मध्य कैलिफोर्निया के पास समुद्र में हजारों ऑक्टोपसों ने डेरा डाला

मध्य कैलिफोर्निया के पास समुद्र में हजारों ऑक्टोपसों ने डेरा डाला
  • समुद्र के अंदर हो रहे हैं बदलाव, परेशान हैं वैज्ञानिक 

  • चट्टानों के नीचे से नजर आ रहे हैं उनके अंडे 

  • थोड़ी गहराई में रहती है यह प्रजाति 

  • समुद्र के अंदर बदलाव की आशंका की जांच

प्रतिनिधि



नईदिल्लीः मध्य कैलिफोर्निया का समुद्री तट अचानक खतरनाक हो गया है।

इस इलाके में पर्यटक आम तौर पर समुद्री प्रवाल और स्पंज का ढेर देखने आया करते हैं।

इस बार इस इलाके में हजारों की संख्या में ऑक्टोपस भरे पड़े हैं।

यह सारे मादा ऑक्टोपस हैं, जो यहां अंडा देते नजर आ रहे हैं।

इस लिहाज से यह पूरा इलाका खतरनाक हो गया है।

सूचना मिलने के बाद वैज्ञानिकों ने इस स्थिति की जांच की है।

जिसमें यह पाया गया है कि छोटे-छोटे चट्टानों के नीचे ऑक्टोपस अंडा दे रहे हैं अथवा उनकी सुरक्षा कर रहे हैं।

उनके सूंडों को ध्यान से देखने पर ही उनके वहां होने का पता चला है।

कारण समझने में वैज्ञानिक अब तक नाकाम

लेकिन वैज्ञानिक अब तक यह नहीं समझ पाये हैं कि अचानक इस इलाके में ऑक्टोपसों के आने की असली वजह क्या है।

अपने सफेद अंडों को घेरकर बैठी मादा ऑक्टोपसों को तो पहले भी देखा गया है।

लेकिन इस बार कैलिफोर्निया के इस इलाके में हजारों ऑक्टोपसों के होने की व्याख्या अब तक नहीं आ सकी है।

प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक समुद्र के अंदर मोंटरी वे समुद्री अभयारण्य के नीचे किसी ज्वालामुखी के विस्फोट की वजह से ऐसा हो सकता है, यह वैज्ञानिक मान रहे हैं।

यह विस्फोट समुद्र के भीतर होने की वजह से ऑक्टोपसों के स्थायी ठिकानों तक इसका असर पहुंचा है।

शायद इसी वजह से ये समुद्री प्राणी अपना ठिकाना बदलकर शांत इलाके तक आ पहुंचे हैं।

समुद्री गतिविधियों की खोजबीन करने के लिए जब एक सबमेरिन कैमरा उतारा गया था

तो इस गतिविधि के प्रथम संकेत मिले थे।

यह कैमरा अंदर के दृश्यों को तुरंत ही अपने केंद्र तक भेज रहा था, जहां बैठे वैज्ञानिक कैमरे में कैद होने वाली तमाम घटनाओं को देख रहे थे।

आम तौर पर इस प्रजाति के ऑक्टोपस समुद्र की गहराई में रहते हैं।

पहले किये गये प्रयोगों में उनके रहने का ठिकाना तीन किलोमीटर की गहराई में हुआ करता था।

मध्य कैलिफोर्निया के छिछले समुद्र में इनलोगों ने डाल रखा है डेरा

वहां से अचानक ऊपर आकर अंडा देने की घटना ने वैज्ञानिकों को चिंता में डाल रखा है।

दरअसल यह स्थिति मनुष्यों के साथ साथ यहां पैदा होने वाली ऑक्टोपस प्रजाति के लिए भी खतरे की घंटी है।

वैसे अब तक के घटनाक्रमों की जानकारी रखने के आधार पर वैज्ञानिक यह मान रहे हैं कि

शायद ज्वालामुखी विस्फोट की वजह से अंदर गहराई का पानी

अचानक गर्म होने की वजह से समुद्री प्राणियों को अपना ठिकाना बदलना पड़ा है।

वैसे इस सूचना के सामने आने के बाद पूरे घटनाक्रम पर नियमित नजर रखी जा रही है।



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