सीसीएल का इस बार पांच लाख बच्चों तक पहुंचने का लक्ष्य

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खेल अकादमी की गतिविधियों को और बढ़ायेंगे

संवाददाता

रांचीः सीसीएल इस बार अपने खेल गतिविधियों के तहत राज्य के पांच लाख बच्चों तक अपनी पहुंच का विस्तार करने की योजना पर काम कर रहा है।

केन्द्री य कोयला एवं रेलवे मंत्री श्री पियुष गोयल और माननीय मुख्यमंत्री झारखंड, श्री रघुबर दास की परिकल्पना एवं दूरगामी सोच का नतीजा, खेलगांव स्थित खेल अकादमी की शुरूआत जुलाई 2016 में हुई ।

खेल अकादमी ने बहुत कम अवधि में लम्बी दूरी तय करते हुए, अपना नाम राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कई प्रतियोगिताओ के पदक विजेताओं के रूप में अंकित किया है ।

सीसीएल के इस खेल पहल से झारखंड को मिला है फायदा

राज्य के सुदूर, पिछड़े और वंचित क्षेत्रों से आने वाले ये इन युवा कैडेट्स ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर से अपनी प्रतिभा, अपने कोच के मार्गनिर्देशन, सीसीएल और राज्य प्रशासन के प्रयासों एवं हमारे माननीय प्रधान मंत्री का परिकल्पना के साथ न्याय किया है ।

सीएमडी सीसीएल गोपाल सिंह ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि इन युवा कैडेटों को विश्वस्तरीय एवं अत्याधुनिक सुविधाएं मिले, चाहे वह प्रशिक्षण, बुनियादी ढांचा, आहार, कोच या शिक्षा हों |

पिछले वर्ष झारखंड के 24 जिलों में आयोजित चयन प्रक्रिया के माध्यम से 1 लाख 89 हजार आवेदकों में से  अंतत: 170 छात्रों का चयन किया गया। चयनित कैडेटों और आवेदकों का अनुपात 9 : 10000 का है, जो इसकी लोकप्रियता और उत्कृकष्ट  मापदंडो को दर्शाता है ।

इस वर्ष हम ‘’खेल महाकुम्भ:’’ के माध्य,म से लगभग 05 लाख बच्चों तक पहुंचने का प्रयास कर रहें हैं। खेल महाकुम्भह का आयोजन झारखंड के सभी 24 जिलों में किया जायेगा।

वर्तमान में खेल अकादमी में एथलेटिक्स, कुश्ती, तीरंदाजी, तायक्वोंडो, शुटिंग, बॉक्सिंग, साईकिलिंग, वेटलिफ्टींग, तैराकी और फुटबॉल आदि में 344 स्पोर्ट्स कैडेटों को प्रशिक्षित किया जा रहा है ।

इन बच्चों के रहने-खाने, स्कूलिंग, कोचिंग आदि का पूरा खर्चा खेल अकादमी वहन करता है। इन चयनित बच्चों को पांच सौ रूपये प्रति माह स्टाईपेंड भी दिया जाता है ।

‘‘मिशन ओलंम्पिक मेडल 2024’’ के तहत इन बच्चों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कोच द्वारा प्रशिक्षण एवं विश्वगस्ती्य सुविधा उपलब्ध करायी गयी है।

सीसीएल के लाल एवं लाडली

इस महत्वासकांक्षी योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों का चयन कर हमारे आईआईटी पासआउट युवा अधिकारी इन बच्चों को इंजीनियरिंग कॉलेज की प्रवेश परीक्षा के लिए कोचिंग मुहैया कराते हैं।

पिछले पांच वर्षों में इन बच्चों ने देश के विख्यात इंजीनियरिंग कॉलेजों जैसे आई.आई.टी एवं एन.आई.टी. में प्रवेश  अर्जित कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि सी.सी.एल. एवं झारखंड का भी नाम रौशन किया है।

इस वर्ष ‘‘सीसीएल के लाल” के (2015-17 बैच) 05 छात्रों (45%) ने आईआईटी प्रवेश परीक्षा में सफलता प्राप्त‘ कर एक नया इतिहास रचा है।

इस वर्ष भी 12 छात्रों (48%) ने जेईई मेन में सफलता प्राप्तल की, जिसमें से 3 छात्रों ने अंतत: आईआईटी में प्रवेश प्राप्त  किया।

माननीय प्रधानमंत्री के ‘’बेटी बचाव बेटी पढ़ाओं’’ अभियान से कदम से कदम मिलाते हुए वर्ष 2016-18 के सत्र में “सी.सी.एल. की लाडली” योजना का आरंभ किया गया।

जिसके अंतर्गत 11 मेधावी छात्राओं का चयन कर कोचिंग दिया जा रहा है। इनके लिए भी डीएवी गांधीनगर में कक्षा ग्यारहवीं और बारहवीं में सी.सी.एल. द्वारा निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था की गई है। इन छात्राओं को रहने, खाने की सुविधा और कोचिंग निःशुल्क उपलब्ध। कराई जा रही है ।

‘’सीसीएल के लाल एवं लाडली” की अभूतपूर्व सफलता देखते हुए, इस योजना का दायरा बढ़ा दिया गया है । बीसीसीएल एवं सीसीएल कमांड क्षेत्रों में सात केन्द्र  खोले गये हैं जहॉ वीडियों कॉन्फ्रें सिंग आधारित स्मासर्ट क्लाएसेस माध्यम से बच्चों को निःशुल्क कोचिंग प्रदान की जा रही है जिसका शुभारंभ स्वं‍य माननीय केंद्रीय कोयला एवं रेलवे मंत्री (भारत सरकार), श्री पीयूष गोयल द्वारा किया गया ।

प्रत्येसक केन्द्रक पर 50 बच्चों  को कोचिंग सेवा उपलब्धप कराने की व्यावस्थाी की गई है। अगले बैच (वर्ष 2019-21) के लिए हम प्रवेश पत्र सीसीएल मुख्या लय सहित सभी क्षेत्रों में उपलब्ध  करा दिये गये है साथ ही इसे सीसीएल की वेबसाईट पर उपलब्ध  कराया गया है।

हमारा प्रयास है कि इस प्रवेश परीक्षा में झारखंड के 10वीं पास ज्याादा से ज्यारदा बच्चेंभ भाग लेकर सीसीएल की योजना का लाभ प्राप्त् करें।

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