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कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी सीसीएल को भी मिला कोयला मंत्री अवॉर्ड

  • सर्वश्रेष्ठ सुरक्षा प्रणाली अपनाने में आगे रही सीसीएल

  • कृष्णशिला परियोजना का ऑनलाइन उदघाटन

  • एनसीएल और डब्ल्यूसीएल को भी अवार्ड

  • सीआईएल के प्रोजेक्ट पैशन का शुभारंभ

राष्ट्रीय खबर

रांचीः कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी सीसीएल को पुरस्कार मिला है। केंद्रीय कोयला एवं

खान मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बृहस्पतिवार को नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में कोल

इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की अनुषंगी कंपनी सेंट्रल कोलफील्डस लिमिटेड (सीसीएल)

सहित नॉर्दर्न कोलफील्डस लिमिटेड (एनसीएल), और वेस्टर्न कोलफील्डस लिमिटेड

(डब्ल्यूसीएल) को कोयला मंत्री अवॉर्ड प्रदान किए। सीसीएल को सुरक्षा के क्षेत्र में

उत्कृष्ट कार्य हेतु यह अवार्ड प्रदान किया गया। देश में कोयला खनन में सर्वश्रेष्ठ और

सतत् प्रणालियों (सस्टेनेबल प्रैक्टिसस्) को बढ़ावा देने के लिए ये अवॉर्ड शुरू किए गए हैं।

कार्यक्रम में श्री जोशी ने सीआईएल के एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) – प्रोजेक्ट

पैशन का भी शुभारंभ किया, जिससे कंपनी के व्यावसायिक प्रदर्शन में सुधार में और बढ़ी

हुई आंकड़ा शुचिता (एनहैन्स्ड डेटा इन्टेग्रिटी) से कंपनी की प्रगति में मदद मिलेगी।

एनसीएल को कोयला उत्पादन और उत्पादकता में शानदार प्रदर्शन करने के लिए अवॉर्ड

दिया गया, जबकि सीसीएल और डब्ल्यूसीएल ने क्रमशः सर्वश्रेष्ठ सुरक्षा प्रणालियों को

अपनाने और सतत् खनन (सस्टेनेबल माइनिंग) के लिए अवार्ड्स हासिल किए। श्री जोशी

ने कहा कि कोयला भारत की ऊर्जा आकांक्षाओं की लाइफलाइन है और रहेगा। भारत

सेफ़्टी (संरक्षा) और सस्टेनेबिलिटी (सतत् विकास) के सभी मानकों के पालन के साथ

कोयला उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के लक्ष्य पर आगे बढ़ रहा है। इन मूल्यों को बढ़ावा

देने के लिए ही ये अवार्ड्स शुरू किए गए हैं। मैं सभी विजेताओं को बधाई देता हूं तथा मेरा

विश्वास है कि आने वाले समय में कोयला कंपनियां उत्पादकता, सेफ़्टी एवं सस्टेनेबल

माइनिंग के और भी ऊंचे मानदंड स्थापित करेंगी।

कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों में नये प्रावधान भी लागू 

कोल इंडिया में ईआरपी दो चरणों में लागू किया जाएगा। बृहस्पतिवार को लांच किए गए

पहले चरण में सीआईएल मुख्यालय और दो अनुषंगी कंपनियों- डब्ल्यूसीएल एवं

एमसीएल को कवर किया गया है। इस वर्ष अगस्त में शुरू होने वाले दूसरे चरण में शेष

सभी 06 अनुषंगियों कंपनियों को कवर किया जाएगा। श्री जोशी ने कहा कि ईआरपी के

लागू होने से सीआईएल को समय पर (रियल-टाइम) निर्णय लेने, उत्पादकता बढ़ाने और

लागत कम करने में मदद मिलेगी। यह सीआईएल को वित्तीय वर्ष 2023-24 तक 01

बिलियन टन कोयला उत्पादन लक्ष्य हासिल करने में सशक्त बनने और आज के लगातार

बदलते ऊर्जा परिदृश्य में सबसे अधिक उत्पादक खनन कंपनियों में से एक बनने में मदद

करेगा। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एनसीएल की कृष्णशिला परियोजना के नए

कोल हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) का शुभारंभ भी किया। श्री जोशी ने कहा कि मुझे खुशी है

कि कोयला कंपनियां तेजी से फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स पर आगे बढ़ रही हैं,

जिससे कोयला निकासी की प्रक्रिया में सुधार आएगा और कोयले के सड़क परिवहन को

समाप्त करने एवं पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। साथ ही, इससे न सिर्फ पारदर्शिता

बढ़ेगी, बल्कि खनन क्षेत्र के आस-पास रहने वाले लोगों का जीवन भी सुगम होगा।

कार्यक्रम में में भारत सरकार के सचिव (कोयला) अनिल कुमार जैन, कोल इंडिया

चैयरमैन प्रमोद अग्रवाल, एनसीएल सीएमडी पी के सिंह, सीसीएल सीएमडी पी एम

प्रसाद, डब्ल्यूसीएल सीएमडी मनोज कुमार और अन्य गण-मान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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