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छत्तीसगढ़ के स्पंज आयरन उद्योगों को रियायती दर पर मिले लौह अयस्क : भूपेश

रायपुरः छत्तीसगढ़ के स्पंज आयरन उद्योगों के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्रीय

इस्पॉत मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से दीर्घकालिक रियायती दर पर लौह अयस्क उपलब्ध कराने

का आग्रह किया है। श्री बघेल ने श्री प्रधान को लिखे पत्र में कहा है कि छत्तीसगढ़ के

दंतेवाड़ा में लौह अयस्क की खदानें एनएमडीसी द्वारा संचालित है। इनमें से चार खदानों

का 20 वर्ष के लिए अवधि का विस्तार राज्य की ओर इस शर्त पर किया गया था कि यहां

से राज्य के लौह एवं आयरन इस्पॉत उद्योग को उनकी आवश्यकता के अनुरूप लौह

अयस्क की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि एनएमडीसी द्वारा

खनिज आयरन ओर लम्प (डीआरसीएलओ) के मूल्य में अप्रत्याशित वृद्धि किए जाने के

कारण प्रदेश के स्पंज आयरन एवं स्टील उद्योगों के संचालन में दिक्कत आ रही है

जिसकी वजह से इस्पॉत का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। उन्होंने इस्पॉत मंत्री को इस

संबंध में पूर्व प्रेषित पत्र का उल्लेख करते हुए कहा है कि एनएमडीसी द्वारा लौह अयस्क

की मूल्य वृद्धि को तत्काल वापस लिए जाने के साथ ही राज्य के लौह उद्योगों को

दीर्घकालिक रियायती दर पर लौह अयस्क की आपूर्ति हेतु विशेष पहल किए जाने का

आग्रह किया गया था। उन्होंने कहा कि इस संबंध में समुचित पहल अपेक्षित है।

छत्तीसगढ़ के स्पंज आयरन उद्योग को समर्थन जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में खनिज आयरन ओर

आधारित संयंत्र संचालित है जिन्हें एनएमडीसी की दंतेवाड़ा स्थित खदानों से लौह अयस्क

निर्धारित दरों पर क्रय किया जाता है। यहां के स्पंज आयरन एसोशिएसन, कॉफेडेरेशन

ऑफ इंडियन इण्डस्ट्री (सीआईआई) एवं राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड राज्य के लौह

आधारित उद्योगों को सुगमता से संचालन हेतु आधारभूत आवश्यकताओं को उपलब्ध

कराए जाने का आग्रह करते रहे हैं। उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ के स्पंज आयरन एसोशिएसन

के माध्यम से यह जानकारी मिली है कि एनएमडीसी ने खनिज आयरन ओर लम्प

(डीआरसीएलओ) के मूल्य में 470 रुपये प्रति टन की वृद्धि की गई है। इस प्रकार खनिज

आयरन ओर लम्प के बेसिक मूल्य में कुल 700 रुपये की वृद्धि की गई है। इस पर रॉयल्टी

और अन्य कर को मिलाकर आयरन ओर की कीमत बढ़कर 875 रुपये प्रति टन हो गई है ।

आयरन ओर के मूल्य में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण उत्पादित इस्पॉत का मूल्य बढ़कर

2000 रुपये प्रतिटन हो गया है , जिससे स्पंज आयरन एवं स्टील उद्योगों के संचालन में

दिक्कत आने के साथ ही इस्पॉत का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। मुख्यमंत्री ने कोरोना

वायरस (कोविड-19 ) की महामारी और लॉकडाउन से प्रभावित छत्तीसगढ़ के उद्योगों की

स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि लौह अयस्क आधारित उद्योगों को रियायती दर पर

लौह अयस्क की आपूर्ति नहीं होने के कारण इनके बंद होने की नौबत आ गई है, जिससे

बेरोजगारी और पलायन की स्थिति भी बनी है। उन्होंने इन सब परिस्थितियों के मद्देनजर

केन्द्रीय इस्पॉत मंत्री से राज्य के लौह अयस्क एवं स्पंज आधारित उद्योगों को

दीर्घकालिक रियायती दर का निर्धारण कर उनकी आवश्यकता के अनुरूप लौह अयस्क

की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु पहल करने का आग्रह किया है।


 

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