fbpx Press "Enter" to skip to content

टीका उत्पादन में विदेशी खासकर अमेरिकी मदद अब क्यों

टीका उत्पादन में अपनी औकात समझ लेने के बाद अब भारत सरकार विदेशी कंपनियों

से टीका उत्पादन के मुद्दे पर बात कर रही है। सरकार भारत में कोविड-19 से बचाव के

टीकों के उत्पादन के लिए अमेरिकी कंपनियों फाइजर, जॉनसन ऐंड जॉनसन और मॉडर्ना

से बातचीत कर रही है। देश में टीकों की मांग पूरी करने और टीकाकरण अभियान में तेजी

लाने के लिए सरकार ने यह पहल की है। विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला ने गुरुवार को कहा, ‘हम

फाइजर, जॉनसन ऐंड जॉनसन और मॉडर्ना के टीके भारत में बनाने के लिए उनसे

बातचीत कर रहे हैं। श्री श्रृंगला के मुताबिक टीकों की आपूर्ति का ढांचा पेचीदा होता है।

भारत ने कूटनीतिक स्तर पर इन टीकों की आपूर्ति से जुड़ी नियामकीय बाधाएं कम करने

के लिए कदम उठाए हैं। अप्रैल-मई के दौरान देश में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर से

जान-माल को भारी नुकसान पहुंचा है। संक्रमण के मामले तेजी से बढऩे से देश के

विभिन्न भागों में आवश्यक दवाओं और इस महामारी से बचाव के टीकों की भारी कमी हो

गई थी। लेकिन यह सवाल महत्वपूर्ण है कि अभी से छह माह पूर्व जब अमेरिका ने सबसे

पहले टीका उत्पादन के कच्चे माल की आपूर्ति रोकी थी, जो भारत सरकार ने पहल क्यों

नहीं की थी। सवाल यह भी लाजिमी है कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत में सबसे

अधिक संक्रमण होने की बातों का खंडन कर रहे थे, तब भी भावी योजनाओं के बारे में उन्हें

या उनकी टीम ने कोई तैयारी नहीं की थी। अब सब तरफ से चोट खाने और सर्वोच्च

न्यायालय द्वारा पूरी प्रक्रिया की जानकारी पेश करने का निर्देश जारी करने के बाद केंद्र

सरकार यह समझ रही है कि वह कूटनीतिक और राजनीतिक तौर पर गंभीर संकट के दौर

में है।

टीका उत्पादन में बड़े लोगों की सफाई स्थिति स्पष्ट करने वाली

श्री श्रृंगला के प्रेस कांफ्रेंस से अलग से आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में विदेश

मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि टीकों के विनिर्माण और उत्पादन के लिए

आवश्यक सामग्री एवं कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भारत अमेरिका

से अलग से भी बातचीत कर रहा है। बागची ने कहा कि पिछले सप्ताह विदेश मंत्री के

अमेरिकी दौरे में इस विषय पर बातचीत हुई थी। प्रवक्ता ने कहा, ‘इस वैश्विक महामारी से

लडऩा भारत और अमेरिका दोनों के हित में है। टीकाकरण कार्यक्रम में तेजी लाकर ऐसा

किया जा सकता है। अमेरिका ने दूसरे देशों को भी टीके उपलब्ध कराने की घोषणा की है।

हम इस संबंध में और जानकारियों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।’ अमेरिका ने कहा है कि वह

अन्य देशों को कोविड-19 के 2 करोड़ टीके उपलब्ध कराएगा। यही बात चीत उस वक्त भी

की जा सकती थी जब अमेरिका ने अपने लिए टीका सुरक्षित करने के लिए टीका उत्पादन

के कच्चा माल के निर्यात पर रोक लगा दी थी। अब पानी सर के ऊपर आने के बाद भारत

को अगस्त और दिसंबर के बीच टीकों की 2 अरब खुराक मिलने की उम्मीद है। इतनी

खुराक देश की पूरी वयस्क आबादी को टीके लगाने के लिए पर्याप्त होगी। पिछले सप्ताह

नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल ने कहा था कि कोविड-19 टीकों की जल्द से जल्द

आपूर्ति के लिए केंद्र सरकार और फाइजर बातचीत कर रह रही हैं। इससे पहले फाइजर ने

संकेत दिए थे कि जुलाई से वह टीकों की आपूर्ति कर पाएगी। सरकार फाइजर के उस

अनुरोध पर भी विचार कर ही है जिसमें कंपनी ने टीके के प्रतिकूल असर से पैदा होने वाली

मुश्किलों से सुरक्षा की मांग की है।

हर स्तर पर समीकरण और हालात बिगड़े हैं, यह जगजाहिर है

यह जगजाहिर है कि इस महामारी से देश पर अभूतपूर्व आर्थिक दबाव पड़ा है और

सामाजिक स्तर पर भी हालात बिगड़े हैं और आम लोग मानसिक परेशानी का शिकार हुए

हैं। सरकार आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर टीकों का उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों में

भाग लेगा। इस विषय पर जी-7, जी-20, क्वाड, ब्रिक्स, संयुक्त राष्ट्र और डब्ल्यूएचओ में

दुनिया के सभी देश विचार-विमर्श कर रहे हैं। बौद्धिक संपदा अधिकारों के व्यापार संबंधित

पहलुओं (ट्रिप्स) के तहत अस्थायी रियायत पर भारत विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ)

में दूसरे देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि सभी के लिए समय रहते टीके

उपलब्ध हो सके। इसलिए यह अब माना जा सकता है कि कोरोना महामारी और उसके

बारे में विशेषज्ञों की चेतावनी को हल्के में लेने की वजह से ही यह परेशानी आयी है। इसके

लिए किसी और को नहीं बल्कि सिर्फ केंद्र सरकार और खास तौर पर नरेंद्र मोदी की अगर

जनता जिम्मेदार मानती है तो यह सामाजिक तौर पर गलत भी नहीं है। ऐसा इसलिए है

क्योंकि केंद्र सरकार का वर्तमान अर्थ नरेंद्र मोदी ही हैं। अन्य केंद्रीय मंत्रियों की भूमिका

लगभग गौण हो चुकी है। पूर्व में आगे बढ़ने वाले अमित शाह भी बंगाल चुनाव के बाद पर्दे

के पीछे चले गये हैं।

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from HomeMore posts in Home »
More from कूटनीतिMore posts in कूटनीति »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from देशMore posts in देश »

One Comment

... ... ...
error: Content is protected !!
%d bloggers like this: