Browsing Category

सम्पादकीय

सम्पादकीय

भारतीय राजनीति में बंगाल और कर्नाटक से मिलते भविष्य के संकेत

भारतीय राजनीति की दशा और दिशा को एक बार फिर रेखांकित करने के लिए दो राज्यों के चुनाव परिणामों पर हमें गौर करना चाहिए। पश्चिम बंगाल में पंचायत के चुनाव हुए हैं जबकि कर्नाटक में विधानसभा के चुनाव के बाद त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति उत्पन्न हुई…

देश में निरंतर बढ़ते मोबाइल कंपनियों के घमासान पर नजरदारी जरूरी

ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि मोबाइल कंपनियां बहुत सस्ते में ग्राहकों को तमाम किस्म की सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं। सबसे विशाल आधारभूत ढांचा होने के बाद भी भारत संचार निगम लिमिटेड इस होड़ में क्यों आगे नहीं बढ़ पा रहा है, यह सबसे अधिक चिंता का…

नरेंद्र मोदी का नेपाल दौरे में धार्मिक कूटनीति का बेहतरीन प्रयास

धार्मिक सदभावना और आपसी रिश्तों के आधार पर कूटनीतिक संबंध सुधारने में नरेंद्र मोदी ने एक नई पहल की है। नेपाल के साथ भारत के बिगड़े रिश्तों को कूटनीतिक पेंच से बाहर कर उन्होंने धर्म और आस्था से जोड़ा है। भारत और नेपाल के बीच रोटी और बेटी के…

डॉन इतनी आसानी से झांसा में नहीं आयेगा, अरे दीवानों मुझे पहचानो कहां से आया .. .. .. ..

आय, का समझे हैं आसानी से झांसा दे लीजिएगा। अपने ट्रंप भइया हमलोगों को एकदमे लल्लू समझे हैं का ? सबको पता है कि अब उनकी चलती कम हो रही है। पहले तो इधर उधर की बात करके सबको डराने का काम कर रहे थे। धीरे धीरे सबको बात समझ में आ ही गयी कि यह…