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सम्पादकीय

नाम गुम जाएगा, चेहरा यह बदल जाएगा, पता नहीं चुनाव में और क्या क्या होगा

लो भइया अंतिम चरण आ गया। यह अइसा चुनाव है कि बड़े बड़ों के छक्के छुड़ा देता है। आखिर पब्लिक के साथ आपका कैसा रिश्ता रहा है, यह तो इसी किस्म के चुनाव में साफ होता है। रांची से लेकर मरकच्चों तक सब लोग परेशान हैं। दादा-दादी, नाना-नानी, चाचा-चाची…

राजस्व संग्रह पर ध्यान देना जरूरी पूर्व की योजनाओं को पूरा करे सरकार

मुख्यमंत्री ने अब पहली बार कोष यानी सरकारी राजस्व के संग्रह की तरफ ध्यान दिया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से राजस्व संग्रह में तेजी लाने को कहा है। इस बीच बहुत कम लोगों को इस बात की जानकारी है कि सरकार इनदिनों पैसे की कमी से जूझ रही है।…

टीकाकरण से मौत पर झारखंड राज्य सरकार की स्वास्थ्य नीति पर सवाल

पलामू का मामला सुलझा नहीं कि गुमला में भी टीकाकरण के दौरान बच्चे की मौत का मामला सामने आ गया। इस किस्म की घटनाओं से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था फिर से सवालों के घेरे में खड़ी हो गयी है। मानकों में झारखंड को बेहतर स्थान प्राप्त होने के बाद इन…

देश में वाहनों पर अब प्रतिबंध लगे, बचत के अलावा पर्यावरण के लिए भी जरूरी

देश में अब चीन की कुछ अच्छाइयों से भी सबक लिया जाना चाहिए। यद्यपि चीन ने यह काम दूसरे कारणों से किया था पर उससे चीन को आर्थिक लाभ मिला है। चीन की जिस अच्छाई को अब भारतवर्ष में कड़ाई के साथ लागू किया जाना चाहिए, वह है वाहनों की निरंतर बढ़ती…

सिर्फ बिटक्वाइन नहीं शेयर बाजार पर भी सरकार की पूरी नजर रहे

भारत सरकार की कड़ाई के बाद अब बिटक्वाइन नामक आभाषी मुद्रा भारत छोड़ने की तैयारी में है। सरकार का यह फैसला काबिलेतारीफ है। सरकार को ऐसे बेबुनियाद मुद्रा के साथ साथ फर्जी आंकड़ों के साथ बाजार को प्रभावित करने वाली उन कंपनियों पर भी कार्रवाई करनी…

पैसा कहां गया पता लगाने के लिए बैंकों का आंतरिक अनुशासन जरूरी

देश की जनता का आखिर कितना पैसा बैंकों के माध्यम से पूंजीपतियों तक गया, यह नहीं मालूम। बैंकों का कितना पैसा इन पूंजीपतियों के माध्यम से बट्टे खाते में चला गया, वह भी नहीं मालूम। आम जनता को सिर्फ इतना पता है कि विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे…

एक मुट्ठी नमक पर एकजुट हो गया था पूरा देश, बापू ने अंग्रेजों की दी थी सीधी चुनौती

सात मार्च को गिरफ्तार किये गये थे पटेल अस्सी हजार लोग किये गये गिरफ्तार दमन और उत्पीड़न के बीच हुआ कार्यक्रम एजेंसियां नयी दिल्ली : बापू यानी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नमक सत्याग्रह सिर्फ नमक भर का आंदोलन नहीं था। इस आंदोलन के बहाने…

फिर जहर उगला हाफिज ने, पाकिस्तान की निरंतर बिगड़ती राजनैतिक स्थिति

पाकिस्तान की राजनीति में सक्रिय दखल देने की इच्छा जाहिर कर चुके हाफिज सईद ने फिर से भारत के खिलाफ युद्ध का आह्वान किया है। हाफिस से ऐसे ही बयान की उम्मीद भी थी। यह अलग बात है कि बार बार की परेशानियों से तंग आ चुकी पाकिस्तानी अवाम भी अब इस…

कृत्रिम बारिश की सूचना के बाद चीन पर भारत को नजर रखना चाहिए

नई सूचना है कि अब चीन अपने कब्जे वाले तिब्बत में कृत्रिम बारिश कराना चाहता है। पहले ही इस बात की सूचना सार्वजनिक हो चुकी है कि चीन ब्रह्मपुत्र यानी अपने इलाके की वारलुंग त्सांगपो नदी का पानी अपने रेगिस्तानी इलाकों में ले जाना चाहता है। पहली…

निजी जीवन में ताक झांक सुरक्षा समस्या, मोबाइल और इंटरनेट से खतरा

जिस तकनीक का आविष्कार इंसान की भलाई के लिए किया गया था, आज वही व्यक्ति की सुरक्षा समस्या के तौर पर सामने आ रहा है। मोबाइल फोन और इंटरनेट से आम आदमी के निजी जीवन में भी ताक झांक की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जो आने वाले दिनों में भारतीय…