2020 तक इंटरनेट ऐप्स से देश की इकॉनमी को मिलेगा 18 लाख करोड़ रुपये

इंटरनेट ऐप्स की वजह से साल 2015-16 में भारत की जीडीपी में 1.4 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है।

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इंटरनेट ऐप्स की वजह से साल 2015-16 में भारत की जीडीपी में 1.4 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। यह दावा शुक्रवार को जारी की गई एक स्टडी रिपोर्ट का है। स्टडी में अनुमान लगाया गया है कि 2020 तक देश की जीडीपी में इंटरनेट ऐप्स की मदद से 18 लाख करोड़ रुपये बढ़ने की संभावना है। यह रिपोर्ट किसी और ने नहीं बल्कि खुद दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने जारी की है।शुक्रवार को टेलिकॉम मिनिस्टर ने कहा कि क्योंकि डेटा इंडस्ट्री को चला रहा है, ऐसे में मंत्रालय ने भी जनता के नजरिए से वर्तमान टेलिकॉम पॉलिसी को फिर से देखने की पहल की है। यह स्टडी रिपोर्ट इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनैशनल इकनॉमिक रिलेशन (ICRIER) और ब्रॉडबैंड इंडिया फोरम ने तैयार की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश की अर्थव्यवस्था में इंटरनेट के योगदान में आधे से ज्यादा सिर्फ इंटरनेट ऐप्स की वजह से ही होगा।

रिपोर्ट में कहा गया, ‘देश की जीडीपी में साल 2020 तक इंटरनेट इकनॉमी का 537.4 बिलियन डॉलर का योगदान होगा, जिसमें कम से कम 270.9 बिलियन डॉलर सिर्फ इंटरनेट ऐप्स की वजह से होगा। क्योंकि इंटरनेट का पूरा इस्तेमाल ऐप बेस्ड नहीं है, ऐसे में हम भारत में इंटरनेट इकॉनमी के लिए ऐप्लिकेशन के योगदान पर धारणाओं का उपयोग करते हुए अनुमान को कम करते हैं।’ ऐप्स या ऐप्लिकेशन ज्यादातर स्मार्टफोन पर इस्तेमाल होती हैं।सिस्को (CISCO) के अनुमान के मुताबिक, 2015 में नॉन-पीसी डिवाइस से इंटरनेट ट्रैफिक 28 पर्सेंट था। जानकारों का मानना है कि नॉन पीसी या मोबाइल इंटरनेट यूज का 70 प्रतिशत ट्रैफिक ऐप्लिकेशन आधारित है, जिसकी वजह से 2015-16 में देश की अर्थव्यवस्था में 20.4 बिलियन डॉलर का योगदान था। इसमें ऑफलाइन ऐप्स का योगदान जोड़ें तो आंकड़ा और ऊपर जा सकता है।

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