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इतने दिनों बाद बिहार के बहुचर्चित घोटाला में सीबीआई जांच की गाड़ी आगे बढ़ी




सृजन घोटाले में तीन महिला को सीबीआई ने किया गिरफ्तार
अब किसी आईएएस अधिकारी की भी हो सकती है गिरफ्तारी
काफी समय से सुस्त चल रही थी सीबीआई जांच की गाड़ी
घोटाला में कई बड़े सफेदपोशों के भी शामिल होने का संदेह

दीपक नौरंगी

भागलपुरः इतने दिनों बाद फिर से सृजन घोटाला में सीबीआई की जांच की गाड़ी आगे बढ़ती नजर आयी है। सीबीआई टीम ने 30 नवंबर को भागलपुर के सबौर थाना क्षेत्र में दीपक वर्मा के यहां सीबीआई की टीम ने छापामारी की है।




घोटाले में शामिल तीनों महिला की गिरफ्तारी के बाद भागलपुर न्यायालय कोर्ट में राजरानी वर्मा, अपर्णा वर्मा, जसीमा खातून को ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया है। भागलपुर के सृजन घोटाला में प्रवर्तन निदेशालय ने विपिन शर्मा गिरफ्तारी के बाद सात दिनों के रिमांड पर लिया था।

जैसे कि बिहार के आला अधिकारियों और राजनीतिक गलियारों में यह बात चर्चा में है कि बीजेपी के दो बड़े नेता के नाम विपिन शर्मा ने प्रवर्तन निदेशालय को पूछताछ के दौरान बताए हैं उसके बाद कुछ दिनों तक सीबीआई टीम और प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों की कार्रवाई धीमी पड़ती दिख रही थी लेकिन अचानक सीबीआई टीम की कार्रवाई तेज होती दिख रही है।

भागलपुर में दो अलग-अलग थाना क्षेत्र में सीबीआई टीम ने छापामारी कर स्थानीय पुलिस के सहयोग से तीन महिलाओं को रिमांड पर लेकर पटना गई है। वहां सीबीआई के अधिकारी पूछताछ करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के बाद फिर रिमांड पर ले सकते हैं।

तीनों के खिलाफ हाल ही में सीबीआई कोर्ट पटना से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। सीबीआई ने विभिन्न जगहों पर छापेमारी कर तीनों की गिरफ्तारी की है। तीनों आरोपित सृजन महिला विकास सहयोग समिति सबौर की प्रबंधकारिणी सदस्य थीं। घोटाले की मास्टरमाइंड मनोरमा देवी से इन तीनों महिला के काफी नजदीकी संबंध थे।




इतने दिनों बाद अब फिर से पुरानी चर्चाओं का बाजार गर्म

सृजन घोटाले में बीजेपी के कई बड़े नेताओं का नाम सुर्खियों में है आला अधिकारियों की बातों पर भरोसा करें तो आने वाले दिनों में बीजेपी के दो बड़े नेताओं पर कार्रवाई सीबीआई टीम के द्वारा की जा सकती है।

बिहार की सरकार पर भी इसका असर पड़ सकता है। सृजन घोटाला में शुरुआती समय में सीबीआई की टीम में एसपी सुरेंद्र मल्लिक काफी सुर्खियों में रहे।

बताया जाता है कि ईमानदार और कड़क अफसर के रूप में उनकी एक पहचान थी लेकिन अचानक सीबीआई जांच टीम के बड़े आला अधिकारियों ने सृजन घोटाले से की जांच से सीबीआई ए एसपी सुरेंद्र मल्लिक को क्यों अलग किया

यह कहना कठिन होगा लेकिन सीबीआई की टीम में सृजन घोटाला की शुरुआती जांच में सुरेंद्र मल्लिक की कार्रवाई और पूछताछ का तरीका काफी सुर्खियों में था जिसके कारण कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की नींद भागी हुई थी।



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