सारदा कांड में नलिनी चिंदावरम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

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  • पूर्व वित्त मंत्री की पत्नी के खिलाफ सीबीआइ का आरोप 

  • सुदिप्तो से परिचय मनोरंजना ने कराया 

  • कंपनियों से 1.40 करोड़ रुपये प्राप्त किये 

  • इडी पहले ही कर चुकी है पूछ-ताछ

एस दासगुप्ता

कोलकाताः सारदा कांड की जांच की गाड़ी फिर से आगे बढ़ने लगी है।

बीच में कुछ समय तक यह कार्रवाई अज्ञात कारणों से रुक गयी थी।

अब बहुचर्चित सारदा चिटफंड घोटाला में पूर्व वित्त मंत्री पी चिंदावरम की पत्नी नलिनी चिदांवरम

के खिलाफ सीबीआइ ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया है।

उन पर भी अन्य लोगों की तरफ चिटफंड के माध्यम से जुटाये गये जनता के पैसे का दुरुपयोग करने का आरोप है।

पश्चिम बंगाल के कोलकाता के करीब स्थिति बारासत की अदालत में सीबीआइ ने यह आरोप पत्र दाखिल किया है।

गत शुक्रवार को वहां की अदालत में यह आरोपपत्र दाखिल किया गया।

दाखिल दस्तावेज के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता नलिनी चिंदावरम ने सारदा समूह के चैयरमैन सुदिप्तो सेन के साथ

षड़यंत्र रचकर जनता के पैसे को नौ-छह किया है।
सीबीआइ का आरोप है कि इस काम में नलिनी का परिचय सुदिप्तो से पूर्व केंद्रीय मंत्री मतंग सिंह की पत्नी मनोरंजना सिंह ने कराया था।

उन्हें तब भी अनेक एजेंसियों द्वारा चल रही जांच के मामलों के देखने की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी।

इस काम के एवज में नलिनी चिदांवरम को वर्ष 2010 से लेकर 2012 के बीच 1 करोड़ 40 लाख रुपये दिये गये हैं।

यह सारा भुगतान सुदिप्तो सेन की कंपनियों द्वारा ही किया गया है।

सारदा कांड का पता पहली बार 2013 में लगा था

वर्ष 2013 में इस घोटाले का पता चलने के बाद धीरे धीरे सारा राज खुलता चला गया।

कई ग्राहकों द्वारा समय बीत जाने के बाद भी पैसा नहीं लौटाने की शिकायत धीरे धीरे सार्वजनिक होती चली गयी।

तब जाकर पता चला कि कंपनी ने लाखों लोगों का पैसा लेने के बाद समय पर उन्हें पैसा वापस नहीं किया है।

इस मामले में पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं पर भी साजिश में शामिल होने का आरोप लगा है।

इस मामले में नलिनी से इडी की टीम पहले भी कई बार पूछ-ताछ कर चुकी है।

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