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केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आग से प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया

  • तेल के कुएं में लगी आग पर नहीं पाया जा सका काबू

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी : केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आझ असम के तिनसुकिया जिले के उस स्थान का

दौरा किया, जहां पिछले बीस दिनों से तेल के कुएं में आग लगी है। सार्वजनिक क्षेत्र के

उपक्रम ऑयल इंडिया के बागजान कुएं में लगी भीषण आग पर अब तक काबू नहीं पाया

जा सका है। असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र

प्रधान ने बागवान गैस कुएं का दौरा किया।

वीडियो में देखिये धर्मेंद्र प्रधान और सोनोवाल का संयुक्त दौरा

शनिवार को असम पहुंचे प्रधान ने आज कहा कि उन्होंने अब दीवार में आग को नियंत्रित

करने के लिए तैयार किए गए विस्तृत मसौदे की समीक्षा की है, जिसे विदेशी विशेषज्ञों की

मदद से तैयार किया गया है। उन्होंने प्रभावित लोगों से मुलाकात किया और उनकी

शिकायतों को भी ध्यान से सुना। अनेक लोग आग के फैल जाने की वजह से अभी राहत

शिविरों में रह रहे हैं। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी और उनके निर्देश के बाद बाग़ान की यात्रा की मंत्रालय लगातार पूरी स्थिति की

निगरानी कर रहा था। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार,

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को घटना के बारे में सूचित करते हुए कहा कि राज्य सरकार

स्थिति को नियंत्रित करने के अपने प्रयासों में ओआईएल को सभी आवश्यक समर्थन

प्रदान कर रही है। केंद्रीय मंत्री ने बातचीत के दौरान राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए गए

समर्थन का जायजा लिया और हालात पर काबू पाने के लिए युद्धस्तर पर काम करने पर

जोर दिया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा खुद प्रधानमंत्री नजर रख रहे हैं

तेल के कुएं में लगी भीषण आग गांवों तक फैलीउन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि उनका मंत्रालय स्थिति की बारीकी से निगरानी कर

रहा है और आश्वासन दिया है कि भारत सरकार द्वारा प्रभावित परिवारों को सहायता

प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।यह उल्लेख करना महत्वपूर्ण है

कि असम के तिनसुकिया जिले में स्थित सरकारी गैस कंपनी ऑयल इंडिया के तेल के

कुएं में से आग की लपटें अभी निकल रही हैं। असम के सीएम सर्बानंद सोनोवाल ने कहा

कि आग अब 50 मीटर के क्षेत्र तक ही सीमित हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उन्हें लगभग 25-28 दिन चाहिए। हमने उस क्षेत्र से

लोगों को सफलतापूर्वक निकाल लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोनोवाल से बात की

और केंद्र से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

जानकारी के अनुसार रिसाव शुरू होने के साथ ही 1200 परिवारों के 55,00 लोगों को तीन

राहत शिविरों में भेज दिया गया था। पर्यावरण एवं वन मंत्री परिमल सुखाबैद्य ने कहा कि

असम सरकार गैस कुएं में लगी आग को काबू करने की पूरी कोशिश कर रही है। स्थिति

अब तक अनियंत्रित है। मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने केंद्र सरकार के मंत्रियों से बात की

है। असम सरकार आग पर काबू पाने की पूरी कोशिश कर रही है और अधिकारी स्थिति को

नियंत्रित करने के लिए काम कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार आसपास के गांवों के धान के

खेत, तालाब और वेटलैंड प्रदूषित हो चुके हैं और खतरा हर दिन बढ़ रहा है। गांव वालों ने

बीते सप्ताह बताया था कि उन्हें गैस की महक आ रही है और इस उद्यान में कई जगहों

पर तेल फैल चुका है।

गैस की पर्ते चाय बगाल के ऊपर एकत्रित हो गयी

कई छोटे चाय किसानों ने बताया कि गैस की परतें चाय बागान के ऊपर इकट्ठी हो गई हैं।

ऑयल फील्ड के डेढ़ किलोमीटर के दायरे को खाली करवाकर करीब 9,000 लोगों को यहां

से ले जाकर राहत शिविरों में रखा गया है। ऑयल इंडिया लिमिटेड की ओर से सभी

प्रभावित परिवारों को 30 हजार रुपये की वित्तीय मदद देने की बात कही गई है।बता दें कि

असम के तिनसुकिया जिले में तेल के कुएं में करीब दो हफ्ते तक अनियंत्रित तरीके से गैस

निकलने से वहां बड़े पैमाने पर आग फैल गई थी। नौ जून को कुएं में विस्फोट हुआ था।

इससे डिब्रू-सैखोवा नेशनल पार्क और मागुरी मोटापुंग वेटलैंड इलाके की जैव विविधता को

व्यापक क्षति पहुंची है।


 

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