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चतरोचट्टी इलाके में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़




  • दोनों तरफ से करीब सात सौ चक्र गोलियां चली

  • पुलिस की तरफ से नक्सलियों पर मोर्टार फायर

  • पुलिस का एक जवान गोली छिटकने से घायल

बेरमो /गोमियाः चतरोचट्टी थाना अंतरगर्त चूटे पंचायत के रजडेरवा

और चैटाटांड के बीच पुलिस व् नक्सलियों के बीच मुठभेड़ सुबह

लगभग 10:30 शुरू हुई | पुलिस और सीआरपीएफ को बीते शाम

नक्सली मिथलेश दस्ता की चतरोचट्टी थाना क्षेत्र में होने की सूचना

मिली थी।

जिसे लेकर पुलिस रात भर रजडेरवा जंगल में सर्च अभियान चला कर

जब सुबह दूसरी ओर बढ़ी तो रजडेरवा और चैटाटांड के बीच

नक्सलियों ने पुलिस को देख कर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की

तरफ से भी जवाबी फायरिंग शुरू हो गयी | घंटो हुई इस मुठभेड़ में

दोनों तरफ से लगभग 700 राउंड गोली चली। 

मुठभेड़ में पुलिस की ओर से मोर्टार भी दागे गए। नक्सलियों ने आईडी

बम विस्फोट भी किया है | इस गोली बारी में एक जवान सुबोध कुमार

को गोली छिटककर लगी है जिससे वह घायल है। फ़िलहाल अभी

गोली-बारी दोनों तरफ से बंद है। पुलिस और जवान जंगल में सर्च

अभियान चला रहे हैं | कोयलांचल डीआईजी प्रभात कुमार व बोकारो

एसपी पी. मुरुगन घटना स्थल पर मौजूद हैं। सभी पुलिस पदाधिकारी

और सीआरपीएफ पदाघिकारी रणनीति बना कर नक्सलियों पर नकेल

कसने की तैयारी में हैं।

बताते चलें कि 24 जनवरी को भी नक्सलियों ने गोमिया थाना क्षेत्र के

जागेश्वर बिहार के बीच चीरूबेड़ा में सड़क निर्माण में लगे मुंशी तमेश

मरांडी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। साथ ही एक हाइवा, ट्रैक्टर

व मोटर साईकल को आग के हवाले कर दिया था।

चतरोचट्टी मुठभेड़ पर डीआइडी ने यह कहा

कोयला क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक प्रभात कुमार ने कहा है कि

नक्सलियों की गतिविधियां झुमरा और इसके आसपास के क्षेत्रों में है।

इसी आधार पर पुलिस सर्च अभियान चला रही थी, इस दौरान

राजेडेरवा के पास नक्सली और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई। जिसमें

सैकड़ों राउंड गोलियां चलाई गई। उनकी माने तो अभी हाल ही में और

चुनाव के दौरान भी नक्सलियों की गतिविधियां थी। इसी को देखते हुए

पुलिस अपना अभियान चला रही थी। यह पूछे जाने पर कि एक लंबे

अंतराल के बाद नक्सली फिर सक्रिय हो गए हैं। इसकी वजह क्या हो

सकती है। डीआईजी ने साफ कहा कि इस इलाके में नक्सली

गतिविधियां थी। नक्सलियों की गतिविधियों के पीछे  लेवी वसूली एक

बड़ी वजह है। डीआईजी बताते हैं कि मार्च के समय ठेकेदारों और अन्य

कंपनियों का बिल विपत्रों का भुगतान होता है। इसे देखते हुए नक्सली

अपनी सक्रियता बढ़ाते हैं ताकि बिल भुगतान लेने वाले ठेकेदार या

अन्य व्यवसाययी उन्हें नजरअंदाज ना कर सके और उन्हें आसानी सेे

लेवी मिल सके। डीआईजी ने कहा है कि नक्सलियों की गतिविधियां

देखते हुए पुलिस मूवमेंट भी बढ़ा दिया गया है। ऑपरेशन को भी तेज

किया गया है। डीआईजी की माने तो नक्सलियों की जिस तरीके से

गतिविधियां हैं जल्द ही एक बड़ा मुठभेड़ संभव है ताकि नक्सलियों

को उखाड़ने में पुलिस कामयाब हो सके।



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