सीबीआइ की इस दुर्गति की जिम्मेदार राजनीति

सीबीआइ की इस दुर्गति की जिम्मेदार राजनीति

सीबीआइ को दो राज्यों में अपने यहां जांच करने से रोक दिया। स्पष्ट तौर पर यह राजनीतिक फैसला है और इसे कानून के तहत चुनौती भी दी जा सकती है। लेकिन इस... Read more »
चुनाव यानी पांच राज्यों में दंगल

चुनाव यानी पांच राज्यों का दंगल यानी बार बार हां, बोलो यार हां .. …

चुनाव का माहौल गर्म है। हर कोई जिंदा या गड़ा हुआ मुर्दा उखाड़ने पर आमादा है। पांच राज्यो मे चुनावी दंगल तेज है। एक में तो पहले राउंड का मुकाबला भी हो... Read more »
पारा शिक्षकों की समस्या का अब स्थायी समाधान जरूरी

पारा शिक्षकों की समस्या का अब स्थायी समाधान जरूरी

पारा शिक्षकों की जब बहाली हो रही थी तभी यह स्पष्ट कर दिया गया था कि यह स्थायी नौकरी नहीं होगी। समय के साथ इसमें राजनीतिक जंग की पर्त चढ़ती चली गयी।... Read more »
भारतवर्ष में सहकारिता का मूल मंत्र ही समानता

भारतवर्ष में सहकारिता का मूल मंत्र ही समानता

भारतवर्ष के संदर्भ में केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने एक अच्छी बात कही है। उन्होंने सही कहा है कि सहकारी समितियों से अमीरों और गरीबों के बीच की खाई को पाटने... Read more »
आम आदमी के लिए क्या होगा लोकसभा चुनाव का मुद्दा

आम आदमी के लिए क्या होगा लोकसभा चुनाव का मुद्दा

आम आदमी के फैसले से ही अगली लोकसभा का गठन होने वाला है। लिहाजा इस बार की सोच कैसी होगी, इस पर सभी राजनीतिक दलों की चिंता बरकरार है। आम तौर पर... Read more »
छत्तीसगढ़ मतदान का पहला चरण

छत्तीसगढ़ का अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण मतदान

छत्तीसगढ़ के पहले चरण का चुनाव अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रहा है। इस दौरान सिर्फ बीजापुर के पास नक्सली हमले में पांच जवानों के घायल होने की खबर है। दूसरी तरफ प्रारंभिक तौर पर... Read more »
नोटा का बढ़ता प्रभाव से मिलते संकेत

नोटा का बढ़ता प्रभाव से मिलते संकेत

नोटा का संभावित प्रभाव छत्तीसगढ़ में सभी राजनीतिक दलों को डरा रहा है। यह इसलिए है क्योंकि कई सीटों पर जीत के अंतर से ज्यादा तो नोटा को मिले वोट थे। नोटा यानी इनमें से कोई भी नहीं का जनादेश अपने आप में राजनीतिक दलों को अपने आप में सुधार करने का स्पष्ट आदेश है। यह अलग बात है कि जनता के इस आदेश को शिरोधार्यकरने की स्थिति में शायद कोई भी दल नहीं है क्योंकि सबके अपने अपने चुनावी और दूसरे एजेंडे है। लेकिन इसी नोटा का राजनीतिक निष्कर्ष यही बतलाता है कि जनता की सोच के मुताबिक अब राजनीतिक दलों को अपने आप में बदलाव लाना चाहिए। जनता बदल चुकी इसलिए दलों को... Read more »
चुनाव करीब आते ही सबको माझी की याद सताती है और गाते हैं ओरे माझी.. ... ....

चुनाव करीब आते ही सबको माझी की याद सताती है और गाते हैं ओरे माझी.. … ….

चुनाव जब जब करीब आता है, सभी को अपनी नैया पार लगाने वाले माझी की याद आने लगती है। इसी तर्ज पर माझी की याद में गीत गाना भी प्रारंभ कर देते... Read more »
नोटबंदी पर अरुण जेटली की अजीब दलील

नोटबंदी पर अरुण जेटली की अजीब दलील

नोटबंदी पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की दलील कुछ वैसी ही है जैसे हिंदी के प्रश्न पत्र पर भूगोल का उत्तर लिखकर अच्छे नंबरों से पास होने की बात हो। नोटबंदी... Read more »
जनता की मूलभूत समस्याओं से भागते राजनीतिक दल

जनता की मूलभूत समस्याओं से भागते राजनीतिक दल

जनता की मूलभूत समस्याओं पर शायद चुनावी राजनीति करने वाले दल ज्यादा कुछ बोलना ही नहीं चाहते। इसीलिए चुनाव जब जब करीब आता है, उन मुद्दों पर नूरा कुश्ती का दौर प्रारंभ... Read more »
असतो मा सद्गमय,

असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्यर्मा मा अमृत गमय

असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्यर्मा मा अमृत गमय। यानी (हमको) असत्य से सत्य की ओर ले चलो । अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो ।। मृत्यु से अमरता की ओर... Read more »
केतना टाइम से पूछ रहे हैं लेकिन ना बोले ना बोले

केतना टाइम से पूछ रहे हैं लेकिन ना बोले ना बोले ना बोले रे.. .. ..

केतना टाइम से पूछ रहे हैं कि भाई दामवा तो बता दो। दाम बताने से कोई आसमान नहीं टूट पड़ेगा। खाली एगो तुमही देशभक्त नहीं हो, हमलोगों को भी देश की चिंता... Read more »
जीएसटी में बढ़ रही है रिटर्न नहीं फाइल करने वालों की संख्या

जीएसटी संग्रह का बढ़ता आंकड़ा देश के लिए शुभ संकेत

जीएसटी कर संग्रह अब पिछले महीने एक लाख करोड़ का आंकड़ा पार कर चुका है। निश्चित तौर पर यह देश की आर्थिक तरक्की के लिए एक शुभ संकेत है। लेकिन इसमें अभी... Read more »
भ्रष्टाचार को खत्म कर विकास की गति हासिल होगी

भ्रष्टाचार को खत्म कर विकास की गति हासिल होगी

भ्रष्टाचार का दीपक देश को अंदर से खोखला कर रहा है। इसका एहसास हरेक को है क्योंकि भ्रष्टाचार का नुकसान हर कोई किसी न किसी रुप में भोग रहा है। लेकिन इसे... Read more »
झारखंड पुलिस को जनता के प्रति और जिम्मेदार बनाना जरूरी

झारखंड पुलिस को जनता के प्रति और जिम्मेदार बनाना जरूरी

झारखंड की पुलिस फिर से लापरवाह और संवेदनहीन होती नजर आ रही है। खास तौर पर सामाजिक और पारिवारिक पृष्टभूमि के मामलों में पुलिस को जितना मानवीय बनकर काम करना चाहिए, उसमें... Read more »
सर्वोच्च न्यायालय ने राफेल डील पर फैसला सुरक्षित रखा

राम मंदिर का अदालती फैसले के राजनीतिक प्रभाव

राम मंदिर निर्माण का मामला फिर से जनवरी तक सुनवाई के लिए टल गया। महज कुछ मिनटों में अदालत ने इस अत्यधिक चर्चित मामले को जनवरी में सुनवाई के लिए रख दिया।... Read more »