fbpx Press "Enter" to skip to content

चितौड़गढ़ दुर्ग की सुरक्षा के लिए छत्तीस सुरक्षा गार्ड्स तैनात-कल्ला

जयपुरः चितौड़गढ़ दुर्ग प्राचीन भारतीय इतिहास का एक गौरवशाली अतीत है। इससे

अनेक ऐतिहासिक घटनाएं भी जुड़ी हुई हैं। इसी वजह से यह देश का अन्यतम प्रमुख

पर्यटन केंद्र भी है। इसके बारे में राजस्थान के कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व मंत्री

डॉ. बी डी कल्ला ने आज विधानसभा में बताया कि चित्तौड़गढ़ दुर्ग की सुरक्षा के लिए

वर्तमान में 36 सुरक्षा गार्ड्स तैनात है। डॉ. कल्ला प्रश्नकाल में विधायकों के पूरक प्रश्नों

का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि इनमें 12 सशस्त्र गार्ड्स शामिल हैं। सभी गार्ड्स

आठ-आठ घंटे की ड्यूटी करते हैं। उन्होंने कहा कि चित्तौड़गढ़ दुर्ग को भारतीय पुरातत्व

सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित स्मारक घोषित किया हुआ है, उसी के स्तर से इसकी

व्यवस्था की हुई है। ढाई वर्ष पहले तक दुर्ग की सुरक्षा के लिए कोई गार्ड्स कार्य नहीं कर

रहे थे। इससे पहले उन्होंने विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या के मूल प्रश्न के जवाब में

बताया कि एएसआई से प्राप्त सूचना के अनुसार गत वर्षों में चित्तौड़गढ़ दुर्ग के इतिहास

तथा पुरातात्विक एवं कलात्मक कृतियों से छेड़छाड़ की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग, राजस्थान को भी इस प्रकार की कोई शिकायत प्राप्त नहीं

हुई है। दुर्ग की सुरक्षा से सम्बंधित किसी विशिष्ट प्रकरण या शिकायत के प्रकाश में आने

पर उसे एएसआई के संज्ञान में लाया जाएगा।

चितौड़गढ़ दुर्ग को देखने आते हैं विदेशी पर्यटक

विदेश से राजस्थान की सैर करने आने वालों के अन्यतम ठिकाना यही चितौड़गढ़ दुर्ग

होता है। वहां के इतिहास के बारे में भी देश विदेश के लोगों को जानकारी लेने की उत्सुकता

रहती है। पर्यटकों की अधिक भीड़ के दौरान ही पहले भी कई बार इस दुर्ग की सुरक्षा का

सवाल उठा था। राज्य सरकार ने उन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए अब वहां चौबीसों

घंटे सुरक्षा का यह इंतजाम किया है। इससे पुरातत्व की वस्तुओं की चोरी भी रोकी जा

सकेगी। पर्यटकों को भी इससे फायदा होगा।

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Be First to Comment

Leave a Reply

Open chat
Powered by