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अरुणाचल के पूर्व मुख्यमंत्री नबाम तुकी और रिश्तेदारों के खिलाफ कार्रवाई

  • हजार करोड़ के घोटाले में सीबीआई ने दर्ज किया मामला

  • अगले सोमवार को हो सकती है उनकी गिरफ्तारी

  • एक और सीएम के खिलाफ कार्रवाई जारी है

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी : अरुणाचल के पूर्व मुख्यमंत्री नबाम तुकी की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले

रहीं। सीबीआई ने अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नबाम तुकी के खिलाफ कथित

भ्रष्टाचार और अपने संबंधियों को लाभ पहुंचाने के एक मामले में नई प्राथमिकी दर्ज की

है। यह मामला कोलकाता के सॉल्ट लेक इलाके में केंद्रीय विद्यालय की चारदीवारी के

निर्माण का ठेका देने से जुड़ा है। मामले की शुरुआती जांच के बाद सीबीआई ने आरोप

लगाया कि अरूणाचल प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों ने

निविदाएं आमंत्रित किए बगैर ही इस काम का ठेका तुकी के परिजन के नियंत्रण वाली

कंपनियों को दे दिया। उस दौरान तुकी राज्य में पीडब्ल्यूडी मंत्री थे। इससे राज्य सरकार

को घाटा हुआ और मंत्री तथा उनके संबंधियों को ‘गलत तरीके से लाभ पहुंचा।यह काम

अरूणाचल प्रदेश के पीडब्ल्यूडी को केंद्रीय विद्यालय के तत्कालीन आयुक्त ने 2005 में

सौंपा था जबकि इस सरकारी एजेंसी के पास सॉल्ट लेक इलाके में न तो कोई साधन थे

और न ही उसका कोई कार्यालय वहां पर था। सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारी कहां हैं

सीबीआई पिछले 15 सालों से उनके खिलाफ सारे दस्तावेज इकट्ठा करने में सफल रही है?

अब हजार करोड़ के घोटाले में उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उनसे पूछताछ

की जाएगी जिसके बाद सीबीआई कोर्ट के आदेशानुसार पूर्व मुख्यमंत्री और उनके छह

रिश्तेदारों को गिरफ्तार किया जा सकता है। यही नहीं, नई दिल्ली और अरुणाचल प्रदेश में

उसकी सारी संपत्ति सीबीआई अपने कब्जे में ले लेगी। मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री भी इस

आरोप में शामिल हैं कि केंद्र में कांग्रेस के शासन काल से कई मुख्यमंत्रियों और पूर्वोत्तर

राज्यों के कई अन्य मंत्रियों ने जनता का पैसा जेब में रखा था । मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री

ओकराम इबोबी सिंह के खिलाफ अभी भी कार्रवाई जारी है ।

अरुणाचल के पूर्व मुख्यमंत्री में एक और पर जांच जारी है

सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अरुणाचल के पूर्व मुख्यमंत्री नबाम तुकी और

उनके रिश्तेदारों ने विकास के नाम पर काफी घोटाले किए थे। यही वजह है कि सीबीआई

अदालत ने उनके खिलाफ अगले सोमवार को फैसला सुनाएगी। सीबीआई के अधिकारियों

ने कहा, ‘केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 2005-06 में राज्य में निर्माण कार्य में अनियमितताओं के

लिए तुकी और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस दौरान तुकी पीडब्ल्यूडी और

शहरी विकास मंत्री थे। इससे पहले जुलाई 2019 में, सीबीआई ने नबाम तुकी और उनके

भाई नबाम टैगम के खिलाफ केस दर्ज किया था। उन पर आरोप था कि तुकीन ने 2003 में

नियमों का पालन किए बिना गलत तरीके से लाभ के लिए अपने भाई को 13.20 करोड़

रुपये की सरकारी परियोजना प्रदान की थी।2017 में, सीबीआई ने तुकी के खिलाफ आरोपों

की जांच के लिए एक प्रारंभिक जांच शुरू की थी। आरोप है कि उन्होंने 2005 में मंत्री पद पर

रहने के दौरान अपने परिजनों और रिश्तेदारों को व्यक्तिगत लाभ के लिए 11 सरकारी

कॉन्ट्रैक्ट दिए थे। तुकी नवंबर 2011 से जनवरी 2016 तक अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री

रह चुके हैं।

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