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दो दिनों की बारिश से चांडिल डैम का पानी ऊपर चढ़ा

चांडिल: दो दिनों की भारी बारिश के बाद चांडिल डैम का जलस्तर बढ़ने लगी है। बुधवार

को डैम में 180.10 जलस्तर दर्ज किया गया है। जलस्तर बढ़ने की जानकारी मिलने पर

आजसू नेता हरेलाल महतो अपने कार्यकर्ताओं के साथ विस्थापित गांवों का दौरा किया।

नौका विहार से बोट पर सवार होकर ईचागढ़ व कुकडू प्रखंड के दर्जनों गांवों में जलस्तर की

जानकारी ली। इसमें मैसड़ा, उधाटांड़, जानूम, पलाशडीह, कुमारी, झापागोड़ा, ओड़िया

आदि गांव शामिल हैं। हरेलाल महतो ने गांवों में जाकर लोगों से समस्याओं की जानकारी

ली। वहीं, जलस्तर बढ़ने के उपाय पर विचार विमर्श किया।

दो दिनों की बारिश के बाद डूब वाले इलाकों में पहुंचे हरेलाल महतो

उन्होंने विस्थापित परिवारों से अपील किया है कि जलस्तर बढ़ने पर फौरन उन्हें

जानकारी दें। गांवों में पानी घुसने की स्थिति में ऊपरी भाग में शरण लेने को कहा। इस

दौरान उन्होंने विस्थापितों को आश्वासन दिया है कि वे सुवर्णरेखा परियोजना के

अधिकारियों से मिलकर जलस्तर बढ़ने से विस्थापितों को हो रही परेशानी से अवगत

करायेंगे। हरेलाल महतो ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वैश्विक महामारी

कोरोना के इस संकटकाल में विस्थापित गांवों में जलस्तर बढ़ाना उचित नहीं है। लोग

पहले से ही लॉकडाउन की मार झेल रहे हैं। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। ऐसी स्थिति में

लोगों को ज्यादा से ज्यादा राहत दिलाने का प्रयास होना चाहिए। विस्थापित गांवों के दौरे

पर चांडिल प्रखंड अध्यक्ष दुर्जोधन गोप, देबेन बेसरा, मोहन महतो, पुलोक सतपथी,

लखीकांत महतो आदि शामिल थे।

चांडिल के इलाकों में वरदान साबित हो रही दाल भात योजना

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पूरे देश में लागू लॉकडाउन के बीच झारखंड

में दाल-भात केंद्र असहायों और निर्धनों के लिए वरदान साबित हो रहा है। कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र

के पारगामा पंचायत भवन परिसर में ग्राम विकास किसान समिति पारगामा के द्वारा

चलाए जा रहे मुख्यमंत्री विशेष दाल-भात केंद्र से रोजाना सैकड़ो लोगो को निःशुल्क भरपेट

भोजन मिल रहा है। जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री विशेष दाल-भात केंद्र की संचालिका

कुमारी जोबा रानी ने बताया कि इस दाल-भात केंद्र से रोजाना पारगामा पंचायत के

पारगामा, जाराटांड, सिंदुरपुर, काड़का सहित आसपास के करीब 200 लोगो को भरपेट

खाना मिल रहा है। भोजन बांटने के समय सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया जा रहा है

ओर एक-एक व्यक्ति को लाइन से बुलाकर भोजन दिया जा रहा है।


 

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