाई

और कहा कि शैक्षणिक योग्यता की जांच नियुक्ति के बाद होती है।

उन्होंने विभाग के अधिकारी को कड़े शब्दों में कहा कि

अगली ह्यसीधी बातह्णसे पहले आश्रित की नियुक्ति सुनिश्चित करें अथवा उनपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

गढ़वा जिले के रमना से मझियांव तक पथ निर्माण के लिए 700 रैयतों की अधिग्रहित जमीन का मुआवजा

अब तक नहीं मिलने की शिकायत पर डॉ वर्णवाल ने भू-अर्जन पदाधिकारी,

गढ़वा को एक महीने में सभी रैयतों को भुगतान करने का आदेश दिया।



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