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सीसीएल में ‘वाटर कंजरवेशन इन कोल माइंस’ पर सेमिनार

  • वाटर इज क्ला‘ईमेट, क्लाइईमेट इज वाटर – श्री राजेन्द्र सिंह

रांचीः सीसीएल में  मुख्यालय स्थित ‘कन्वेंडशन हॉल’स्थित ऑडिटोरियम’

में ‘वाटर कंजरवेशन इन कोल माइंस’ पर सेमिनार का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर सेमिनार के मुख्य अतिथि जल पुरूष (मैगसेसे अवार्डी) श्री

राजेन्द्र सिंह एवं सीसीएल के सीएमडी गोपाल सिंह, वरिष्ठ पत्रकार श्री

मधुकर, निदेशक तकनीकी (संचालन) वी.के. श्रीवास्तव, निदेशक तकनीकी

(योजना/परियोजना) भोला सिंह, निदेशक (वित्त) एन.के. अग्रवाल सहित

मुख्यालय के विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, विभागाध्याक्ष एवं बड़ी

संख्या में कर्मी उपस्थित थे।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि राजेन्द्रस सिंह ने उपस्थित सभी को संबोधित

करते हुए कहा कि वाटर इज क्लाकईमेट, क्लायईमेट इज वाटर इस तथ्य‍ को

अब सारा विश्व मान रहा है। मुख्या अतिथि ने कहा कि कोल इंडिया को जल

साझरता एवं जल के कुशल उपयोग में कौशल विकास पर कार्य करने की

आवश्योकता है और मैं आशा करता हॅू कि प्रबंधन इस पर सकारात्मसक पहल

करेगा। उन्हों।ने पावर प्वायइंट प्रजेटेंशन के माध्यम से बताया कि भारत में

भूमिगत जल के अत्याहधिक दोहन से एक आपातकाल स्थिति उत्पन्न हो

गयी है जिसके लिए हम सभी को मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है।

उन्होंने विस्तार से राजस्थान में किये गये कार्यो के बारे में बताया। उन्होंने

राजस्थानन में किये गये कार्यो के वैज्ञानिक पक्ष को रखते हुये बताया कि

किस प्रकार हम जन सहयोग से जल संरक्षण के दिशा में कम से कम खर्च में

कार्य कर सकते हैं। उन्होंने सभी को प्रेरित करते हुये कहा कि क्ला‍ईमेट

(जलवायू परिवर्तन) को सही दिशा में लाना हम सभी की जिम्मेतदारी है।

सीसीएल में अतिथि का स्वागत सीएमडी ने किया

सीएमडी गोपाल सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुये कहा कि आज

हम सभी का सौभाग्य है कि जल पुरूष श्री राजेन्द्र सिंह सीसीएल प्रागंण में

आये हैं। श्री सिंह ने बताया कि कोल इंडिया द्वारा राष्ट्र हित में देश की उर्जा

आवश्युकता को पूरा करने के लिए कोयला उत्पा्दन कर रहा है। आज देश में

हर दस में सात बल्ब हमारे कोयले से जलता है परंतु यह भी एक सत्य है कि

कंपनी पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देते हुये इस दिशा में हर संभव

प्रयास कर रही है। सीसीएल, जल पुरूष द्वारा दिये गये सुझाव पर आगे बढ़ते

हुये जल साझरता एवं जल के कुशल उपयोग हेतु कौशल विकास पर कार्य

करेगा, श्री सिंह ने जोर देते हुये कहा।

इस अवसर पर निदेशक तकनीकी (संचालन) श्री वी.के. श्रीवास्तकव, निदेशक

तकनीकी (योजना/परियोजना) श्री भोला सिंह, निदेशक (वित्ति) श्री एन.के.

अग्रवाल ने भी ‘वाटर कंजरवेशन इन कोल माइंस’ विषय पर संबोधित किया।

मंच संचाल वरीय प्रबंधक (वित्त) श्री ए.डी. वाधवा ने किया।

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