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केंद्रीय सतर्कता आयोग के आयुक्त की कुर्सी पर मोदी की राह में सुप्रीम कोर्ट बाधक

  • राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः केंद्रीय सतर्कता आयोग के आयुक्त की कुर्सी पर कौन बैठेगा, इस पर नरेंद्र

मोदी और उनके चहेते वाई सी मोदी के रास्ते में फिर से सर्वोच्च न्यायालय बाधा बन

सकता हैं। सीबीआई के निदेशक की बहाली में राकेश अस्थाना के साथ साथ मोदी का भी

नाम आया था। मुख्य न्यायाधीश रमन्ना ने कानून का हवाला देते हुए इन दोनों नामों को

खारिज कर दिया था। जिसके बाद महाराष्ट्र कैडर के और मूल रुप ये धनबाद के सिंदरी के

रहने वाले सुबोध जयसवाल को यह जिम्मेदारी सौंपी गयी है। अब केंद्रीय सतर्कता आयोग

के आयुक्त की कुर्सी पर कौन आयेगा, इसका जोड़ घटाव प्रारंभ हो गया है। सत्ता के

गलियारे में फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के चहेते वाई सी मोदी

का नाम है। वाई सी मोदी हाल ही में एनआईए के प्रमुख पद से रिटायर हुए हैं। वैसे वाई सी

मोदी के विकल्प की भी चर्चा हो रही है। इसके पहल से सीवीसी शरद कुमार का कार्यकाल

समाप्त होने के बाद से ही यह पद रिक्त है। इस पद के लिए दूसरा नाम सीबीआई के पूर्व

निदेशक आरके शुक्ला का है। वे फरवरी में रिटायर हुए थे। तीसरा नाम दिल्ली पुलिस के

पूर्व आयुक्त अमूल्य पटनायक का बताया जा रहा है। केन्द्रीय सतर्कता आयोग में इस

वक्त सतर्कता आयुक्त का एक पद खाली है। पिछले साल पूर्व आईपीएस अधिकारी शरद

कुमार अंतरिम सीवीसी के तौर पर कार्य कर रहे थे। उनके बाद सुरेश एन पटेल को

सतर्कता आयुक्त बनाया गया। चूंकि सीवीसी में एक केंद्रीय सतर्कता आयुक्त और दो

सतर्कता आयुक्त हो सकते हैं, इसलिए तीसरा पद अभी खाली है।

केंद्रीय सतर्कता आयोग का तीसरा पद खाली है

शरद कुमार हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी रहे हैं। वे सीवीसी में आने से पहले

एनआईए के डीजी रह चुके थे। केन्द्रीय सतर्कता आयोग की अवधारणा एक शीर्षस्थ

सतर्कता संस्थान के रूप में की गई है जो किसी भी कार्यकारी प्राधिकारी के नियंत्रण से

मुक्त है। केन्द्रीय सरकार के अन्तर्गत सभी सतर्कता गतिविधियों की निगरानी करता है

और केन्द्रीय सरकारी संगठनों में विभिन्न प्राधिकारियों को उनके सतर्कता कार्यों की

योजना बनाने, निष्पादन करने, समीक्षा करने तथा सुधार करने में सलाह देता है। इससे

पहले वाईसी मोदी का नाम सीबीआई निदेशक की दौड़ में भी शामिल रहा था, लेकिन

चयन समिति में उस अधिकारी को किसी संस्था के डीजी का पदभार सौंपने पर सहमति

नहीं बन पाई, जिसकी सेवानिवृत्ति में छह माह से कम का समय बचा हो। इस नियम के

चलते रॉ प्रमुख का पद भी उनके हाथ से निकल गया। मोदी 31 मई को रिटायर हुए हैं।

बता दें कि वाईसी मोदी, गुजरात दंगों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी के

सदस्य रहे थे। उस कमेटी ने मोदी को क्लीन चिट दी थी। पूर्व सीबीआई चीफ आरके

शुक्ला का नाम भी सतर्कता आयुक्त की दौड़ में शामिल है। आलोक वर्मा और राकेश

अस्थाना के विवाद के बाद जब उन्हें सीबीआई प्रमुख बनाया गया था तो उनका नाम कहीं

नहीं चल रहा था। अब बताया जा रहा है कि वे भी सीवीसी में जाने के इच्छुक हैं। उनका

नाम भी पीएमओ की सूची में शामिल है। दिल्ली पुलिस के पूर्व सीपी अमूल्य पटनायक का

नाम भी सतर्कता आयुक्त के लिए आगे किया जा रहा है।

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