मुख्यमंत्री ने अपना वादा पूरा किया अब बोकारो जिला के हर घर में बिजली

झारखंड में बिजली पर अभी बहुत काम होना शेष है
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  • पेटरवार के विकास मेला में की घोषणा

  • ऊर्जा के क्षेत्र में युद्ध स्तर पर काम

  • 2012 तक राज्य आत्मनिर्भर होगा

संवाददाता



रांची: मुख्यमंत्री ने रामगढ़ के बाद आज बोकारो जिला के भी हर घर तक बिजली पहुंचाने का अपना वादा पूरा कर दिया।

उन्होंने पेटरवार में दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना एवं सौभाग्य योजना अंतर्गत बोकारो जिला के शत प्रतिशत घरों में पूर्ण विद्युतीकरण की घोषणा की।

इस मौके पर मुख्यमंत्री काफी भावुक भी हुए।

उन्होंने कहा- मुझे आज भी वह पल याद है जब चंदनकियारी की एक बहन ने कहा था।

आप तो पंखा में रहते हैं और हमसब यहां बिजली के बिना नारकीय जीवन जीने को विवश हैं।

उसी दिन मैंने संकल्प लिया था कि लोगों की इस पीड़ा को मैं जरूर पूरा करूंगा।

वह वो दिन था और यह आज का दिन है जब चंदनकियारी के 65 बिजली विहीन गांव के हर घर तक बिजली पहुंच गई।

साथ ही बोकारो जिला का प्रत्येक घर पूर्णरूप से विद्युत से आच्छादित हो गया।

साथ ही रामगढ़ के बाद बोकारो झारखंड का पूर्ण विद्युतीकरण जिला बन गया।

श्री दास बुधवार को हाई स्कूल मैदान पेटरवार में आयोजित विकास मेला के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना एवं सौभाग्य योजना अंतर्गत बोकारो जिला के शत प्रतिशत घरों में पूर्ण विद्युतीकरण के कार्य की घोषणा किया।

571 करोड़ की योजनाओं के शिलान्यास व उदघाटन करते हुए श्री रघुवर दास ने कहा कि 2021 तक बिजली के मामले में झारखंड आत्मनिर्भर बन देश को प्रकाशमान करेगा।

उन्होंने कहा कि आध्यत्मिक पर्व का शुभारंभ हो चुका है।

इस अवसर पर जनजीवन को ऊर्जा प्रदान करने और बोकारो को ऊजार्वान जिला यानि ऊर्जा से आच्छादित जिला घोषित करते हुए आत्मिक खुशी हो रही है।

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा के क्षेत्र में हुए कार्यों की भी जानकारी दी

मुख्यमंत्री ने अपना वादा पूरा किया जनसहयोग से राज्य सरकार ने बिजली के क्षेत्र में लंबी लकीर खींच दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 35 हजार करोड़ रुपए राज्य की विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने में खर्च कर रही है।

20 हजार करोड़ ग्रामीण विद्युतीकरण हेतु व्यय हो रहें हैं।

15 हजार करोड़ ग्रिड निर्माण में वहन हो रहा है।

राज्य सरकार ने 30 लाख विद्युतविहीन घरों में से 23 लाख घरों तक बिजली पहुंचा दी।

जो कार्य 67 साल में नहीं हुआ वह हमने साढ़े तीन साल में पूरा किया।

247 सुदूरवर्ती क्षेत्र में निवास कर रहे अनुसूचित जाति व जनजाति के घरों तक सोलह लाइट से आच्छादित किया।

आजादी के बाद यह पहला अवसर है जब आजादी के 67 साल बाद 80 ग्रिड का निर्माण हो रहा है।

जबकि 67 साल में 38 ग्रिड का ही निर्माण हो सका था।

पतरातू में 4 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए निर्माण हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2019 के मई जून तक हम विद्युत की और बेहतर व्यवस्था देने में सक्षम होंगे।

आगामी 15 नवंबर को राज्य के अन्य 5 जिलों को पूर्णतया विद्युत से आच्छादित जिला घोषित किया जायेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की योजना किसानों, उद्यमियों और आम जनता के लिए अलग अलग फीडर की व्यवस्था की है। इस के लिए लगातार कार्य हो रहा है।

सभी को उनकी जरूरत के अनुरूप बिजली प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड में तिलका मांझी कृषि योजना लागू होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खुले में शौच से मुक्त झारखण्ड निर्माण की ओर राज्य बढ़ रहा है।

15 नवंबर को राज्य पूर्ण रूप से खुले में शौच से मुक्त बनेगा।

स्वच्छता से स्वास्थ्य की ओर हमें बढ़ना है, इसके लिए सभी को आगे आने की जरूरत है।

सम्मलित प्रयास से ही हमारा यह सपना परिलक्षित होगा।

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