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संपादकीय

भारत में भ्रष्टाचार के बदलते तौर तरीके, विदेशी पूंजी निवेश पर पड़ा है असर

भारत में ऐसा नहीं है कि अच्छा कुछ भी नहीं हो रहा है। देश में बहुत कुछ अच्छा हो रहा है पर भ्रष्टाचार की वजह से प्रगति की गति अत्यंत ही धीमी है। हर कल्याणकारी योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़कर नष्ट हो रही है। इस गड़बड़ी के बीच अब भ्रष्टाचार के तौर…

मुख्य सचिव से सरकार परेशानी में, चारा घोटाला में आया है नाम

मुख्य सचिव राजबाला वर्मा को उनका प्रियपात्र माना जाता है। कई अवसरों पर अन्य योग्य अधिकारियों को दरकिनार कर मुख्यमंत्री खुद अपने मुख्य सचिव के समर्थन में खड़े रहे हैं।

नये आंकड़े और तथ्य सामने आये, कहीं स्मार्ट सिटी के नाम पर खेल तो नहीं

नये आंकड़े और तथ्य सामने आने के बाद यह सवाल उठना लाजिमी है कि कहीं स्मार्ट सिटी ने नाम पर जनता को ठगने का कोई नया धंधा तो चालू नहीं हो गया है। सरकारी आंकड़े यह बताते हैं कि इस मद में कुल 9,860 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, जिनमें से खर्च हुए…

पूछो ना कैसे मैंने रैन .. .. .. .. ..

पूछो ना कैसे मैने रैन बिताई, इक पल जैसे, इक युग बीता -2, युग बीते मोहे नींद ना आयी, पूछो ना कैसे ... ना कहीं चँदा, ना कहीं तारे ज्योत के प्यासे मेरे, नैन बिचारे -2 भोर भी आस की किरन ना लायी पूछो ना कैसे ...

तीन तलाक जैसी जल्दबाजी बाकी विधेयकों में क्यों नजर नहीं आती

तीन तलाक का विधेयक राज्यसभा से भी पारित हो जाएगा।इस विधेयक पर ऐसी सहमति बन सकती है तो बाकी महत्वपूर्ण मुद्दों पर गतिरोध क्यों पैदा हो जाता है।

दिल्ली में सरकार वनाम उपराज्यपाल कबतक

दिल्ली का राजनीतिक मसला वहां के विकास को लगातार बाधित कर रहा है। यह मसला दिनोंदिन उलझता ही चला जा रहा है। झगड़ा कई मुद्दों तक को प्रभावित करने लगा है।

देश में साइबर अपराध पर अंकुश लगना जरूरी

देश में साइबर अपराध रोकने की दिशा में कठोर कदम उठाने का समय आ गया है। यह कदम सिर्फ पैसा चुराने वालों पर ही नहीं बल्कि मोबाइल कंपनियों पर भी लागू होना चाहिए। 

पूर्वोत्तर पर विशेष ध्यान के राष्ट्रीय बहुआयामी फायदे

पूर्वोत्तर पर विशेष ध्यान के राष्ट्रीय बहुआयामी फायदे है। अगर सिर्फ राजनीतिक चश्मे से अगर देखा जाए तो यह सिर्फ भाजपा के मिशन पूर्वोत्तर का हिस्सा नजर आयेगा।

स्वदेशी कंपनियों को तरजीह ही आगे बढ़ने की कुंजी

स्वदेशी कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए अब प्रधानमंत्री को अपने ही अधीनस्थ मंत्रालयों को निर्देश देना पड़ रहा है। पीएमओ ने इस संबंध में पत्र लिखा है

मामला टू जी के अदालती फैसला पर तू मेरा जानू है तू मेरा दिलवर .. .. …

मामला वाकई अपने आप में कमाल की बात है। एक सरकार उखड़ कर भोकट्टा घुड्डी की तरह पता नहीं कहां जा गिरी। लेकिन अंत में फिल्म का क्लाईमेक्स एकदम फूसफूसा गया।