fbpx Press "Enter" to skip to content

कनाडा की छह वर्षीय ब्रेन डेड बालिका को अमृतसर में मिला जीवनदान

अमृतसरः कनाडा की छह वर्षीय बालिका अंबर को अमृतसर में

‘नव जीवन’ मिला है। वर्ष 2016 में कनाडा में डेंटिस्ट की लापरवाही से

अंबर का ब्रेन डेड हो गया था। वह बिस्तर पर रहने को विवश हो गई।

आंखें तक खोल नहीं पाती थी। अमृतसर के एक निजी अस्पताल में

अंबर अटवाल का इलाज हुआ और वह अपने कदमों पर खड़ी हो गई।

दरअसल, अंबर अटवाल को दांतों में सड़न की शिकायत थी। कनाडा में

डेटिंस्ट ने उसे जनरल एनेस्थीसिया दिया। इस पर वह अचेत हो गयी।

इसके बाद उसे होश न आया तो डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे ब्रेन डेड

घोषित कर दिया। यह स्थिति परिवार के लिए बेहद पीड़ादायक थी।

परिजनों ने उसे एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया दिया

लेकिन वहां भी उसकी स्थिति में सुधार न हुआ। वर्ष 2017 में अंबर को

रंजीत  एवेन्यू स्थित डॉ. हरजोत न्यूरोसाइकेट्रिक अस्पताल में लाया

गया। बच्ची की बॉडी मूमवेंट बिल्कुल न थी। पेट में आहार पहुंचाने के

लिए फूड पाइप लगाई गई थी। यहां अंबर को फिजिकल रीहैब के साथ

साथ ऑक्यूपेशनल थेरेपी, फिजियोथेरेपी, नर्व ग्रोथ फैक्टर दिए गए।

इसके अलावा काग्नेटिव ट्रीटमेंट किया गया। बच्ची ने अस्पताल में

दाखिल होने के 10 दिन बाद ही आंखें खोल दी और गर्दन का भार भी

उठाने में सक्षम हो गई। बालिका का इलाज करने वाले डॉ. हरजोत

सिंह मक्कड ने कनाडा के डॉक्टर को एक प्रोटोकॉल स्टैंडर्ड बनाकर

दिया है। इसके अनुसार वहां उसकी देखरेख की जा रही है।

कनाडा की यह बच्ची अभी अमृतसर में ही है

अंबर अटवाल अमृतसर में है। डॉ. मक्कड़ के अनुसार जब बच्ची का ब्रेन

डेड हुआ था तो कनाडा के डॉक्टर ने स्पष्ट कह दिया था कि अब यह कभी

ठीक नहीं हो पाएगी। हम हर बार स्टैंडर्ड प्रोटेकॉल तैयार कर अंबर के

कनाडा में बैठे डॉक्टर को भेजते है। अंबर की मां अमिंदर कौर अटवाल

एवं पिता रमनदीप दीप सिंह अटवाल ने मंगलवार को पत्रकारों से बात

चीत में कहा कि अंबर का ब्रेन डेड होने के बाद हम गहरे सदमे में थे।

कनाडा में 17 दिन तक वह वेंटिलेटर में रही, पर कोई सुधार नहीं हुआ।

ऐसे में हमने डॉ. हरजोत मक्कड़ से संपर्क कर बच्ची का उपचार करने

की गुहार लगाई। डॉ. मक्कड़ ने हमें विश्वास दिया था कि वह अंबर को

उनके पास ले आए, वह उसे ठीक कर देंगे।

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »

3 Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!
Open chat