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मुख्यमंत्री ने साफ कहा शराब माफियाओं के खिलाफ चले अभियान







  • त्योहारों के देखते हुए विशेष सावधानी रखें

  • कोई कितना भी बड़ा क्यों ना हो मत छोड़िये

  • भूमि विवाद हल होने से परेशानियां कम होंगी

  • शराब कारोबारियों की सीधी गिरफ्तारी हो अब

ब्यूरो प्रमुख

पटनाः मुख्यमंत्री ने साफ साफ अपनी बात कह दी है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

ने राज्य में विधि-व्यवस्था और शराब तस्करी पर अंकुश लगाने के सख्त निर्देश दिये हैं।

कहा कि बड़े शहरों में शराब माफियाओं को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाये। कोई

कितना भी बड़ा व्यक्ति हो, अमीर या प्रभावशाली हो, किसी को छोड़ना नहीं है। जो भी

दोषी पाये जाये, उन पर पूरी सख्ती के साथ सख्त कार्रवाई करें। देशी और विदेशी शराब के

कारोबार में लगे सभी लोगों की गिरफ्तारी हो। होली को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की

जरूरत है। शराब पीने और पिलाने वालों पर विशेष नजर रखें। जिला स्तर पर इसके लिए

गठित मॉनीटरिंग सेल की नियमित बैठक हो। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि क्राइम कंट्रोल

के लिए कदम उठाये जा रहे हैं। 60 प्रतिशत अपराध के मामले भूमि विवाद से संबंधित

या आपस में संपत्ति विवाद को लेकर होते हैं। भूमि विवाद के मामलों में कमी लाने के

लिए जिला स्तर पर डीएम-एसपी खासतौर से पहल करें। इससे आपराधिक मामलों में

काफी कमी आयेगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक अणे मार्ग स्थित नेक संवाद में

विधि-व्यवस्था और मद्य निषेध से संबंधित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। इस दौरान

गृह विभाग, पुलिस महकमा के सभी आला अधिकारियों की उपस्थिति के अलावा सभी

रेंज आइजी, डीआइजी जिलों के डीएम-एसपी समेत अन्य सभी अधिकारी ऑनलाइन

माध्यम से जुड़े हुए थे। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि शराबबंदी के पहले जो गरीब-गुरबा

लोग शराब के धंधे में लगे थे, उनके लिए सतत जीविकोपार्जन योजना चलायी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने साफ साफ कहा विकास तभी जब भाईचारा रहेगा

उन्होंने कहा कि समाज में प्रेम, सौहार्द एवं भाईचारे का माहौल रहेगा, तभी किये जा रहे

विकास कार्यों का वास्तविक लाभ राज्य के लोगों को मिलेगा। सभी अधिकारियों से कहा

कि इसे लेकर सक्रिय और मुस्तैद रहे। सभी की कोशिश होनी चाहिए कि समाज में प्रेम

और सौहार्द का माहौल बना रहे। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि होलिका दहन और शब-ए-

बरात एक ही दिन है। इसपर निगरानी रखें। जनता के बीच जागृति का भाव पैदा करना है।

सबको सचेत रहना है। आपस में विवाद पैदा करने वाले तत्वों पर विशेष नजर रखनी है।

मुख्यमंत्री ने विधि-व्यवस्था को नियंत्रित करने में सबसे अहम भूमिका भूमि विवाद को

बताते हुए इस पर सभी अधिकारियों को खासतौर से फोकस करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि आपस में विवाद पैदा करने वाले तत्वों पर विशेष नजर रखनी है। जिला

स्तर पर भूमि विवाद के कितने मामलों का निपटारा हुआ, इसकी सघन मॉनीटरिंग

मुख्यालय भी करे। जिला स्तरीय बैठक में कितने विवादों का समाधान हुआ, किस तरह

के मुद्दे थे, इन सभी चीजों की रिपोर्ट मंगवाकर मुख्यालय इसका आकलन करे। उन्होंने

कहा कि भूमि विवाद के समाधान के लिए सप्ताह में एक दिन सीओ और थानाध्यक्ष के

स्तर पर, महीने में दो बार एसडीओ और एसडीपीओ तथा महीने में एक बार डीएम एवं

एसपी के स्तर पर निश्चित रूप से बैठक होनी चाहिए।

डीजीपी ने पुलिस की कार्रवाइयों का विवरण प्रस्तुत किया

इस दौरान डीजीपी एसके सिंघल ने बताया कि अपराधों की समीक्षा जिला और थानावार

की जा रही है। योजनाबद्ध तरीके से कार्य किये जा रहे हैं। स्पीडी ट्रायल कराकर दोषियों को

सजा दिलायी जा रही है। विशेष शाखा के एडीजी जितेंद्र सिंह गंगवार ने बताया कि पर्व-

त्योहारों के दौरान सांप्रदायिक घटनाओं में कमी आयी है। पिछले पांच वर्षों से पर्व-त्योहारों

के दौरान हुई घटनाओं का विवरण लिया गया है। इसके आधार पर संवेदनशील एवं

विवादित जगहों को चिन्हित कर सांप्रदायिक मामलों की रोकथाम को लेकर सभी उपाय

किये गये हैं। एडीजी (विधि-व्यवस्था) अमित कुमार ने क्राइम कंट्रोल के किये जा रहे कार्यों

की जानकारी दी। थाना स्तर पर अनुसंधान और विधि-व्यवस्था के लिए अलग-अलग

विंग बनाये जाने से कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है। मद्य निषेध आइजी

अमृत राज ने मद्य निषेध को लेकर की गयी सभी कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। इस

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव

चैतन्य प्रसाद, सीएम के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सचिव अनुपम कुमार, सीआइडी के

एडीजी विनय कुमार, मद्य निषेध सह उत्पाद आयुक्त बी कार्तिकेय धनजी, सीएम के

ओएसडी गोपाल सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

बिहार में भी बढ़ रहा कोरोना, बरतें सतर्कता

मुख्यमंत्री ने कोरोना रोकथाम को लेकर अलग से सभी जिलों को निर्देश दिया। उन्होंने

कहा कि पर्व-त्योहारों को देखते हुए पूरी सतर्कता बरतें। दुनिया के कई देशों और राज्यों में

कोरोना के मामले तेजी से बढ़े रहे हैं। बिहार में भी कोरोना के मामले बढ़े रहे हैं। कोरोना के

बढ़ते मामलों को देखते हुए जहां तक संभव हो लोग घरों में रहें। सीमित संख्या में ही किसी

भी सार्वजनिक आयोजनों में भाग लें। कोरोना के प्रति सभी को पूरी तरह से सजग और

सचेत रहने की जरूरत है



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